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ई-भुगतान एडॉप्शन : भारत की रैंकिंग में सुधार

E-Payment Adoption: Improving Ranking of India
    • वर्तमान परिदृश्य
    • 3 अक्टूबर, 2018 को ‘द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट’ ने एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित किया। यह सर्वे वैश्विक भुगतान तकनीक (Payment Technology) कंपनी ‘वीजा’ द्वारा कराया गया।
    • सर्वे के अनुसार, सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक भुगतान को अपनाने के मामले में भारत की रैंकिंग उल्लेखनीय रूप से सुधर कर 36वें स्थान (2011) से 28वें स्थान (2018) पर आ गई है।
    • 73 देशों की रैंकिंग में नॉर्वे शीर्षस्थ देश है।
    • उसके बाद फ्रांस और डेनमार्क का स्थान है।





    • सर्वे के अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
    • भारत के हित मेंनागरिक से सरकार (C to G), कारोबार से सरकार (B to G) और सरकार से कारोबार (G to B) लेन-देन में भारत बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में रहा।
    • भारत B to G और G to B में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि C to G में अर्जेंटीना के साथ भारत संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहा।
    • भारत के लिए कमजोर पक्ष
    • डिजिटल ढांचे तथा सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के विकास के संदर्भ में भारत की स्थिति खराब रही।




    • डिजिटल ढांचे में भारत जहां 58वें स्थान पर रहा, वहीं सामाजिक- आर्थिक विकास के मोर्चे पर भारत 73 देशों में 60वें पायदान पर रहा।
    • सर्वे में देश के नीतिगत संदर्भ में भी कमी पाई गई (विशेषकर बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा में) परिणामतः इसमें भारत की रैंकिंग 40वीं रही।
    • इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सांख्यिकी (भारत)
    • भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक तरीकों में, तत्काल सकल निपटान (RTGS) प्रणाली द्वारा वर्ष 2017-18 में 1167 ट्रिलियन रुपये मूल्य के 124 मिलियन लेन-देन किए गए, जो पिछले वर्ष के 982 ट्रिलियन रुपये मूल्य के 108 मिलियन लेन-देन से अधिक थे।
    • मार्च, 2018 के अंत तक RTGS सुविधा 194 बैंकों की 1,37,924 शाखाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती थी।
    • नेफ्ट (NEFT) प्रणाली द्वारा वर्ष 2017-18 में लगभग 172 ट्रिलियन रुपये मूल्य के 1.9 बिलियन लेन-देन किए गए, जो पिछले वर्ष के 120 ट्रिलियन रुपये मूल्य के 1.6 बिलियन लेन-देन की तुलना में मात्रात्मक रूप से 20 प्रतिशत तथा मूल्यानुसार 43.5 प्रतिशत अधिक थे।




  • मार्च, 2018 के अंत में नेफ्ट सुविधा कारोबारी प्रतिनिधियों (BC) के आउटलेट्स की बड़ी संख्या के अतिरिक्त, 192 बैंकों की 1,40,339 शाखाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही थी।
  • वर्ष 2017-18 के दौरान, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड द्वारा किए गए लेन-देन की संख्या क्रमशः 1.4 बिलियन और 3.3 बिलियन थी।
  • प्रीपेड भुगतान लिखत (PPI) द्वारा लेन-देन लगभग 3.5 बिलियन दर्ज किए गए, जिनका मूल्य 1416 बिलियन रुपये था।
  • मोबाइल बैंकिंग सेवाओं में मात्रा और मूल्यानुसार क्रमशः 92 प्रतिशत और 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
  • जबकि मार्च, 2018 के अंत में पंजीकृत ग्राहकों की संख्या 54 प्रतिशत बढ़कर 251 मिलियन हो गई।