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ऑपरेशन समुद्र मैत्री

Operation Samudra Maitri
    • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
    • 3 अक्टूबर, 2018 को भारत सरकार द्वारा इंडोनेशिया गणतंत्र के सुलावेसी प्रांत में आए भूकंप और सुनामी से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन समुद्र मैत्री’ प्रारंभ किया गया।
    • गौरतलब है कि 1 अक्टूबर, 2018 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के मध्य भूकंप और सुनामी के संबंध में टेलीफोन वार्ता हुई थी।
    • ऑपरेशन समुद्र मैत्री : तथ्य
    • 3 अक्टूबर, 2018 को भारतीय वायु सेना द्वारा दो विमानों C-130j और C-17 को इंडोनेशिया के लिए रवाना किया गया।




    • C-130j विमान में एक चिकित्सा दल और साथ में अस्थायी अस्पताल लगाने के लिए आवश्यक सामग्री तथा C-17 विमान में तत्काल सहायता के लिए दवाइयां, जेनरेटर, टेंट और पानी भेजा गया।
    • इसके अतिरिक्त भारतीय नौसेना के तीन जलयानों आईएनएस-तीर, आईएनएस-सुजाता और आईएनएस-शार्दुल को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भेजा गया।
    • इंडोनेशिया में सुनामी
    • 28 सितंबर, 2018 को इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर रिएक्टर स्केल पर 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप के कारण आई सुनामी (समुद्र में उठी छः मीटर ऊंची लहरें) ने प्राकृतिक आपदा के रूप में भारी तबाही मचाई।
    • सुलावेसी द्वीप के प्रमुख शहर पालू और डोंगाला सबसे ज्यादा प्रभावित हुए यहां मरने वालों की संख्या हजारों में है।
    • 3 अक्टूबर, 2018 को भूकंप एवं सुनामी प्रभावित सुलावेसी द्वीप पर स्थित माउंट सोपुतान ज्वालामुखी के फटने से स्थिति और भी ज्यादा असहज हो गई, क्योंकि इससे निकला लावा हवा में 4000 मीटर की ऊंचाई तक फैल गया था।




    • हालांकि सोपुतान ज्वालामुखी पालू शहर से 1000 किमी. दूर स्थित है।
    • क्यों इंडोनेशिया में सुनामी?
    • भौगोलिक रूप से इंडोनेशिया प्रशांत महासागर की अग्नि मेखला (Ring of fire) पर स्थित है, जहां प्रशांत महासागरीय प्लेट और यूरेशियाई प्लेट का अभिसरण होता है। इस अभिसरण से भूकंप और ज्वालामुखी का जन्म होता है, चूंकि इंडोनेशियाई देश द्वीपों में विभक्त है, जिनके चारों ओर महासागर है। अतः इस क्षेत्र में ज्वालामुखी और भूकंप आने से सुनामी की तीव्रता बढ़ जाती है, क्योंकि भूकंप व ज्वालामुखी के आने से धरातल में कंपन उत्पन्न होता है, जिससे समुद्री लहरों की विशालता में वृद्धि होती है, जब यही समुद्री तरंगें तट से टकराती हैं, तो सुनामी कहलाती हैं।
    • इस प्रकार यह क्षेत्र प्राकृतिक आपदा (भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी) की दृष्टि से काफी संवेदनशील है।




  • ध्यातव्य है कि वर्ष 2004 में इंडोनेशियाई द्वीप पर आई सुनामी ने पूरे हिंद महासागर को प्रभावित किया था जिसमें 1,20,000 से अधिक मौतें अकेले इंडोनेशिया में हुई थीं।
  • निष्कर्ष
  • इस प्रकार के मानवीय ऑपरेशन वैश्विक स्तर पर सकारात्मक छवि निर्मित करने में मदद करते हैं, जिसका लाभ महत्वपूर्ण वैश्विक संस्थाओं में प्राप्त होता है साथ ही भारत अपने पड़ोसी देशों से संबंध सुधारने में प्रयासरत है, जिसमें आसियान देश भी शामिल हैं। चूंकि इंडोनेशिया आसियान संगठन का प्रमुख देश है। अतः भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त भारत वैश्विक स्तर पर मानवीय मुद्दों को प्राथमिकता प्रदान करता है। अतः इस प्रकार के ऑपरेशन भारतीय दृष्टिकोण की व्यावहारिकता सिद्ध करते हैं।

लेखक-सचिन कुमार वर्मा