Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

ऊर्जा पारगमन सूचकांक, 2018

  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 14 मार्च, 2018 को विश्व आर्थिक मंच द्वारा ‘प्रभावी ऊर्जा पारगमन को प्रोत्साहन’ (Fostering Effective Energy Transition) नामक रिपोर्ट का पहला संस्करण प्रकाशित की गई।
  • यह रिपोर्ट मैकिन्से एंड कंपनी (Mckinsey and Company) के विश्लेषणात्मक समर्थन से तैयार की गई है।
  • यह रिपोर्ट ‘ऊर्जा के भविष्य को आकार देना’ (Shaping the future of energy) पर विश्व आर्थिक मंच प्रणाली पहल का भाग है।
  • रिपोर्ट में ‘ऊर्जा पारगमन सूचकांक’ (Energy Transition Index) पेश किया गया है, जो ‘वैश्विक ऊर्जा संरचना प्रदर्शन सूचकांक’ (Global Energy Architecture Performance Index) की पिछली शृंखला पर आधारित है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • ऊर्जा पारगमन सूचकांक में 114 को उनके वर्तमान ऊर्जा प्रणाली प्रदर्शन और एक सुरक्षित, टिकाऊ, किफायती एवं समावेशी भविष्य ऊर्जा प्रणाली में पारगमन के लिए उनके सूक्ष्म पारितंत्र की तैयारी को प्रदर्शित करता है।
  • सूचकांक में पहला स्थान स्वीडन को प्राप्त हुआ है, जबकि नॉर्वे एवं स्विट्जरलैंड का स्थान क्रमशः दूसरा एवं तीसरा है।
  • सूचकांक में शीर्ष 10 देशों में फिनलैंड (चौथा), डेनमार्क (5वां),  नीदरलैंड्स (6वां), यूनाइटेड किंगडम (7वां), ऑस्ट्रिया (8वां), फ्रांस (9वां) और आइसलैंड (10वां) शामिल हैं।
  • इस सूचकांक में उभरते बाजारों में ब्राजील को 38वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि रूस एवं चीन का स्थान 70वां एवं 76वां है।
  • सूचकांक में भारत
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत द्वारा ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के परिनियोजन में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
  • भारत में ऊर्जा पारगमन के लिए बड़े निवेशों और पारगमन के समर्थन हेतु नियामक फ्रेमवर्क एवं प्रोत्साहन पारितंत्र की आवश्यकता होगी।
  • ऊर्जा पारगमन सूचकांक में शामिल 114 देशों में भारत को 78वां स्थान प्राप्त हुआ है।

लेखक-नीरज ओझा