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प्रवासी सांसद सम्मेलन

  • वर्तमान परिदृश्य
  • 9 जनवरी, 2018 को भारत सरकार द्वारा प्रवासी भारतीय केंद्र, नई दिल्ली में प्रथम ‘प्रवासी सांसद सम्मेलन’ (Pio-Parliamentarian Conference) का आयोजन किया गया।
  • उद्देश्य
  • सम्मेलन का उद्देश्य पूरे विश्व में भारतीय मूल के व्यक्तियों के साथ प्रगाढ़ संबंधों की स्थापना करना था।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
  • सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, फिजी, केन्या, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, श्रीलंका सहित 23 देशों के लगभग 124 सांसद और 17 महापौर शामिल हुए।
  • सम्मेलन में सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल गुयाना का था जिसमें 20 सांसद और 3 महापौर शामिल थे।
  • सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल में केवल 2 महापौर शामिल थे।
  • सम्मेलन के विषयगत दो पूर्ण सत्र थे-
  •  ‘प्रवासी सांसद : संघर्ष से संसद तक यात्रा’ (PIO Parliamentarians : A Journey from Struggle to Parliament) और ‘पुनरुत्थानशील भारत : प्रवासी सांसदों की भूमिका’ (Resurgent India : Role of Pio Parliamentarians)।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • भारत में प्रतिवर्ष 9 जनवरी को महात्मा गांधी के एक प्रवासी के तौर पर दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के उपलक्ष्य में प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है।
  • वर्तमान में लगभग 3.12 करोड़ (31.2 मिलियन) प्रवासी भारतीय पूरे विश्व में बसे हुए हैं।
  • इसमें से 1.34 करोड़ (13.4 मिलियन) व्यक्ति भारतीय मूल के हैं और 1.78 करोड़ (17.8 मिलियन) व्यक्ति अनिवासी भारतीय हैं।
  • वर्तमान में मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगनौथ (Pravind Jugnauth), पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा और आयरलैंड के प्रधानमंत्री लिओ वारडकर भारतीय मूल के हैं।

लेखक-नीरज ओझा