Contact Us: 0532-2465524, 25, M.-9335140296    
E-mail : ssgcpl@gmail.com

युद्ध अभ्यास, 2017

October 25th, 2017
yudh abhyas 2017
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

  • पृष्ठभूमि
    ‘युद्ध अभ्यास’ भारत एवं संयुक्त राज्य अमेरिका की सेनाओं के मध्य आयोजित होने वाला नियमित द्विपक्षीय सैन्याभ्यास है। वर्ष 2004 में दोनों देशों की सेनाओं के मध्य पहली बार संयुक्त सैन्याभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ आयोजित हुआ। इस अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों की सेनाओं के मध्य प्रशिक्षण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संयुक्त संचालन कौशल एवं द्विपक्षीय सहयोग को प्रोत्साहन मिलता है।
  • युद्ध अभ्यास, 2017
  • 14 से 27 सितंबर, 2017 के मध्य ‘ज्वाइंट बेस लेविस मैकार्ड’ (JBLM : Joint Base Lewis Mcchord), वाशिंगटन में भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्याभ्यास ‘युद्ध अभ्यास, 2017’ (Yudh Abhyas, 2017) आयोजित हुआ।
  • यह ‘युद्ध अभ्यास’ भारत एवं संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य चल रहे संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग प्रयासों का सबसे बड़ा अभ्यास है।
  • यह दोनों देशों के मध्य बारी-बारी से आयोजित किए जाने वाले संयुक्त सैन्याभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का 13वां संस्करण है।
  • ‘युद्ध अभ्यास’ भारत एवं अमेरिका के मध्य वार्षिक संयुक्त सैन्याभ्यास है, जो भारत एवं अमेरिका की सेनाओं के बीच भागीदारी को सशक्त करता है।
  • वर्ष 2017 के युद्ध अभ्यास में संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रतिनिधित्व 20 इन्फैंट्री रेजीमेंट से 5वीं इन्फैंट्री बटालियन ने किया।
  • भारत का प्रतिनिधित्व सूर्य कमांड के गोरखा राइफल्स के सैनिकों ने किया।
  • यह अभ्यास शहरी वातावरण में विद्रोहरोधी एवं आतंकवादरोधी संचालनों में अपनाई जाने वाली विशेष ड्रिल (Drills) तथा प्रक्रियाओं पर केंद्रित था।
  • अभ्यास के प्रारंभिक दिनों के मैदानी प्रशिक्षण में मूलभूत युक्तिचालनों (Basic Manoeuvres) पर प्लाटून स्तरीय प्रशिक्षण शामिल था, जो कि बाद में कंपनी स्तरीय संचालन में परिवर्तित हो गया।
  • सैन्य दलों की त्वरित लामबंदी (Mobilisation) के लिए हेलीकॉप्टर आधारित अभ्यास भी किया गया।
  • दोनों देशों की सेनाओं ने प्लाटून एवं कंपनी स्तरीय संचालनों में एक-दूसरे की विशेषज्ञता एवं अनुभव का लाभ उठाया।
  • इसके अतिरिक्त भारतीय सैन्य दल को ‘स्ट्राइकर’ पैदल सेना युद्धक वाहन का पहला अनुभव प्राप्त हुआ।
  • गौरतलब है कि सितंबर, 2016 में चौबतिया सैन्य केंद्र, रानीखेत, उत्तराखंड में भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास, 2016’ का आयोजन किया गया था।
  • भारत-अमेरिका के अन्य सैन्याभ्यास
  • जुलाई, 2017 में बंगाल की खाड़ी में भारत, अमेरिका और जापान की नौसेनाओं के मध्य संयुक्त सैन्याभ्यास ‘मालाबार, 2017’ आयोजित हुआ।
  • यह सैन्याभ्यास मालाबार का 21वां संस्करण था।
  • वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना ने संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना के साथ अलास्का (संयुक्त राज्य अमेरिका) में आयोजित वायु सैन्याभ्यास ‘रेड फ्लैग अलास्का 16-1’ भाग लिया।
  • भारत-अमेरिका रक्षा संबंध
  • वर्ष 2005 में ‘भारत-अमेरिका रक्षा हेतु नया फ्रेमवर्क’ पर हस्ताक्षर के साथ ही रक्षा सबंध भारत-अमेरिका रणनीतिक साक्षेदारी के प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है।
  • जून, 2015 में अगले दस वर्षों के लिए रक्षा फ्रेमवर्क अनुबंध का नवीनीकरण किया गया।
  • दोनों देशों के मध्य रक्षा संबंध रक्षा व्यापार, संयुक्त सैन्याभ्यास, सैन्यकर्मियों के आदान-प्रदान और समुद्री-डकैतीरोधी एवं समुद्री सुरक्षा के संबंध में सहयोग तथा भागीदारी में प्रतिबिंबित होता है।
  • भारतीय नौसेना के जुलाई-अगस्त, 2016 में आयोजित ‘रिमपैक सैन्याभ्यास’ (RIMPAC : Rim of the Pacific Exercise) में भाग लिया।
  • भारत एवं अमेरिका ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण नीतियों को सरल बनाने और सह-विकास एवं सह-उत्पादन की संभावना तलाशने हेतु ‘रक्षा प्रौद्योगिकी तथा व्यापार पहल’ (DTTI) का शुभारंभ किया है।
  • जून, 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिका ने भारत को ‘प्रमुख रक्षा भागीदार’ के रूप में मान्यता प्रदान की।
  • वर्ष 2010 में ‘भारत-अमेरिका आतंकवादरोधी सहयोग पहल’ पर हस्ताक्षर किए गए।
  • निष्कर्ष
    भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के तहत किए जाने वाले संयुक्त सैन्याभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ से दोनों देशों की सेनाओं को भिन्न-भिन्न प्रकार के खतरों से निपटने हेतु संयुक्त रूप से बेहतर कार्रवाई की योजना बनाने में मदद मिलती है। साथ ही दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की रणनीतियों एवं संचालन कौशल को समझने में सहायता मिलती है।

लेखक-नीरज ओझा


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •