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प्रलय सहायम अभ्यास

October 31st, 2017
pralay sahaayam abhyaas
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भौगोलिक अवस्थिति तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति के कारण भारत प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील देश है। भारत विश्व के 10 सर्वाधिक आपदा प्रवण (Prone) देशों में से एक है। देश के 36 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में 27 आपदा प्रवण हैं।भारत के कुल भू-भाग का लगभग 58.6 प्रतिशत उच्च तीव्रता के भूकंप तथा लगभग 12 प्रतिशत बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील है। कुल 7516 किमी. समुद्र तट में से लगभग 5700 किमी. सुनामी एवं चक्रवात तथा कुल कृषि योग्य भूमि का 68 प्रतिशत क्षेत्र संभावित सूखे के अंतर्गत आता है।

  • 23 सितंबर, 2017 को हैदराबाद में हुसैन सागर झील के तट पर प्रलय सहायम बहु-एजेंसी अभ्यास आयोजित किया गया।
  • इस अभ्यास में सभी केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा सशस्त्र बलों ने भाग लिया।
  • ‘प्रलय सहायम’ मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभ्यास है।
  • इसका उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के प्रयासों में तालमेल स्थापित करना और आपदाओं के शमन हेतु क्षमताओं के संबंध में लोगों के बीच विश्वास कायम करना है।
  • अभ्यास के दौरान हैदराबाद के शहरी बाढ़ परिदृश्य से निपटने हेतु राज्य सरकार की एजेंसियां, पुलिस, राज्य अग्नि एवं आपातकालीन सेवा, एनडीआरएफ (NDRF), सीआईएसएफ (CISF) तथा सशस्त्र बलों ने संयुक्त प्रयास किए।
  • भारतीय वायु सेना तथा सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर तथा चेतक हेलीकॉप्टर ने इस अभ्यास में भाग लिया।
  • प्लान इंडिया, केयर इंडिया, तथा स्फीयर इंडिया जैसे गैर-सरकारी संगठनों ने भी अभ्यास में भाग लिया तथा अपने संगठन, क्षमताओं एवं परिचालन रणनीतियों का प्रदर्शन किया।
  • रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे।
  • दक्षिणी कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पीएम हारिज अभ्यास के परिचालन प्राधिकारी थे।

लेखक-सुधीर तिवारी


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