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आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018

Income Tax Information Award Scheme, 2018
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • आयकर विभाग द्वारा ‘मुखबिरों को पुरस्कारों के अनुदान हेतु दिशा-निर्देश, 2007’ (Guidelines for Grant of Rewards to Informants, 2007) के स्थान पर एक नई योजना ‘आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018’ (Income Tax Informants Reward Scheme, 2018) शुरू की गई है।
  • योजना के तहत मुखबिर व्यक्ति को दिए जाने वाले पुरस्कार के भुगतान एवं अनुदान को विनियमित किया गया है।
  • भारत में एवं भारत के बाहर आय तथा परिसंपत्ति पर कर अपवंचन (Evasion) की विशिष्ट सूचना देने वाले व्यक्ति को 5 करोड़ रुपये तक का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि इसके पहले भारत सरकार द्वारा भारत में कर योग्य लोगों द्वारा विदेशों में रखी गई आय एवं परिसंपत्तियों की जांच करने हेतु ‘काला धन (अघोषित विदेशी आय तथा परिसंपत्तियां), और करारोपण अधिनियम, 2015’ लागू किया था।
  • उद्देश्य
  • आयकर  मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 का उद्देश्य कालेधन का पता लगाने और कर चोरी में कमी लाने के आयकर विभाग के प्रयासों में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
  • विशेषताएं
  • योजना के तहत निर्धारित प्रारूप में लिखित विवरण में वास्तविक कर अपवंचन की विशिष्ट सूचना देने वाला व्यक्ति ही मुखबिर माना जाएगा।
  • मुखबिर की पहचान, उसके द्वारा दी गई सूचना अथवा उसे दिया गया पुरस्कार का खुलासा किसी भी व्यक्ति/प्राधिकरण के समक्ष नहीं किया जाएगा।
  • काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं परिसंपत्तियां) अधिनियम, 2015 के तहत उत्तरदायी अघोषित विदेशी आय/परिसंपत्तियों की सूचना देने वाले मुखबिर को 50 लाख रुपये का अंतरिम पुरस्कार दिया जाएगा।
  • आयकर अधिनियम, 1961 के तहत उत्तरदायी अघोषित आय/परिसंपत्तियों की सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 लाख रुपये का अंतरिम पुरस्कार दिया जाएगा।
  • मुखबिर द्वारा दी गई अघोषित नकदी की विशिष्ट सूचना के आधार पर यदि आयकर अधिनियम की धारा 132 के अधीन 1 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की जाती है, तो अंतरिम पुरस्कार की राशि 15 लाख रुपये होगी।
  • योजना की शर्तें पूरी करने के चार माह के भीतर अंतरिम पुरस्कार का भुगतान कर दिया जाएगा।
  • काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं परिसंपत्तियां) अधिनियम, 2015 के तहत उत्तरदायी अघोषित आय/परिसंपत्तियों की सूचना के लिए निर्णायक (Final) पुरस्कार 5 करोड़ रुपये का दिया जाएगा।
  • यदि मुखबिर समान ठोस साक्ष्य के आधार पर काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं परिसंपत्तिया) और करारोपण अधिनियम, 2015 के अधीन देय कर अपवंचना के साथ-साथ बेनामी परिसंपत्ति की सूचना देने हेतु पुरस्कार का दावा करता है और बेनामी लेन-देन मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 के साथ ही आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 के तहत भी अनुदान का पात्र पाया जाता है, तो दोनों योजनाओं के तहत दी जाने वाली पुरस्कार की कुल राशि 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।
  • आयकर अधिनियम, 1961 के तहत उत्तरदायी अघोषित आय/परिसंपत्तियों की सूचना हेतु निर्णायक पुरस्कार की राशि 50 लाख रुपये होगी।
  • यदि मुखबिर समान ठोस साक्ष्य के आधार पर आयकर अधिनियम, 1961 के अधीन देय कर अपवंचना के साथ-साथ बेनामी परिसंपत्तियों की सूचना देने हेतु पुरस्कार का दावा करता है और बेनामी लेन-देन मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 के साथ ही आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 के तहत भी अनुदान का पात्र पाया जाता है, तो दोनों योजनाओं के तहत दी जाने वाली पुरस्कार की कुल राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।
  • योजना की शर्तें पूरी करने पर निर्णायक पुरस्कार 6 माह के भीतर प्रदान कर दिया जाएगा।
  • निष्कर्ष
  • आयकर मुखबिर पुरस्कार योजना, 2018 के द्वारा भारत में एवं भारत के बाहर अघोषित आय की जांच में मदद मिलेगी। साथ ही इस प्रकार की आय को पता लगाने में मदद करने वाले मुखबिर को भी पुरस्कार के रूप में आर्थिक लाभ होगा।

लेखक -नीरज ओझा