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आसियान-भारत : संबंध वार्ता की 25वीं वर्षगांठ

February 24th, 2018
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 25 जनवरी, 2018 को आसियान-भारत वार्ता की 25वीं वर्षगांठ का आयोजन नई दिल्ली में संपन्न।
  • इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
  • सम्मेलन में आसियान के सदस्य देशों के सभी राष्ट्राध्यक्ष/नेता उपस्थित थे।
  • उद्देश्य
  • आसियान-भारत वार्ता संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, एमिटी की संधि और दक्षिण पूर्व एशिया में सहकारिता, पूर्व एशिया सम्मेलन की घोषणा के सिद्धांतों, उद्देश्यों, साझा मूल्यों और मापदंडों के मार्गदर्शन के लिए हमारी प्रतिबद्धता सुनिश्चित करता है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • आसियान-भारत के मध्य मजबूत संबंध हजारों वर्षों से दक्षिण एशिया और भारत के बीच परस्पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान से संभव हुआ है।
  • 25 वर्षों में आसियान-भारत संबंध के मध्य राजनीतिक सुरक्षा, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रगति हुई है।
  • वर्ष 2016 – 2020 तक एशियाई – भारत योजना के क्रियान्वयन की प्राथमिक सूची में शांति, प्रगति और साझा समृद्धि को शामिल किया गया है।
  • आसियान-भारत के मध्य आतंकवाद, मानव तस्करी, अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और सशस्त्र डकैती आदि पर सहयोग देने पर एकमत हुए हैं।
  • दोनों के मध्य शांति, सुरक्षा, कानून के शासन को स्थापित करना, टिकाऊ और समावेशी विकास पर सहयोग देना है।
  • आसियान-भारत के मध्य आतंकवाद के किसी भी कृत्य पर निषेध किया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के प्रस्तावों के अनुपालन सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य करना।
  • आसियान-भारत साइबर सिक्योरिटी सम्मेलन, 2018 वार्ता संपन्न।
  • आसियान – भारत आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने हेतु मुक्त व्यापार क्षेत्र को प्रभावी कराने पर बल दिया गया।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भारतीय और प्रशांत महासागर में समुद्री संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ उपयोग पर सहमत।
  • नीली अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग और खोज पर बल दिया गया।
  • आसियान-भारत के मध्य विमानन और समुद्री परिवहन क्षेत्र में संबंध मजबूत करना।
  • आसियान-भारत के मध्य प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रसार, गोद लेने और अनुकूलन के साथ-साथ क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता, चैनलों का वितरण, वित्तपोषण सुविधाओं, नवाचारों तक पहुंच सहित और माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए स्थिर और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना।
  • कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से दीर्घकालिक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति।
  • आसियान-भारत अंतरिक्ष सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से अंतरिक्ष हेतु छोटे उपग्रहों, अंतर-संचार उपग्रह, उपग्रह प्रणोदन में सहयोग प्रदान करना।
  • आसियान-भारत व्यापार और निवेश केंद्र की स्थापना।
  • ‘आसियान समुदाय विजन, 2025’ के तहत आसियान देशों के सिविल सेवकों का प्रतिक्षण, गठबंधन निर्माण नेटवर्किंग और सिविल सेवा के संबंध में भारत के बीच साझेदारी की संभावनाओं के अन्वेषण से है।
  • भौतिक बुनियादी ढांचा और डिजिटल कनेक्टिविटी से दोनों के मध्य 1 अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ प्राप्त।
  • भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना प्रारंभ।
  • इस त्रिपक्षीय परियोजना का विस्तार कम्बोडिया, लाओस तथा वियतनाम तक करना है।
  • आसियान : प्रमुख तथ्य
  • ‘एसोसिएशन ऑफ साऊथ-ईस्ट एशियन नेशंस’ (ASEAN) की स्थापना 8 अगस्त, 1967 को बैंकॉक में हुई थी।
  • इसके पांच संस्थापक सदस्य थे- इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, फिलीपींस एवं थाईलैंड।
  • वर्ष 1984 में ब्रुनेई दारुस्सलाम, वर्ष 1995 में वियतनाम, वर्ष 1997 में म्यांमार एवं लाओस तथा वर्ष 1999 में कम्बोडिया के सदस्य बनने पर आसियान के सदस्य राष्ट्रों की संख्या 10 हो गई है।
  • आसियान का मुख्यालय जकार्ता (इंडोनेशिया) में है।
  • इसके वर्तमान महासचिव जिम जौक होई (ब्रुनेई) हैं।
  • आसियान दिवस – 8 अगस्त
  • आसियान प्लस थ्री (APT) में 3 राष्ट्र हैं- चीन, जापान, दक्षिण कोरिया।
  • आसियान रीजनल फोरम (ARF) की स्थापना वर्ष 1994 में हुई थी।
  • इसके सदस्य हैं – 10 आसियान राष्ट्र + 11 वार्ताकार राष्ट्र।
  • आसियान चार्टर पर 20 नवंबर, 2007 को सिंगापुर में हस्ताक्षर हुए थे।
  • यह चार्टर 15 दिसंबर, 2008 से प्रभावी है।
  • आसियान चार्टर में शिखर सम्मेलन को वर्ष में दो बार आयोजित करने का प्रावधान है।

लेखक-रमेश चन्द्र

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