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नया प्रत्यक्ष कर कानून हेतु कार्यबल गठित

Task Force constituted for new direct tax law

सभी प्रत्यक्ष करों से संबंधित कानून को मजबूत करने और संशोधित करने के लिए 30 अगस्त, 2010 को लोक सभा में ‘प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक, 2010’ पेश किया गया था। किंतु, 15वीं लोक सभा का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण उक्त विधेयक पारित नहीं किया जा सका। इसी प्ररिप्रेक्ष्य में नया प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक कार्यबल का गठन किया गया।

  • 22 नवंबर, 2017 को मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 का मूल्यांकन करने और देश की आर्थिक जरूरतों में तालमेल करते हुए नया प्रत्यक्ष कर कानून तैयार करने के लिए एक कार्यबल (Task Force) का गठन किया गया।
  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के सदस्य अरबिंद मोदी कार्यबल के संयोजक (Convener) होंगे।
  • कार्यबल के सदस्यों में गिरीश आहूजा, राजीव मेमानी, मुकेश पटेल, मानसी केड़िया और जी.सी. श्रीवास्तव शामिल हैं।
  • मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) अरबिंद सुब्रमण्यम कार्यबल में स्थायी विशेष आमंत्रित (Permanent Special Invitee) होंगे।
  • कार्यबल विभिन्न राष्ट्रों में प्रचलित प्रत्यक्ष कर पद्धति, अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों, देश की आर्थिक जरूरतों और इससे संबंधित अन्य मुद्दों को देखते हुए उपयुक्त प्रत्यक्ष कर विधान का मसौदा तैयार करेगा।
  • कार्यबल अपने कार्यों के विनियमन के लिए प्रक्रिया का निर्धारण स्वयं करेगा।
  • कार्यबल द्वारा गठन की तिथि से छः माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपा जाएगा।
  • कार्यबाल का व्यय राजस्व विभाग के बजटीय अनुदानों से प्राप्त होगा।
  • गौरतलब है कि 1 अप्रैल, 2017 को ‘जनरल एंटी-एवायडेंस रूल’ (GAAR: General Anti-Avoidance Rule) से संबंधित आयकर अधिनियम, 1961 के चैप्टर X-A के प्रावधान प्रभावी हुए।
  • गार (GAAR) को सर्वप्रथम प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक, 2010 में प्रस्तावित किया गया था।

लेखक-नीरज ओझा