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सामाजिक प्रगति सूचकांक, 2017

July 15th, 2017
Social progress index2017
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पिछली आधी सदी के दौरान हुए आर्थिक विकास ने करोड़ों लोगों को गरीबी के स्तर से ऊपर उठाकर उनके जीवन में सुधार किया है। लेकिन मात्र आर्थिक प्रगति के आधार पर मानव विकास का मॉडल अधूरा साबित हुआ है और यह स्पष्ट हुआ है कि समावेशी विकास के लिए आर्थिक और सामाजिक प्रगति दोनों की जरूरत होती है। आय में बढ़ोत्तरी से स्वच्छ जल, स्वच्छता, साक्षरता तथा बुनियादी शिक्षा आदि तक पहुंच में तो सुधार होता है, लेकिन यह ‘व्यक्तिगत सुरक्षा’ (Personal Security) की स्थिति में सुधार की गारंटी नहीं है। विश्व में बहुत से लोग (चाहे उनकी आय कुछ भी हो) ऐसे हैं जो पूर्ण अधिकारों से वंचित हैं और उन्हें लिंग, धर्म, जाति आदि के आधार पर पक्षपात या हिंसा का सामना करना पड़ता है। स्पष्ट है कि राष्ट्रीय आय के मापन के पारंपरिक साधन जैसे प्रति व्यक्ति जीडीपी (GDP Per Capita) आदि समाज की समग्र प्रगति के मूल्यांकन में असफल साबित हुए हैं। इस दृष्टि से ‘सामाजिक प्रगति सूचकांक’ (Social Progress Index) ऐसी पहली व्यापक प्रणाली है जो जीडीपी से स्वतंत्र रूप से सामाजिक प्रगति का मापन करती है तथा आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति के मध्य संबंध को समझने की क्षमता प्रदान करती है।

  • सामाजिक प्रगति सूचकांक, का प्रकाशन प्रति वर्ष अमेरिका स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन ‘सोशल प्रोग्रेस इम्परेटिव’ (Social Progress Imperative) द्वारा किया जाता है।
  • यह सूचकांक सर्वप्रथम ‘अपरिष्कृत रूप’ (Beta Form) में वर्ष 2013 में प्रकाशित किया गया था, जबकि आधिकारिक रूप से इसका पहला पूर्ण एवं व्यापक संस्करण वर्ष 2014 में जारी किया गया था।
  • इस सूचकांक के माध्यम से किसी देश की सामाजिक प्रगति के समग्र स्तर को परिभाषित करने के लिए उसे स्कोर एवं रैंक प्रदान की जाती है।
  • इस सूचकांक में किसी देश को स्कोर प्रदान करने के लिए निम्न तीन आयामों का सामान्य औसत (Simple Average) निकाला जाता है-
    (i) आधारभूत मानवीय आवश्यकताएं (Basic Human Needs)
    (ii) कल्याण के मूल आधार (Foundations of Wellbeing)
    (iii) अवसर (Opportunity)
  • पुनः प्रत्येक आयाम चार घटकों (Components) में विभाजित है। इस प्रकार वर्ष 2017 के सामाजिक प्रगति सूचकांक की संरचना में सामाजिक प्रगति के कुल 12 घटक एवं 50 विभिन्न संकेतक शामिल किए गए हैं।
  • 21 जून, 2017 को सोशल प्रोग्रेस इम्परेटिव द्वारा ‘सामाजिक प्रगति सूचकांक, 2017’ के परिणाम जारी किए गए।
  • इस सूचकांक में उन 128 देशों को रैंक प्रदान की गई है, जिनके सामाजिक प्रगति के सभी 12 घटकों से संबंधित पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध हैं।
  • हालांकि, इन देशों के अतिरिक्त 82 और देशों के आंशिक आंकड़े इस सूचकांक के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं।
  • इस प्रकार, इस सूचकांक का विस्तार विश्व की 98 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाले 210 देशों तक हो गया है।
  • सामाजिक प्रगति सूचकांक, 2017 में कुल 128 देशों की सूची में डेनमार्क (स्कोर : 90.57) को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
  • उल्लेखनीय है कि इस सूचकांक में प्रथम चार स्थान नॉर्डिक देशों (डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड एवं नॉर्वे) को ही प्राप्त हुए हैं, जबकि एक अन्य नॉर्डिक देश स्वीडन को आठवां स्थान हासिल हुआ है।
  • इन सभी देशों को ‘अत्यधिक उच्च सामाजिक प्रगति’ (Very High Social Progress) वाले 14 देशों की सूची में स्थान दिया गया है।
  • अत्यधिक उच्च सामाजिक प्रगति वाले अन्य प्रमुख देशों में स्विट्जरलैंड को 5वां, ऑस्ट्रेलिया को 9वां, यूके को 12वां तथा जर्मनी को 13वां स्थान प्राप्त हुआ है।
  • चार जी-7 देश यथा अमेरिका (18वां स्थान), जापान (17वां स्थान), फ्रांस (19वां स्थान) एवं इटली (24वां स्थान) ‘उच्च सामाजिक प्रगति’ (High Social Progress) वाले दूसरे दर्जे के देशों में ही स्थान बना सके।
  • पांच ब्रिक्स देशों में ब्राजील (43वां स्थान) का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा और इसने ‘उच्चतर मध्यम सामाजिक प्रगति’ (Upper Middle Social Progress) वाले देशों में स्थान प्राप्त किया।
  • अन्य ब्रिक्स देशों में दक्षिण अफ्रीका (66वां स्थान) एवं रूस (67वां स्थान) उच्चतर मध्यम सामाजिक प्रगति वाले देशों में तथा चीन (83वां स्थान) ‘निम्न मध्यम सामाजिक प्रगति’ (Lower Middle Social Progress) वाले देशों की सूची में स्थान प्राप्त करने में सफल रहे।
  • भारत ने 58.39 स्कोर के साथ इस सूचकांक में 93वां स्थान प्राप्त किया।
  • चीन, श्रीलंका, ईरान, नेपाल आदि देशों के साथ भारत ‘निम्न मध्यम सामाजिक प्रगति’ वाले देशों की सूची में स्थान बनाने में सफल रहा।
  • इस सूचकांक में निचले पांच स्थान प्राप्त करने वाले देश क्रमशः हैं-128. मध्य अफ्रीकी गणराज्य (स्कोर : 28.38), 127. अफगानिस्तान (स्कोर : 35.66), 126. चाड (स्कोर : 35.69), 125. अंगोला (स्कोर : 40.63) तथा 124. नाइजर (स्कोर : 42.97)।
  • इन सभी देशों को ‘अत्यधिक निम्न सामाजिक प्रगति’ (Very Low Social Progress) वाले देशों की सूची में स्थान दिया गया है।

लेखक-सौरभ मेहरोत्रा


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