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शिक्षा अधिकार कानून, 2009 में संशोधन

April 10th, 2017
Cabinet approval for amendment in Education Rights Act, 2009
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  • कैबिनेट की मंजूरी
    22 मार्च, 2017 को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा शिक्षा अधिकार कानून, 2009 की धारा 23(2) में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। इस संशोधन के अनुसार, प्राथमिक स्तर के सभी अध्यापकों को अकादमी प्राधिकरण द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता 31 मार्च, 2019 तक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। शिक्षा अधिकार कानून, 2009 में न्यूनतम अर्हता प्राप्त करने के लिए 31 मार्च, 2015 की समय सीमा निर्धारित की गई थी।
  • लाभ
    इस संशोधन से प्राथमिक स्तर के सेवारत अप्रशिक्षित शिक्षक अपने प्रशिक्षण को पूरा करने में सक्षम होंगे और इस प्रकार देश भर के प्राथमिक स्तर पर सभी शिक्षकों की योग्यता का एक न्यूनतम मानक सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी
    पूरे देश में समान-शिक्षा (Uniform Education) को समावेशी विकास एवं सामाजिक न्याय के आधार-स्तंभ के रूप में देखा जाता है। पूरे देश में निर्धारित न्यूनतम योग्यता प्राप्त प्रशिक्षित शिक्षक प्राथमिक स्तर के गिरते शिक्षण स्तर को ऊपर उठाने के साथ ही बच्चों में अधिगम प्रक्रियाओं के बेहतर निष्पादन को सुनिश्चित करेंगे। भारत की शिक्षा-व्यवस्था पर आई विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी को, शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट का कारण माना गया है। कई राज्य सरकारों की रिपोर्टों के अनुसार, प्राथमिक स्तर के कुल 66.41 लाख शिक्षकों में से 11.00 लाख अभी भी अप्रशिक्षित हैं, जिनमें 5.12 लाख सरकारी एवं एडेड स्कूलों में जबकि 5.98 लाख निजी स्कूलों में सेवारत हैं।
  • शिक्षा अधिकार कानून, 2009
    86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के द्वारा संविधान में अनुच्छेद 21(ए) जोड़कर 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का मूल अधिकार प्रदान किया गया। इस अधिकार को कानून द्वारा प्रदत्त कराने के लिए शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 को 1 अप्रैल, 2010 से लागू किया गया।

लेखक-श्याम सुन्दर यादव


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1 thought on “शिक्षा अधिकार कानून, 2009 में संशोधन”

  1. Its not about qualification but attitude. Most of the government teachers are very well qualified. In fact many of them clear state PCS exams later on. The problem is attitude. They take it as another government job. This attitude has to change. They are the most important government servants even important than doctors and solider’s. They have the responsibility of building the future of this great nation. They must understand it.

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