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फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा

  • भारत-फ्रांस संबंध
  • यूरोपीय महाद्वीप में फ्रांस, भारत का एक प्रमुख सामरिक साझेदार है।
  • दोनों देशों के मध्य सामरिक साझेदारी का निर्माण वर्ष 1998 में हुआ था।
  • रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष सहयोग तथा असैन्य नाभिकीय सहयोग दोनों देशों की सामरिक साझेदारी के तीन प्रमुख स्तंभ हैं।
  • सहयोग के इन पारंपरिक क्षेत्रों के अतिरिक्त भारत एवं फ्रांस जलवायु परिवर्तन, सतत वृद्धि एवं विकास, इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसे सहयोग के नए क्षेत्रों में उत्तरोत्तर संलग्न हैं।
  • व्यापारिक संबंध
  • अप्रैल, 2016 से मार्च, 2017 तक की अवधि में भारत एवं फ्रांस के मध्य द्विपक्षीय व्यापार 10.95 बिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच गया।
  • अप्रैल, 2000 से अक्टूबर, 2017 तक 6.09 बिलियन डॉलर के संचयी निवेश (Cumulative Investment) के साथ फ्रांस, भारत में 9वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।
  • भारत में लगभग 1000 âांसीसी कंपनियां मौजूद हैं तथा लगभग  120 भारतीय कंपनियों ने फ्रांस में 1 बिलियन यूरो से अधिक का निवेश किया है।
  • द्विपक्षीय यात्राएं
  • वर्ष 2012-2017 तक फ्रांस के राष्ट्रपति रहे फ्रांस्वा ओलांद ने पद पर रहते हुए दो बार भारत की आधिकारिक यात्रा संपन्न की थी।
  • फरवरी, 2013 में श्री ओलांद ने एशिया में अपनी द्विपक्षीय यात्रा के लिए पहले देश के रूप में भारत को चुना था।
  • पुनः श्री ओलांद 24-26 जनवरी, 2016 के दौरान भारत की राजकीय यात्रा पर रहे थे।
  • अपनी इस यात्रा के दौरान श्री ओलांद भारत के 67वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अप्रैल, 2015 में फ्रांस का सफल आधिकारिक दौरा किया था, जो किसी यूरोपीय देश की उनकी प्रथम यात्रा थी।
  • इमैनुएल मैक्रों के फ्रांस के राष्ट्रपति चुने जाने के तत्काल बाद श्री मोदी ने पुनः जून, 2017 में फ्रांस का दौरा संपन्न किया था।
  • सद्यः यात्रा
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 9-12 मार्च, 2018 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहे।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में भारत और फ्रांस अपनी सामरिक साझेदारी की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
  • इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री एवं फ्रांस के राष्ट्रपति के मध्य द्विवार्षिक शिखर बैठकों का आयोजन किए जाने पर सहमति बनी, जिससे सामरिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाया जा सके।
  • भारत-फ्रांस संयुक्त घोषणा-पत्र
  • 10 मार्च, 2018 को भारतीय प्रधानमंत्री एवं फ्रांस के राष्ट्रपति के मध्य नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई, जिसके पश्चात 53 बिंदुओं वाला एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया।
  • संयुक्त वक्तव्य के प्रमुख बिंदु निम्नवत हैं –
  •  (i)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 नवंबर, 2018 को पेरिस में आयोजित होने वाले प्रथम विश्व युद्ध शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में भारत के हिस्सा लेने की इच्छा व्यक्त की गई।
  •   (ii) दोनों नेताओं ने अप्रैल, 2017 में फ्रांस में आयोजित वरुण नौसैनिक अभ्यास के सफल संचालन का स्वागत किया।
  •  (iii) 10-11 मार्च, 2018 को नई दिल्ली में अनुसंधान एवं उच्च शिक्षा पर प्रथम भारत-फ्रांस सम्मेलन ‘नॉलेज समिट’ (Knowledge Summit) के आयोजन का स्वागत किया गया।
  •  (iv)वर्ष 2020 में भारत, ‘फ्रांसीसी पुस्तक मेले’ (French Book Fair) के 42वें संस्करण में ‘विशिष्ट अतिथि देश’ (Guest of Honour) के रूप में प्रतिभाग करेगा। इसके प्रतिउत्तर में वर्ष 2022 में फ्रांस ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ में विशिष्ट अतिथि देश के रूप में भाग लेगा।
  • हस्ताक्षरित समझौते
  • फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान कुल 14 समझौते/समझौता-ज्ञापन हस्ताक्षरित हुए, जिनका विवरण निम्नवत है –
  • (i)  नशीली दवाओं, मनोवैज्ञानिक पदार्थों आदि के अवैध सेवन की रोकथाम और अवैध परिवहन में कमी लाने हेतु समझौता।
  • (ii) भारत-फ्रांस प्रवासन (Migration) तथा गतिशीलता भागीदारी (Mobility Partnership) समझौता।
  • (iii) अकादमिक योग्यताओं को परस्पर मान्यता प्रदान करने की सुविधा के लिए समझौता।
  • (iv)रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।
  • (v) एक स्थायी भारत-फ्रांस रेलवे फोरम के निर्माण के लिए आशय-पत्र।
  • (vi)दोनों देशों के सशस्त्र बलों के मध्य पारस्परिक लॉजिस्टिक्स सहयोग के प्रावधान के संबंध में समझौता।
  • (vii)पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।
  • (viii)सतत शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता।
  • (ix) वर्गीकृत या संरक्षित जानकारी के विनिमय और पारस्परिक संरक्षण पर समझौता।
  • (x) एक समुद्री जागरूकता मिशन के पूर्व-निर्माण अध्ययन के लिए भारत के इसरो एवं फ्रांस के CNES के मध्य व्यवस्था का कार्यान्वयन।
  • (xi) भारत के NPCIL तथा फ्रांस के EDF के मध्य आगे के औद्योगिक मार्ग के लिए समझौता।
  • (xii)जल विज्ञान और समुद्री मानचित्रण के मामले में सहयोग पर भारत और फ्रांस  के बीच द्विपक्षीय व्यवस्था।
  • (xiii)एक चुनौती प्रक्रिया के माध्यम से स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए 100 मिलियन यूरो का ऋण सुविधा समझौता।
  • (xiv)भारत के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) और फ्रांस के नेशनल सोलर एनर्जी इंस्टीट्यूट (INES) के बीच समझौता-ज्ञापन।
  • अन्य प्रमुख तथ्य
  • 11 मार्च, 2018 को फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ (International Solar Alliance) के संस्थापना सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की।
  • 11 मार्च को ही राष्ट्रपति मैक्रों ने आगरा की निजी यात्रा की।
  • 12 मार्च, 2018 को प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति मैक्रों ने मिर्जापुर जिले में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र (75MW) का उद्घाटन किया।
  • यह संयंत्र फ्रेंच कंपनी ENGIE द्वारा लगभग 500 करोड़ रु. की लागत से निर्मित है।
  • इस संयंत्र के तहत लगभग 1,18,600 सौर पैनल दादर कलां गांव में 380 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं।
  • इस सौर ऊर्जा संयंत्र द्वारा प्रतिवर्ष 15.6 करोड़ यूनिट विद्युत का उत्पादन किया जाएगा।
  • उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दोनों नेताओं द्वारा दीन दयाल हस्तकला संकुल का भी दौरा किया गया।
  • प्रधानमंत्री मोदी एवं राष्ट्रपति मैक्रों वाराणसी में असी घाट से नौका द्वारा दशाश्वमेध घाट तक गए।
  • लेखक-सौरभ मेहरोत्रा