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छठां द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2017-18

March 6th, 2018
  • मौद्रिक नीति
  • किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में मौद्रिक नीति वह उपकरण है जिसके माध्यम से केंद्रीय बैंक तरलता तथा साख सृजन को नियंत्रित कर अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता को बनाए रखने तथा उच्च विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करता है। भारत में मौद्रिक नीति का प्रयोग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है। वर्तमान में मौद्रिक नीति निर्माण का कार्य ‘मौद्रिक नीति समिति’ (MPC) द्वारा किया जा रहा है।
  • मौद्रिक नीति समिति
  • RBI संशोधन अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत मौद्रिक नीति समिति का प्रावधान किया गया है। इस समिति में RBI के गवर्नर सहित कुल छः सदस्य हैं। मौद्रिक नीति समिति के निर्णय RBI पर बाध्यकारी हैं।
  • इस समिति के निर्माण का मुख्य उद्देश्य देश में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण के साथ आर्थिक संवृद्धि को प्रोत्साहन देना तथा मौद्रिक नीति को अधिक दक्ष उपयोगी एवं पारदर्शी बनाना है।
  • वर्तमान मौद्रिक नीति
  • 7 फरवरी, 2018 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली ‘मौद्रिक नीति समिति’ (Monetary Policy Committee : MPC) द्वारा ‘छठां द्वैमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य, 2017-18’ (Sixth Bi-Monthly Monetary Policy Statement, 2017-2018) जारी किया गया।
  • मौद्रिक नीति समिति द्वारा जारी वर्तमान मौद्रिक नीति वक्तव्य, वित्तीय वर्ष 2017-18 की छठवीं (अंतिम) तथा कुल 9वीं मौद्रिक नीति है।
  • मौद्रिक नीति समिति द्वारा जारी वर्तमान नीतिगत दरें :
  • मौद्रिक नीति समिति द्वारा घोषित छठवीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति में ‘चलनिधि समायोजन सुविधा’ (LAF) के अंतर्गत नीतिगत दरों यथा रेपो दर (Repo Rate), रिवर्स-रेपो दर (Re-Repo Rate), बैंक दर (Bank Rate) तथा एमएसएफदर (MSF Rate) में कोई परिवर्तन न करते हुए इसे पूर्व स्तर (क्रमशः 6%, 5.75%, 6.25% तथा 6.25%) पर ही बनाए रखा गया है।
  • आरक्षित अनुपातों सीआरआर (CRR) तथा एसएलआर (SLR) में भी कोई परिवर्तन न करते हुए के स्तर (4.00% एवं 19.5%) पर ही बनाए रखा गया है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • वित्तीय वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति 5.1 प्रतिशत अनुमानित (जिसमें एचआरए वृद्धि का प्रभाव भी शामिल है) है, जबकि पांचवीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति में यह तीसरी एवं चौथी तिमाहियों के लिए 4.3 – 4.7 प्रतिशत के दायरे में अनुमानित थी।
  • वास्तविक परिणामों  के मामले में हेडलाइन मुद्रास्फीति तीसरी तिमाही में औसतन 4.6 प्रतिशत रही, जिसका मुख्य कारण नवंबर में खाद्य कीमतों में असाधारण वृद्धि थी।
  • वर्ष 2017-18 के लिए वास्तविक जीवीए (Real GVA) वृद्धि 6.6 प्रतिशत अनुमानित है।
  • घरेलू मोर्चे पर सीएसओ (CSO) द्वारा जारी प्रथम अग्रिम अनुमानों (Ist A.E.) के अनुसार, वास्तविक जीवीए वृद्धि का वर्ष 2016-17 के 7.1 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2017-18 में 6.1 प्रतिशत होने का अनुमान है।
  • वास्तविक जीवीए की दर में कमी का मुख्य कारण कृषि और संबद्ध कार्य-कलापों, खनन और उत्खनन, विनिर्माण तथा लोक-प्रशासन और रक्षा सेवाओं में कमी होना था।
  • वाणिज्यिक वाहन के विक्रय ने दिसंबर, 2017 में आठ वर्ष के उच्च स्तर को छुआ।
  • वर्ष 2018-19 के जीवीए वृद्धि का कुल अनुमान समान रूप से संतुलित जोखिमों के साथ पहली छमाही में 7.3 – 7.4 प्रतिशत और दूसरी छमाही में 7.1 – 7.2 प्रतिशत की सीमा में 7.2 प्रतिशत है।
  • भारत का विदेशी मुद्रा रिजर्व  2 फरवरी, 2018 को 421.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति स्फीति के पांच सदस्यों ने नीतिगत दरों को बरकरार रखने के पक्ष में मत किया जबकि डा. माइकल देवव्रत पात्र ने नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के लिए मतदान किया।
  • एमपीसी (MPC) की अगली बैठक 4 – 5 अप्रैल, 2018 के मध्य प्रस्तावित है।


लेखक शिवशंकर तिवारी

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