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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-रफ्तार (RAFTAAR)

November 30th, 2017
National Agricultural Development Plan-Speed
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) का कार्यान्वयन 11वीं पंचवर्षीय योजना से किया जा रहा है। यह योजना कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु राज्यों को योजना बनाने और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में पर्याप्त लोचशीलता (Flexibility) एवं स्वायत्तता प्रदान करती है। राज्यों द्वारा जिला कृषि योजना (DAP) एवं राज्य कृषि योजना (SAP) के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए विकेंद्रीकृत योजना की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाता है। 11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राज्यों की नोडल कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में राज्य कृषि विभाग द्वारा 13000 से अधिक परियोजनाएं चलाई गई हैं। हाल ही में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र पुनरुद्धार हेतु लाभकारी दृष्टिकोण’ (RKVY-RAFTAAR) को स्वीकृति प्रदान की गई।

  • 1 नवंबर, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को ‘राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र पुनरुद्धार हेतु लाभकारी दृष्टिकोण’ (RKVY-RAFTAAR : Rashtriya Krishi Vikas Yojana-Remunerative Approaches for Agriculture and Allied Sector Rejuvenation) के रूप में जारी रखने की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • आरकेवीवाई-रफ्तार (RKVY-RAFTAAR) योजना का कार्यान्वयन वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक तीन वर्षों की अवधि में किया जाएगा।
  • योजना का वित्तीय आवंटन 15722 करोड़ रुपये होगा।
  • योजना का लक्ष्य किसानों के प्रयासों के सशक्तीकरण, आपदा न्यूनीकरण और कृषि व्यवसाय उद्यमिता के प्रोत्साहन के माध्यम से कृषि कार्य को लाभप्रद आर्थिक गतिविधि बनाना है।
  • योजना की निधियां राज्यों को 60 :40 के अनुपात में केंद्र एवं राज्यों (पूर्वोत्तर राज्यों एवं हिमालयी राज्यों हेतु 90 : 10) के मध्य उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • योजना की निधि राज्यों को निम्नलिखित प्रकार से उपलब्ध कराई जाएंगी-
    A.नियमित आरकेवीवाई-रफ्तार (आधारभूत संरचना एवं संपत्ति और उत्पादन वृद्धि) सहित परिव्यय का 70 प्रतिशत निम्नांकित कार्य-कलापों हेतु अनुदान के रूप में राज्यों को आवंटित किया जाएगा
    (i) आधारभूत संरचना एवं संपत्ति के साथ नियमित आरकेवीवाई-रफ्तार परिव्यय का 50 प्रतिशत।
    (ii) मूल्यवर्धन से जुड़ी उत्पादन परियोजनाओं के साथ नियमित आरकेवीवाई-रफ्तार परिव्यय का 30 प्रतिशत।
    (iii) ¹लेक्सी-फंड्स (Flexi-Funds) के साथ नियमित आरकेवीवाई-रफ्तार परिव्यय का 20 प्रतिशत। राज्य स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप इनका उपयोग किसी भी परियोजना के समर्थन के लिए कर सकते हैं।
  • B. वार्षिक परिव्यय का 20 प्रतिशत-राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की आरकेवीवाई -रफ्तार विशेष उपयोजनाएं।
    C. 2 प्रतिशत की प्रशासनिक लागत समेत वार्षिक परिव्यय का 10 प्रतिशत-कृषि-उद्यम की स्थापना हेतु संपूर्ण समाधान, कौशल विकास और वित्तीय समर्थन के माध्यम से नवाचार एवं कृषि उद्यमिता का विकास।
  • योजना द्वारा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को अधिक आवंटन बढ़ाने में राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • यह योजना कृषि आधारभूत संरचना के निर्माण के माध्यम से किसानों के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगी जिससे गुणवत्तापूर्ण आगतों की आपूर्ति, बाजार सुविधा आदि में सहायता मिलेगी।
  • योजना कृषि उद्यमिता का प्रोत्साहन और कारोबारी मॉडलों का समर्थन करेगी, जिससे किसानों की आय को अधिकतम करने में मदद मिलेगी।

लेखक-नीरज ओझा


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