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अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन शिखर सम्मेलन

  • वर्तमान परिदृश्य
  • 11 मार्च, 2018 को नई दिल्ली में ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन शिखर सम्मेलन’ का प्रथम संस्करण का आयोजन किया गया।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • सम्मेलन का आयोजन भारत एवं फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
  • राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद एवं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से सम्मेलन की मेजबानी की।
  • सम्मेलन में लगभग 45 देशों के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री और मंत्रियों ने भाग लिया।
  • सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सूत्रीय कार्ययोजना प्रस्तुत की जिसमें सभी देशों के लिए वहनीय सौर प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराना, ऊर्जा मिश्रण में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना, विनियमों एवं मानकों का निर्माण आदि शामिल था।
  • सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के सदस्यों द्वारा ‘दिल्ली सौर एजेंडा’ प्रस्तुत किया गया।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन 121 सौर संसाधन संपन्न देशों का एक संधि आधारित अंतरराष्ट्रीय एवं अंतर-सरकारी गठबंधन है।
  • ये देश कर्क एवं मकर रेखा के मध्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में स्थित हैं और वर्ष में लगभग 300 दिन बड़ी मात्रा में धूप प्राप्त करते हैं।
  • पेरिस में आयोजित 21वें जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान 30 नवंबर, 2015 को ‘पेरिस घोषणा-पत्र’ के तहत भारत एवं फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ का शुभारंभ किया गया।
  • गठबंधन के द्वारा वर्ष 2030 तक 1000 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त किया जाना है।
  • माराकेश, मोरक्को में आयोजित 22वें जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान 15 नवंबर, 2016 को ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन फ्रेमवर्क समझौते’ को हस्ताक्षर करने के लिए खोला गया।
  • गिनी द्वारा फ्रेमवर्क समझौते के अभिपुष्टि प्रपत्र जमा करने के तीस दिन बाद 6 दिसंबर, 2016 को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन एक विधिक निकाय बन गया।
  • अब तक अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन फ्रेमवर्क समझौते पर 61 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि 33 देशों ने फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर के साथ पुष्टि भी की है।
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का मुख्यालय भारत में स्थित है।

लेखक-नीरज ओझा