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नौवां भारतीय अंगदान दिवस

Ninth Indian organ donation day
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 27 नवंबर, 2018 को नई दिल्ली में नौवां ‘भारतीय अंगदान दिवस’ का आयोजन किया गया।
  • इसका आयोजन राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) द्वारा किया गया।
  • इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, अनुप्रिया पटेल, डॉ. सी. विजय भास्कर (स्वास्थ्य मंत्री, तमिलनाडु), प्रीती सुदान (सचिव, स्वास्थ्य), डॉ. आर.के. वत्स (अवर सचिव, स्वास्थ्य) और डॉ. एस.वेंकटेश (डीजीएचएस) उपस्थित थे।
  • उद्देश्य
  • इस भारतीय अंगदान दिवस का उद्देश्य अंगदान को बढ़ावा देना और लोगों की भागीदारी व जागरूकता को सुनिश्चित करना है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • तमिलनाडु को चौथी बार अंगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया।
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  • तमिलनाडु देश का पहला राज्य है, जिसने इस संदर्भ में कई पहलों की शुरुआत की है, जैसे- मस्तिष्क स्टेम मृत्यु का प्रमाण-पत्र बनाना, अंग वितरण को सुव्यवस्थित करना और आवागमन के लिए हरित कॉरिडोर निर्धारित करना आदि।
  • अंगदान पर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला।
  • एआईएमएस, कोच्चि के डॉ. सुबमनिआ लियर के. अय्यर को देश में पहला हाथ प्रत्यारोपण (Hand transplant) करने के लिए सम्मानित किया गया।
  • पुणे के डॉ. शैलेश पुंटमबेकर को भारत में पहला गर्भाशय प्रत्यारोपण (Uterine Transplant) करने के लिए सम्मानित किया गया।
  • भारत में मृतकों से प्राप्त अंगों में से केवल 23 प्रतिशत अंगों का ही प्रत्यारोपण हो पा रहा है।
  • अन्य तथ्य
  • किसी जीवित या मृत व्यक्ति के शरीर का ऊतक या कोई अंगदान करना अंगदान (Organ Donation) कहलाता है। यह ऊतक या अंग किसी दूसरे जीवित व्यक्ति के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है।
  • भारत में कार्निया दान की स्थिति बहुत अच्छी है किंतु ‘मस्तिष्क मृत्यु’ के बाद किए जाने वाले अंग दान में प्रगति बहुत धीमी है।

लेखक-सुधांशु पाण्डेय