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अमेरिका द्वारा पाकिस्तान की आर्थिक मदद पर रोक

US sanctions Pakistan's financial help
  • अमेरिकापाक संबंधों की पृष्ठभूमि
  • वर्ष 1979 में अफगानिस्तान पर सोवियत संघ के आक्रमण के विरुद्ध अमेरिका के सहयोग से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने अफगान आतंकवादियों को वित्त पोषित करने के साथ ही प्रशिक्षण देने का कार्य भी किया था।
  • वर्ष 2001 में अफगान युद्ध के समय, पाकिस्तान ने अमेरिका एवं उसके सहयोगी देशों की सेनाओं को पारगमन हेतु अपनी जमीन के प्रयोग की अनुमति दी थी।
  • इसके अतिरिक्त पाकिस्तान ने पूर्व में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की अलकायदा जैसे आतंकवादी संगठनों के विरुद्ध युद्ध में सहायता भी की थी।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 1 सितंबर, 2018 को अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 300 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है।
  • अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता राशि रोकने का कारण, उसका आतंकवाद के विरुद्ध हुए समझौते पर सहयोग न देना है।
  • अमेरिका का आरोप है कि अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों यथा- अफगान तालिबान और हक्कानी गुट को पाकिस्तान की शह प्राप्त है।
  • गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 जनवरी, 2018 को आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग हेतु पाकिस्तान को लंबे समय से दी जा रही आर्थिक सहायता में कटौती करने की चेतावनी दी थी।
  • वर्ष 2002 में अमेरिका ने पाकिस्तान को गैर-नॉटो सहयोगी का दर्जा दिया था। इस दर्जे के तहत पाकिस्तान को आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग करने के बदले आर्थिक सहायता एवं अमेरिकी सैन्य उपकरण मिलता रहा है।
  • अफगान आतंक में पाकिस्तान की भूमिका
  • अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ते आतंकवाद का कारण पाकिस्तान द्वारा अफगान विद्रोहियों को गुप्त रूप से शरण व सहायता देना है।
  • अफगानिस्तान में आतंकवाद को बढ़ावा देने के पीछे पाकिस्तान की मंशा अपने मुख्य क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी भारत के अफगानिस्तान में बढ़ते प्रभाव को सीमित करना है।
  • अमेरिका, पाकिस्तान को हक्कानी गुट और अफगान तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हमलों में अमेरिकी सेनाओं और अधिकारियों की मौत का जिम्मेदार मानता है।
  • संभावित परिणाम
  • यदि इस रोक को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी मिल जाती है, तो पाकिस्तानी रक्षा बलों के लिए निर्धारित कुल 800 मिलियन डॉलर की सहायता राशि पर रोक लग जाएगी।
  • आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के और अधिक संकट में पड़ने की संभावना है।
  • इन परिस्थितियों में चीन-पाकिस्तान गठजोड़ और भारत-अमेरिकी संबंधों के मजबूत होने की संभावना है।
  • गौरतलब है कि अमेरिका वर्ष 2002 से अब तक आतंकवाद के मुद्दे पर सहयोग हेतु पाकिस्तान को 33 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता दे  चुका है।

लेखक-धीरेन्द्र त्रिपाठी