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जी-20 : डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रिस्तरीय बैठक

G-20: Digital Economy Ministerial Meeting
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 23 – 24 अगस्त, 2018 के मध्य डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक साल्टा, अर्जेंटीना में आयोजित हुई।
  • इस बैठक का विषय ‘निष्पक्ष एवं धारणीय विकास हेतु सर्वसम्मति का निर्माण’ था।
  • यह बैठक जी-20 देशों द्वारा डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों और कार्य प्रणालियों को अपनाने पर प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए संपन्न हुई।
  • बैठक के प्रतिभागी
  • इस बैठक में 33 प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने शिरकत की, जिसमें मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि सहित यूरोपियन यूनियन, अंकटाड और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
  • बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना तकनीक और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया।
  • प्रमुख मुद्दे
  • बैठक के तीन प्रमुख मुद्दे- भविष्य की कार्यप्रणाली, विकास के लिए आधारभूत संरचना और भविष्य की खाद्य सुरक्षा थे।
  • साइबर सुरक्षा, डाटा सुरक्षा, विकास के लिए नवाचार अन्य प्रमुख मुद्दे रहे।
  • प्रमुख गतिविधियां
  • बैठक के दौरान जी-20 देशों ने डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्यदल के गठन पर विचार-विमर्श किया। इस कार्यदल के माध्यम से उन परिस्थितियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे सदस्य देशों की सरकारों, निजी क्षेत्रों एवं नागरिक समाज को डिजिटलीकरण द्वारा अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सके।
  • बैठक का एक अहम मुद्दा डिजिटलीकरण में लिंग अंतराल को कम करते हुए, डिजिटल समावेशन को सुनिश्चित करना था।
  • इसके अतिरिक्त बैठक में डिजिटल सरकार, डिजिटल आधारभूत संरचना और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मापने जैसे अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
  • जी-20 की बैठक में सदस्य देशों ने भारत सरकार द्वारा डिजिटल प्रौद्योगिकी के समावेशी उपयोग द्वारा लोगों को सशक्त बनाने के प्रयास को प्रदर्शित करने की अनुमति दी।
  • भारत और डिजिटल अर्थव्यवस्था
  • भारत एक विशाल डिजिटल अर्थव्यवस्था वाला देश है, जिसके अगले 3 से 5 वर्षों में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।
  • गौरतलब है कि भारत की विशाल डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत की सूचना कंपनियों (आईटी कंपनियां) का अहम योगदान है। ये कंपनियां लगभग 80 देशों के 200 शहरों तक फैली हुई हैं।
  • भारतनेट परियोजना के माध्यम से देश के 250,000 गांव समूहों तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी द्वारा ब्रॉडबैंड इंटरनेट उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
  • वर्तमान में, भारत में 1.21 बिलियन मोबाइल फोन हैं, जिसमें 450 मिलियन स्मार्टफोन हैं। इसके साथ ही लगभग 500 मिलियन इंटरनेट उपभोक्ता हैं।
  • डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के साथ ही भारत साइबर हमलों, डाटा चोरी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से चुनावों को प्रभावित करने, आंतरिक सुरक्षा को खतरा और आतंकवाद के बढ़ने जैसी चुनौतियों का भी सामना कर रहा है।

लेखक-धीरेन्द्र त्रिपाठी