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स्वदेश दर्शन योजना

January 7th, 2017
swadesh darshan Plan
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  • क्या है?
  • थीम आधारित पर्यटक परिपथों के एकीकृत विकास के लिए ‘स्वदेश दर्शन योजना’ का शुभारंभ किया गया है।
  • शुभारंभ
  • जनवरी, 2015 में पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘स्वदेश दर्शन योजना’ का शुभारंभ किया गया।
  • वर्ष 2014-15 के बजट में स्वदेश दर्शन योजना के प्रारंभ की घोषणा की गई थी।
  • उद्देश्य
  • पर्यटन को आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन के एक बड़े वाहक के रूप में स्थापित करना।
  • भारत को एक वैश्विक ब्रांड तथा एक विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना।
  • विविध थीम आधारित परिपथों एवं तीर्थस्थलों में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का विकास करना।
  • पर्यटन आकर्षण बढ़ाने के माध्यम से समग्र पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराना।
  • विशेषताएं/प्रावधान
  • इस योजना के तहत 13 थीम आधारित परिपथों की पहचान की गई है।
  • ये परिपथ हैं-पूर्वोत्तर भारत परिपथ, बौद्ध परिपथ, हिमालय परिपथ, तटीय परिपथ, कृष्ण परिपथ, मरुस्थल परिपथ, जनजातीय परिपथ, वन्यजीव परिपथ, ग्रामीण परिपथ, आध्यात्मिक परिपथ, रामायण परिपथ, धरोहर परिपथ एवं ईको परिपथ।
  • जुलाई, 2016 तक पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत 21 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की 25 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है।
  • इन परियोजनाओं की कुल लागत 2048 करोड़ रुपये है।
  • मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्तर के 8 राज्यों की 9 परियोजनाओं, नगालैंड, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना के जनजातीय क्षेत्रों के लिए 3 परियोजनाओं और बिहार तथा मध्य प्रदेश में बौद्ध परिपथ हेतु 2 परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई।
  • गौरतलब है कि वर्ष 2015-16 के बजट में स्वदेश दर्शन योजना हेतु 600 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी।
  • पांच राज्यों में परियोजनाओं की स्वीकृति
  • सितंबर, 2016 में स्वदेश दर्शन योजना की केंद्रीय अनुमोदन एवं निगरानी समिति द्वारा 5 राज्यों की 450 करोड़ रुपये लागत वाली परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • इन परियोजनाओं में शामिल हैं- मध्य प्रदेश एवं उत्तराखंड में विरासत परिपथ, उत्तर प्रदेश में रामायण परिपथ, सिक्किम में पूर्वोत्तर परिपथ और तमिलनाडु में तटीय परिपथ।
  • मध्य प्रदेश के विरासत परिपथ में 100 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल परियोजना लागत से ‘ग्वालियर-ओरछा-खजुराहो-चंदेरी-भीमबेटका-मांडू’ को कवर किया जाएगा।
  • उत्तराखंड के विरासत परिपथ में लगभग 83 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से ‘जागेश्वर-देवीधुरा-कटारमल-बैजनाथ’ स्थलों पर पर्यटन बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।
  • तमिलनाडु के तटीय परिपथ में ‘चेन्नई-मामल्लापुरम-रामेश्वरम-मनपदु-कन्याकुमारी’ में विकास हेतु लगभग 100 करोड़ रुपये की परियोजना लागत की मंजूरी।
  • उत्तर प्रदेश के रामायण परिपथ में दो स्थलों-चित्रकूट तथा शृंगवेरपुर में लगभग 70 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से विकास किया जाएगा।
  • सिक्किम के पूर्वोत्तर परिपथ के लिए लगभग 95.50 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

लेखक-नीरज ओझा


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