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ओडिशा में विधान परिषद के गठन की स्वीकृति

September 29th, 2018
Acceptance of constitution of Legislative Council in Odisha
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 24 अगस्त, 2018 को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने विधान परिषद के गठन को मंजूरी प्रदान की।
  • संसदीय मामलों के मंत्री विक्रम अरूख ने बताया कि 4 सितंबर, 2018 से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्ताव लाया गया।
  • संरचना
  • प्रस्तावित विधान परिषद में 49 सदस्य होंगे, जिनमें भागतः निर्वाचित और मनोनीत सदस्य हैं।
  • सदस्यों के वेतन और भत्ते वही होंगे, जो विधानसभा के सदस्यों को प्राप्त हैं।
  • सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होगा किंतु प्रत्येक 2 वर्ष के पश्चात 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
  • संविधान के अनुच्छेद 171 के अंतर्गत विधान परिषद के सदस्यों की अधिकतम संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों का एक-तिहाई व न्यूनतम 40 होनी चाहिए।
  • ओडिशा विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या 147 है।
  • विधान परिषद के सदस्यों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष तरीके से निम्नलिखित रीति से किया जाता है-
  •  1/3 सदस्य राज्य के स्थानीय संस्थाओं जैसे- नगरपालिका, नगर निगम व जिला बोर्ड आदि के द्वारा चुने जाते हैं।
  •  1/3 सदस्यों का चुनाव विधानसभा के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
  •  1/12 सदस्यों का निर्वाचन 3 वर्ष पूर्व पूरा कर चुके स्नातकों के द्वारा किया जाता है।
  •  1/12 सदस्य उन अध्यापकों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, जो 3 वर्ष से उच्च माध्यमिक विद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
  •  शेष 1/6 सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत होंगे, जो साहित्य कला, विज्ञान, सहकारी आंदोलन और समाज सेवा का विशेष ज्ञान और अनुभव रखते हैं।
  • मुख्य संवैधानिक प्रावधान
  • संविधान के अनुच्छेद 169, 171(1), 171(2) में विधान परिषद के गठन का प्रावधान है।
  • प्रत्येक राज्य अनुच्छेद 169 के अंतर्गत अपनी इच्छा से विधान परिषद का गठन और उत्सादन कर सकते हैं।
  • विधान परिषद के गठन के लिए राज्य की विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव को संसद के अनुमोदन के लिए भेजा जाता है।
  • संसद के दोनों सदन लोक सभा और राज्य सभा द्वारा सामान्य बहुमत से उक्त प्रस्ताव का अनुमोदन कर राष्ट्रपति के समक्ष हस्ताक्षर के लिए भेज दिया जाता है।
  • राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही विधान परिषद अस्तित्व में आ जाती है।
  • अन्य प्रमुख तथ्य
  • ओडिशा सरकार ने अन्य राज्यों में विधान परिषदों का अध्ययन करने और प्रतिवेदन देने के लिए जनवरी, 2015 में परिवहन मंत्री डॉ. नरुसिंह साहू के नेतृत्व में समिति का गठन किया था।
  • इस समिति ने 3 अगस्त, 2018 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।
  • वर्तमान समय में 7 राज्यों में द्विसदनीय व्यवस्था है। ये हैं- उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और कर्नाटक।
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