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उपराष्ट्रपति की त्रिदेशीय यात्रा

Vice President's tripartite tour
    • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
    • वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में विदेश यात्राएं अंतरराष्ट्रीय राजनय की महत्वपूर्ण अंग बन चुकी हैं। विश्व के सभी देश वैश्विक स्तर पर आपसी सहयोग एवं आदान-प्रदान के माध्यम से विकास को गति प्रदान कर सकते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 14-20 सितंबर, 2018 के मध्य तीन यूरोपीय देशों सर्बिया, माल्टा और रोमानिया की यात्रा संपन्न की।
    • सर्बिया यात्रा
    • अपनी तीन देशों की यात्रा के प्रथम चरण में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू 14 सितंबर को सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड पहुंचे।




    • युगोस्लाविया के विघटन (1990) के पश्चात पहली बार भारत से एक उच्चस्तरीय (उपराष्ट्रपति का) शिष्टमंडल ने सर्बिया यात्रा संपन्न की।
    • उल्लेखनीय है कि सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिस (Aleksandar Vucic) ने पिछले वर्ष (जनवरी, 2017 में) भारत की यात्रा की थी, उस समय वे सर्बिया के प्रधानमंत्री थे जो ‘8वें जीवंत गुजरात शिखर सम्मेलन’ (Vibrant Gujarat Summit) में भाग लेने के लिए भारत आए थे।
    • भारत और सर्बिया के बीच ‘गुटनिरपेक्ष आंदोलन’ (Non-Aligned Movement) के सह-संस्थापक के रूप में ऐतिहासिक और विशेष संबंध है।
    • इस यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिस, प्रधानमंत्री एना ब्रनाबिक और राष्ट्रीय विधानसभा की अध्यक्ष माजा गजकोविच के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।




    • सर्बिया के राष्ट्रपति और भारत के उपराष्ट्रपति ने भारत और सर्बिया के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्षों का स्मरण करते हुए दो महान विभूतियों, भारत के महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद और सर्बिया के महान वैज्ञानिक निकोला टेसला पर संयुक्त स्मारक डाक टिकट जारी किए।
    • उपराष्ट्रपति ने सर्बिया की संसद को संबोधित करते हुए विश्वस्तर पर भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया और 4 महत्वपूर्ण विशेषताओं पर ध्यान आकर्षित किया जिन्हें पहचानने की आवश्यकता है- लोकतंत्र (Democracy), जनसांख्यिकी लाभांश (Demographic dividend), मांग (Demand) और प्रवासी (Diaspora)। जिसे उन्होंने 4D से संबोधित किया।
    • उल्लेखनीय है कि वर्ष 1961 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के पहले शिखर सम्मेलन का आयोजन सर्बिया की नेशनल असेम्बली में हुआ था।
    • वर्तमान में भारत और सर्बिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का है।
    • उपराष्ट्रपति के सर्बिया यात्रा के दौरान भारत और सर्बिया के मध्य हस्ताक्षरित समझौता-ज्ञापनों की सूची निम्नवत है-
      (1) सर्बिया गणराज्य सरकार और भारत गणराज्य सरकार के बीच पादप स्वास्थ्य और पादप संगरोध में सहयोग पर करार।
      (2) सर्बिया गणराज्य सरकार और भारत गणराज्य सरकार के बीच वायु सेवा करार।
    • 16 सितंबर, 2018 को भारतीय उपराष्ट्रपति ने बेलग्रेड में महात्मा गांधी की प्रतिमा और माउंट अवला पर स्थित अज्ञात सैनिकों की समाधि पर पुष्पाजंलि अर्पित किया।
    • माल्टा यात्रा
    • 16-18 सितंबर, 2018 के मध्य उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू अपनी त्रिदेशीय यात्रा के दूसरे चरण में माल्टा पहुंचे।
    • उल्लेखनीय है कि भारत वर्ष 1964 में माल्टा को मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था और वर्ष 1965 में माल्टा से राजनयिक संबंध स्थापित किया था। पिछले वर्ष भारत ने माल्टा में भारत का स्थायी उच्चायोग प्रारंभ किया।




  • वर्ष 2011 और वर्ष 2014 में लीबिया से भारतीय नागरिकों को निकालने में माल्टा का सक्रिय योगदान रहा।
  • उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नवंबर, 2015 में माल्टा की यात्रा की और चोगम (CHOGM) शिखर बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • सद्यः यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने माल्टा के राष्ट्रपति मैरी लुईस कोलेरो प्रेका, लोक सभा के सभापति डॉ. एंजेलो फरुगिया और कार्यकारी प्रधानमंत्री डॉ. क्रिश्चियन कार्डोना से मुलाकात और वार्ता की।
  • माल्टा वर्ष 2021-2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थायी सदस्यता के लिए और भारत वर्ष 2023-2024 के लिए माल्टा की सदस्या हेतु समर्थन करेगा।
  • उपराष्ट्रपति के माल्टा यात्रा के दौरान भारत और माल्टा के मध्य हस्ताक्षरित समझौता-ज्ञापन की सूची निम्नवत है-
    (1) विदेश सेवा संस्थान, विदेश मंत्रालय, भारत गणराज्य और भू-मध्यसागरीय एकेडमी ऑफ डिप्लोमैटिक स्टडीज, माल्टा विश्वविद्यालय के मध्य परस्पर सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।
    (2) नौवहन मंत्रालय, भारत गणराज्य और परिवहन मंत्रालय, अवसंरचना और पूंजी परियोजना मंत्रालय, माल्टा के मध्य समुद्री सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।
    (3) भारत और माल्टा के मध्य पर्यटन सहयोग के क्षेत्र में समझौता-ज्ञापन
  • भारतीय दवा कंपनी ने माल्टा में बड़ी उपस्थिति स्थापित की है और यह यूरोपीय संघ में सबसे बड़ी दवा परीक्षण सुविधाओं में से एक है।
  • वर्तमान में भारत और माल्टा के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 210 मिलियन डॉलर का है।
  • रोमानिया यात्रा
  • 18 – 20 सितंबर, 2018 के मध्य उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू रोमानिया की यात्रा पर रहे।
  • यह यात्रा भारत और रोमानिया के मध्य राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70वीं वर्षगांठ और रोमानिया के शताब्दी वर्ष में है।
  • भारत की स्वतंत्रता से पूर्व भारत और रोमानिया में अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। वर्ष 1926 में रवींद्रनाथ टैगोर रोमानिया गए थे और बुखारेस्ट विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें ‘डॉक्टरेट होनोरिस कौसा’ से सम्मानित किया गया।
  • रोमानिया में आयुर्वेद की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए भारत के उपराष्ट्रपति ने रोमानिया में ‘आयुष सूचना कक्ष’ का उद्घाटन किया और आयुर्वेद की पुस्तक का अनावरण किया।
  • उपराष्ट्रपति के रोमानिया यात्रा के दौरान भारत और रोमानिया के मध्य हस्ताक्षरित समझौता-ज्ञापनों की सूची निम्नवत है-
    (1) पर्यटन सहयोग पर समझौता-ज्ञापन।
    (2) पेट्रोलियम-गैस विश्वविद्यालय, प्लोएस्टी और पंडित दीन दयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय, गांधीनगर के मध्य समझौता-ज्ञापन।
    (3) सीआईआई (CII), एसोचैम और पीएचडीसीसीआई के साथ बुखारेस्ट चैंबर ऑफ कॉमर्स के मध्य समझौता-ज्ञापन।

लेखक-सुधांशु पाण्डेय