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UPPCS (Pre) 2017 – आयोग और घटनाचक्र के उत्तरों में भिन्नता (7 प्रश्नों)

November 18th, 2017
UPPCS-2017 Wrong Question
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उ.प्र. पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2017
आयोग और घटनाचक्र के उत्तरों में भिन्नता
प्रश्नों की यथास्थिति
GS Paper 1

(Series-D)

10.निम्नलिखित में से समन्वित बाल विकास सेवा (आई.सी.डी.एस.) योजना के अंतर्गत कौन-सी सेवा नहीं प्रदान होती है?
(a) पूरक आहार
(b) रोग प्रतिरक्षण
(c) बच्चों को निःशुल्क पुस्तकों एवं विद्यालय पोशाक का वितरण
(d) 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा
घटना चक्र का उत्तर- (*)
आयोग का उत्तर- (c)

समन्वित बाल विकास सेवा (आई.सी.डी.एस.) योजना के अंतर्गत बच्चों को निःशुल्क पुस्तकों एवं विद्यालय पोशाक वितरण का प्रावधान नहीं है, जबकि 3-6 वर्ष के बच्चों हेतु स्कूल पूर्व शिक्षा का प्रावधान है। स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा का प्रावधान 15-45 वर्ष की महिलाओं के लिए है, न कि 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए। जबकि पूरक आहार एवं रोग प्रतिरक्षण सेवाएं ICDS योजना के अंतर्गत सम्मिलित हैं।


43. हरित गृह प्रभाव से वातावरण में निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन होता है?
(a) वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता बढ़ जाती है।
(b) वायुमंडल में आर्द्रता बढ़ जाती है।
(c) जीवधारियों की संख्या बढ़ जाती है।
(d) वायु की गति बढ़ जाती है।
घटना चक्र का उत्तर- (*)
आयोग का उत्तर- (a)
पृथ्वी के वातावरण में विद्यमान हरित गृह गैसें एक ऐसे आवरण की तरह व्यवहार करती हैं, जिसमें से सूर्य से आने वाली लघु तरंग विकिरण तो प्रवाहित हो सकती है, परंतु पृथ्वी से वापस जाने वाली दीर्घ तरंग विकिरण इसे पार नहीं कर पाती है। परिणामस्वरूप पृथ्वी के वातावरण का तापमान बढ़ता जाता है। इसी प्रक्रिया को हरित गृह प्रभाव कहा जाता है।
वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता में वृद्धि से हरित गृह प्रभाव पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता, परंतु हरित गृह प्रभाव से कार्बन डाइऑक्साइड के सांद्रण में किसी सार्थक वृद्धि का प्रमाण प्राप्त नहीं हुआ है। अतः विकल्प (a) गलत है।
जलवाष्प एक प्रमुख हरित गृह गैस है और इसका हरित गृह प्रभाव में सार्थक योगदान है, परंतु यह हरित गृह प्रभाव की तीव्रता से भी प्रभावित होती है। हरित गृह प्रभाव जो वातावरण को गर्म करता है, से वाष्पीकरण की प्रक्रिया तीव्र होती है, जो वायु में आर्द्रता की मात्रा को बढ़ा देती है। अतः विकल्प (b) सही है।
हरित गृह प्रभाव जो वातावरण में ऊष्मा एवं आर्द्रता में वृद्धि करता है, से जीवधारियों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है, क्योंकि ऊष्मा एवं नमी प्रजननता को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। यद्यपि यह कथन सही है, परंतु यह उत्तर नहीं हो सकता है, क्योंकि यह वायुमंडलीय परिवर्तन नहीं है।
हरित गृह प्रभाव से तापमान एवं दाब पर प्रभाव पड़ता है। तापमान बढ़ने से दाब कम होता है और वायु की गतिशीलता भी बढ़ जाती है। अतः प्रश्न के संदर्भ में यह भी सही उत्तर होगा।
इस तरह विकल्प (b) और विकल्प (d) दोनों उत्तर सही होंगे।

70. निम्नलिखित में से कौन संविधान के अनुच्छेद-21 के दायरे में नहीं आता है?
(a) एक चिकित्सक द्वारा घायल को चिकित्सकीय सहायता
(b) कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न
(c) पानी की गुणवत्ता को दूषित करना
(d) मृत्युदंड
घटना चक्र का उत्तर- (b)
आयोग का उत्तर- (d)
त्रुटिपूर्ण व्याख्या के कारण घटना चक्र द्वारा दिया गया यह उत्तर गलत है। वस्तुतः अनुच्छेद 21 के दायरे में प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण से संबंधित प्रावधान आएंगे जिसमें मृत्युदंड नहीं है। आयोग का यह उत्तर सही है।

77. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
1. पश्चिमी गोदावरी जिले के गुन्टुफल्ली में प्रारंभिक चैत्यगृह और विहार चट्टानों को काटकर बनाए गए हैं।
2. पूर्वी दक्कन के चैत्य और विहार साधारणतया चट्टानों को काटकर बनाए गए हैं।
(a) केवल 1 सही है।
(b) केवल 2 सही है।
(c) 1 तथा 2 दोनों सही हैं।
(d) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है।
घटना चक्र का उत्तर- (*)
आयोग का उत्तर- (a)
आंध्र प्रदेश में गुन्टुफल्ली (Guntuphalli) नामक कोई स्थल नहीं है। इस आधार पर दोनों ही कथन सही नहीं हैं। आंध्र प्रदेश में गुन्टूपल्ले (Guntupalle) नामक दो स्थान दो भिन्न-भिन्न जिलों- पश्चिमी गोदावरी तथा कृष्णा जिले में अवस्थित हैं। पश्चिमी गोदावरी जिले में स्थित गुन्टूपल्ले एक गांव है, जबकि कृष्णा जिले में स्थित गुन्टूपल्ले एक कस्बा है। नीलकंठ शास्त्री के अनुसार, कृष्णा जिले में स्थित गुन्टूपल्ले में बौद्ध स्मारक अवस्थित हैं, जबकि पश्चिमी गोदावरी जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर गुन्टूपल्ले गांव में बौद्ध स्मारकों चैत्य एवं विहारों का विवरण प्राप्त होता है। यदि नीलकंठ शास्त्री के मत को माना जाए, तो भी दोनों ही कथन असत्य होंगे। यदि पश्चिमी गोदावरी जिले के गुन्टूपल्ले गांव का संदर्भ लिया जाए, तो कथन 1 सत्य होगा और विकल्प (a) सही होगा।
पश्चिमी गोदावरी जिले में कामावारापुकोटा मंडल में स्थित गुन्टूपल्ले गांव में प्रारंभिक चैत्यगृह और विहार चट्टानों को काटकर बनाए गए हैं। यहां पर चौथी से दूसरी सदी ई.पू. से लेकर 5-6 शताब्दी ई. तक चैत्य एवं विहारों के निर्माण के साक्ष्य प्राप्त होते हैं। कालांतर में इनके निर्माण हेतु ईंटों का, तत्पश्चात पत्थरों का प्रयोग होने लगा था। गुन्टूपल्ले को ‘आंध्र अजंता’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां महान बौद्ध विचारक दिंगनाग ने कुछ समय तक निवास किया था।
पूर्वी दक्कन की बौद्ध संरचनाएं साधारणतया ईंटों से निर्मित हैं। नागार्जुन कोंडा, बेजवाड़ा, मोली, जग्गेयपेट, भट्टिप्रोलू, घंटशाला, अमरावती तथा चेजाली आदि स्थलों पर ईंटों से निर्मित बौद्ध संरचनाओं के साक्ष्य बड़ी संख्या में मिलते हैं। पूर्वी दक्कन में गुन्टूपल्ले तथा शंकरम दो ऐसे स्थल मिलते हैं, जहां प्रारंभिक चैत्य एवं विहारों का निर्माण चट्टानों को काटकर किया गया।
चट्टानों को काटकर सर्वाधिक संख्या में चैत्यों एवं विहारों का निर्माण पश्चिमी दक्कन क्षेत्र यथा-कार्ले, भाजा, अजंता, एलोरा तथा कन्हेरी आदि स्थलों पर किया गया।


88. निम्नलिखित युग्मों में कौन सही सुमेलित नहीं है?
विद्रोह                                वर्ष
(a) पाबना विद्रोह –             1873
(b) दक्कन किसान विद्रोह- 1875
(c) संन्यासी विद्रोह –            1894
(d) कोल विद्रोह –                1870
घटना चक्र का उत्तर- (*)
आयोग का उत्तर- (d)
सुमेलन निम्नवत है-
विद्रोह                            वर्ष
पाबना विद्रोह –              1873 ई.
दक्कन किसान विद्रोह- 1875 ई.
संन्यासी विद्रोह –            1763-1800 ई.
कोल विद्रोह –                 1831-32 ई.

106. निम्नलिखित लोहा एवं इस्पात कारखानों में से कौन कच्चे माल क्षेत्र के समीप नहीं है?
(a) जमशेदपुर
(b) राउरकेला
(c) दुर्गापुर
(d) सेलम
घटना चक्र का उत्तर- (d)
आयोग का उत्तर- (c)
लोहा एवं इस्पात उद्योग में इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्य कच्चे सामग्रियों लौह अयस्क, कोयला, मैगनीज, चूना पत्थर, सिलिका, क्रोमाइट, फेल्सपर, स्क्रैप लोहा इत्यादि शामिल हैं। ये सभी कच्चे माल इन तीन क्षेत्रों क्रमशः जमशेदपुर (झारखंड), राउरकेला (ओडिशा) तथा दुर्गापुर (प. बंगाल) आदि के आस-पास उपलब्ध हैं। लौह इस्पात उद्योग कच्चे माल क्षेत्र के समीप है, जबकि सलेम (तमिलनाडु) इस्पात संयंत्र के पास इन कच्चे माल की उपलब्धता नहीं है। मुख्य रूप से ईंधन के लिए कोयले की।

Page No.86-90

139. नीचे दो कथन दिए गए हैं-
अभिकथन (A) : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) के अनुसार 1993 में विश्व में 16.5 मिलियन मृत्यु छुआछूत की बीमारियों के कारण हुई थी।
कथन (R) : स्वास्थ्य नियोजन के बिना नगरीकरण के कारण इस प्रकार की बीमारियां फैलती हैं।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R) (A) की सही व्याख्या करता है।
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है।
घटना चक्र का उत्तर- (a)
आयोग का उत्तर- (b)
विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्ष 1995 की रिपोर्ट में छूआछूत जनित बीमारियों की गंभीरता को दर्शाते हुए वर्ष 1993 में इन बीमारियों से 16.5 मिलियन लोगों की मृत्यु को रेखांकित किया गया था। इन बीमारियों के प्रसार एवं प्रभावशीलता में वृद्धि हेतु अनियोजित (अपर्याप्त स्वास्थ्य नियोजन सहित) नगरीकरण को प्रमुख उत्तरदायी ठहराया गया था, क्योंकि अनियोजित नगरीकरण से अस्वच्छता बनी रहती है, जो छूआछूत से उत्पन्न होने वाली बीमारियों के प्रसार को बढ़ा देती है।

Page No. 20 & 40-42

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