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छत्तीसगढ़ : आदिवासी परिपथ विकास परियोजना

October 25th, 2018
Chhattisgarh: Tribal Circuit Development Project
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 14 सितंबर, 2018 को केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के.जे. अल्फोंस ने छत्तीसगढ़ के गंगरेल में स्वदेश दर्शन योजना के तहत पहली आदिवासी परिपथ विकास परियोजना (Development of Tribal Circuit) का उद्घाटन किया।
  • उद्देश्य
  • इस परिपथ का उद्देश्य सांस्कृतिक संवेदनशीलता, वहनीय क्षमता और प्राकृतिक परिवेश और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर उचित  फोकस देते हुए अत्यधिक जिम्मेवार तरीके से इन जनजातीय क्षेत्रों का विकास और संवर्धन करना है।
  • महत्वपूर्ण बिंदु
  • फरवरी, 2016 में पर्यटन मंत्रालय ने 99.21 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘आदिवासी परिपथ विकास परियोजना’ को मंजूरी दी थी।




  • इस योजना के दायरे में छत्तीसगढ़ के जशपुर, कंकुरी, मैनपत, कमलेशपुर, महेशपुर, कुर्दर, गंगरेल, कोंडागांव, सरोदाददार, नाथियां, नवागांव, जगदलपुर, चित्रकूट और तीर्थगढ़ सहित तेरह शहर (Sites) शामिल हैं।
  • वर्तमान समय तक स्वदेश दर्शन योजना के तहत पर्यटन मंत्रालय (Ministary of tourism) ने 31 राज्यों और संघीय क्षेत्रों में 5997.47 करोड़ रुपये की लागत की 74 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
  • आदिवासी परिपथ परियोजना (Tribal Circuit Project) के तहत पर्यटन मंत्रालय ने नगालैंड, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 381.37 करोड़ रुपये की लागत से 4 योजनाओं को मंजूरी दी है।
  • जनजाति और जनजातीय संस्कृति का विकास पर्यटन मंत्रालय के लिए फोकस का प्रमुख क्षेत्र है।




  • आदिवासी परिपथ परियोजना के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख घटकों में इको लॉग झोपड़ियां (Eco log huts), क्रॉफ्ट हॉट्स, स्मारिका दुकान/कियोस्क (Souvenir Shops/ Kiosk), पर्यटक स्वागत (Tourist reception) और सुविधा केंद्र, खुले एम्फीथिएटर, जनजातीय व्याख्या केंद्र (Tribal Interpretation centres), कार्यशाला केंद्र, पर्यटक सुविधा केंद्र, मार्ग साइड सुविधाएं, दृष्टिकोण, प्रकृति के निशान (Nature trails), सौर रोशनी (Solar illuminations), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इत्यादि शामिल हैं।
  • इन घटकों को मौजूदा पर्यटक सुविधाओं में सुधार और समग्र पर्यटन अनुभव की वृद्धि में कारगर माना जाता है।
  • स्वदेश दर्शन योजना
  • जनवरी, 2015 में पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा थीम आधारित पर्यटक परिपथों के एकीकृत विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना का शुभारंभ किया गया था। इसका उद्देश्य विविध थीम आधारित परिपथों एवं तीर्थस्थलों में आधारभूत संरचना का विकास करके पर्यटन को आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन के एक बड़े वाहक के रूप में स्थापित करना।




  • इस योजना के तहत 13 थीम आधारित परिपथों की पहचान की गई है, ये परिपथ हैं- पूर्वोत्तर भारत परिपथ, बौद्ध परिपथ, हिमालय परिपथ, तटीय परिपथ, कृष्ण परिपथ, मरुस्थल परिपथ, जनजातीय परिपथ, वन्यजीव परिपथ, ग्रामीण परिपथ, आध्यात्मिक परिपथ, रामायण परिपथ, धरोहर परिपथ एवं इको परिपथ।

लेखक-सुधांशु पांडे

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