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नासा द्वारा पार्कर सोलर (सौर) प्रोब का प्रक्षेपण

NASA's Insight Mission
  • वर्तमान संदर्भ
  • 12 अगस्त, 2018 को अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा (NASA) द्वारा पार्कर सोलर प्रोब का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया।
  • यह प्रक्षेपण, फ्लोरिडा स्थित केप केनेवेरल एयरफोर्स स्टेशन के स्पेस लांच कॉम्प्लेक्स (केनेडी स्पेस सेंटर) से यूनाइटेड लांच एलायंस के डेल्टा IV हेवी अपरस्टेज प्रक्षेपण यान से किया गया।
  • पार्कर सोलर प्रोब नासा द्वारा पहली बार सूर्य को इतने निकट जाकर उसके अध्ययन हेतु प्रक्षेपित मिशन है।
  • अंतरिक्ष यान का नामकरण




  • इस अंतरिक्ष यान का नामकरण अमेरिकी खगोलविद व भौतिक विज्ञानी यूजीन पार्कर के नाम पर किया गया है।
  • ज्ञातव्य है कि यूजीन पार्कर ने ही वर्ष 1958 में सर्वप्रथम सौर पवन (Solar winds) के अस्तित्व संबंधी सिद्धांत का प्रतिपादन किया था।
  • उद्देश्य
  • सौर पवन के स्रोतों पर प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र की संरचना और गतिशीलता का पता लगाना।
  • उस ताप का पता लगाना, जो प्रभामंडल (Co-rona) को ताप देती है और सौर पवनों को गति प्रदान करती है।
  • क्रियाप्रणाली
  • एक छोटी कार के आकार वाले पार्कर सोलर प्रोब की मिशन अवधि 7 वर्ष (जून, 2025) होगी।
  • पार्कर सोलर प्रोब लगभग 7 वर्षों में शुक्र ग्रह के निकट से 7 बार गुजरकर निकलेगा तथा सूर्य के 24 चक्कर लगाएगा।




  • यह अंतरिक्ष यान सूर्य के नजदीक पहुंचने के लिए शुक्र ग्रह के गुरुत्वाकर्षण की मदद लेगा।
  • पार्कर सोलर प्रोब में चुंबकीय क्षेत्र, प्लाज्मा एवं ऊर्जावान कणों के अध्ययन और सौर पवन का चित्र लेने के लिए चार उपकरण संलग्न हैं।
  • सूर्य की ऊष्मा से अंतरिक्ष यान को सुरक्षा प्रदान करने के लिए यान में 4.5 इंच मोटी कार्बन मिश्रित हीटशील्ड [विशेष ‘थर्मल प्रोटेक्सन सिस्टम’ – (Thermal Protection System – TPS) ़लगी है, जो फाइबर एवं ग्रेफाइट से निर्मित की गई है।
  • जिसकी बाह्य सतह 2500 डिग्री फॉरेनहाइट या 1370 डिग्री सेल्सियस तक ताप सहन करने में सक्षम है।
  • सूर्य की परिक्रमा के दौरान पार्कर सोलर प्रोब की सूर्य से निकटतम दूरी 3.8 मिलियन मील होगी एवं गति 430,000 मिलियन मील/घंटा होगी, जो मानव निर्मित वस्तु की सर्वाधिक गति का रिकॉर्ड होगा।
  • उल्लेखनीय है कि अभी तक सूर्य के सबसे निकट उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड हेलियोस-2 अंतरिक्ष यान के नाम था जिसने वर्ष 1976 में सूर्य की सतह से 27 मिलियन मील की दूरी तक उड़ान भरी थी।
  • अंतरिक्ष यान के वैज्ञानिक उपकरणों एवं संचालन यंत्रों को थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम शील्ड के पीछे व्यवस्थित किया गया है, जिससे अंतरिक्ष यान के यंत्र सूर्य की ऊष्मा/ताप से प्रभावित न हो।




  • संभावित लाभ
  • सूर्य व उसकी सबसे बाह्य परत कोरोना तथा सौर पवनों व भू-चुंबकीय तूफानों के सिद्धांतों को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।
  • सूर्य पृथ्वी पर जीवन हेतु प्रकाश तथा ऊष्मा का स्रोत है, इसका बेहतर अध्ययन पृथ्वी पर जीवन के विकास को समझने में सहायक होगा।
  • संबंधित अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • पार्कर सोलर प्रोब नासा के ‘लिविंग विथ ए स्टार’ कार्यक्रम का एक हिस्सा है।
  • पार्कर सोलर प्रोब नासा के ‘लांच सर्विसेज प्रोग्राम’ का वर्ष 2018 में चौथा मिशन था।
  • सर्वप्रथम कॉपरनिकस ने यह सिद्धांत प्रतिपादित किया था कि सूर्य ब्रह्मांड के केंद्र में है तथा पृथ्वी इसकी परिक्रमा करती है।
  • सूर्य की ऊर्जा नाभिकीय संलयन द्वारा उत्पन्न होती है।
  • यदि सोलर प्रोब अंतरिक्ष यान की गति वाला वायुयान बनाया जाए,  तो लंदन से टोक्यो की दूरी 1 मिनट में पूरी की जा सकती है।
  • पार्कर सोलर प्रोब के आंकड़े दिसंबर के प्रारंभ से मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी भी एक ऐसे ही सोलर प्रोब का निर्माण कर रही है, जिसका नाम सोलर आर्बिटर (Solo) रखा है।