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एडॉप्ट हेरिटेज येाजना

June 30th, 2018
Adopt Heritage Yajana
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 17 जून, 2018 को संस्कृति मंत्रालय द्वारा 4 समझौता-ज्ञापन संबंधी सूचना प्रकाशित की गई।
  • यह समझौता एडॉप्ट हेरिटेज योजना के तहत किए गए हैं।
  • समझौता-ज्ञापन संबंधी क्षेत्र/स्मारक
  • माउंट स्टोक कांगरी ट्रेक रूट- लद्दाख
  • पक्ष-पर्यटन मंत्रलाय
  • जम्मू-कश्मीर सरकार
  • एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI)
  • माउंट-स्टोक कांगरी तथ्य
  • स्टोक कांगरी लद्दाख में स्थित पर्वत चोटी है।
  • स्टोक कांगरी से पर्यटक जास्कर श्रेणी और सिंधु नदी घाटी के आंतरिक दृश्यों का आनंद उठा सकते हैं।
  • वर्तमान में यह पर्वत चोटी पर्यटकों में काफी लोकप्रिय हो रही है।
  • गंगोत्री मंदिर क्षेत्र और ट्रेल (Trail) गोमुख-उत्तराखंड
  • è पक्ष – पर्यटन मंत्रालय
  • è उत्तराखंड सरकार
  • è एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया।
  • गंगोत्री मंदिर क्षेत्र – तथ्य
  • गंगोत्री मंदिर क्षेत्र, गंगोत्री ग्लेशियर का एक भाग है।
  • यह भारत के उत्तराखंड राज्य में है।
  • गंगोत्री ग्लेशियर के गोमुख से भागीरथी नदी का उद्गम होता है।
  • देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा का संगम होता है, जहां से आगे भागीरथी गंगा नदी के नाम से जानी जाती है।
  • धार्मिक और पर्यटन, दोनों दृष्टि से यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है।
  • लाल किला क्षेत्र – दिल्ली
  • पक्ष – पर्यटन मंत्रालय
  • संस्कृति मंत्रालय
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
  • डालमिया भारत लिमिटेड
  • लाल किला-तथ्य
  • यह पुरानी दिल्ली में स्थित है।
  • इसका निर्माण शाहजहां ने करवाया था।
  • स्थापत्य कला इंडो-इस्लामिक है।
  • वर्ष 2007 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हुआ।
  • गांदी कोटा किला (Gandikota Fort)- आंध्र प्रदेश
  • पक्ष – पर्यटन मंत्रालय
  • संस्कृति मंत्रालय
  • भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण
  • डालमिया भारत लिमिटेड
  • गांदी कोटा-तथ्य
  • यह आंध्र प्रदेश के कडप्पा (Kadapa) जिले में पेन्नार नदी के दाहिने तट पर अवस्थित है।
  • इस किले से पेम्मासनी कम्मा वंश (Pemmasani Kamma Dynasty) का शासन संचालित होता था।
  • योजना के बारे में
  • योजना का शुभारंभ विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर, भारत के राष्ट्रपति द्वारा 27 सितंबर, 2017 को किया गया था।
  • योजना का क्रियान्वयन पर्यटन मंत्रालय द्वारा, संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से किया जा रहा है।
  • योजना का उद्देश्य
  • चिह्नित स्मारकों/विरासत स्थलों पर बुनियादी पर्यटन सुविधाओं का विकास करना जैसे- स्वच्छता, हरियाली, स्वच्छ पीने का पानी, सुरक्षा, मनोरंजन के साधन आदि।
  • स्मारक स्थलों के सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहन देना जिससे स्थानीय लोगों की जीविका को सुनिश्चित किया जा सके।
  • विरासत स्थल पर विश्व स्तरीय सुविधाओं का विकास करना जिससे पर्यटकों में आकर्षणपन बना रहे।
  • स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना जिससे रोजगार को विकसित किया जा सके।
  • योजना का कार्य संचालन
  • पर्यटन मंत्रालय स्मारकों की पहचान अपनी सहयोगी संस्थाओं/मंत्रालयों द्वारा करता है।
  • चिह्नित किए गए स्मारकों को विकसित करने का उत्तरदायित्व बोली/नीलामी द्वारा निर्धारित किया जाता है।
  • सफल बोली दाता कंपनी/संस्था, चिह्नित स्थलों का विकास अन्य सहयोगी संस्था के सहयोग से करेगी।
  • सफल बोली दाता को ‘स्मारक मित्र’ कहा जाता है।
  • यह स्मारक मित्र उन सभी सुविधाओं का विकास करने का प्रयास करेंगे जिन्हें इस योजना द्वारा निर्धारित किया गया है।
  • भारत के लिए योजना का महत्व
  • भारत सांस्कृतिक और प्राकृतिक, दोनों रूपों में एक विशाल विविधतापूर्ण देश है।
  • अतः यह योजना भारत में पर्यटन उद्योग को बढ़ाने में सकारात्मक सहयोग प्रदान करेगी।

लेखक-धीरेन्द्र त्रिपाठी

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