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दरवाजा बंद अभियान

July 11th, 2017
darwaja band campaign
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  • पृष्ठभूमि
    सार्वभौमिक स्वच्छता आच्छादन (Coverage) प्राप्त करने के प्रयासों को गति प्रदान करने और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 2 अक्टूबर, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वच्छ भारत मिशन’ का शुभारंभ किया। इस मिशन के दो उप-मिशन-स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर, 2019 तक ‘स्वच्छ भारत’ का लक्ष्य प्राप्त किया जाना है। हाल ही में केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत ‘दरवाजा बंद’ अभियान प्रारंभ किया गया है।
  • दरवाजा बंद अभियान
  • 30 मई, 2017 को केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा खुले में शौच को समाप्त करने एवं शौचालय के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देश भर के गांवों में ‘दरवाजा बंद’ नामक एक नए आक्रामक अभियान का शुभारंभ किया गया।
  • विश्व बैंक द्वारा समर्थित इस अभियान की औपचारिक शुरुआत के तुरंत बाद इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
  • दरवाजा अभियान का उद्देश्य उन लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाना है, जो शौचालय होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं करते हैं।
  • इस अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन करेंगे।
  • गांवों की महिलाओं को दरवाजा बंद अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने हेतु इस अभियान से बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को भी जोड़ा जाएगा।
  • स्वच्छ भारत मिशन के केंद्र में लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाना है जिसके लिए देश भर में ‘सूचना-शिक्षा-संचार’ (IEC : Information-Education-Communication) अभियान चलाए जा रहे हैं।
  • शौचालयों के निरंतर उपयोग को बढ़ावा देने और खुले में शौच से मुक्त स्तर प्राप्त करने के लिए संचार अभियानों को केंद्र एवं राज्य दोनों स्तरों पर अपनाया गया है।
  • खुले में शौच से मुक्त राज्य
  • 2 अक्टूबर, 2016 को आंध्र प्रदेश एवं गुजरात शहरी क्षेत्रों के संबंध में खुले में शौच से मुक्त होने वाले पहले राज्य बन गए।
  • आंध्र प्रदेश के सभी 110 शहर एवं कस्बे खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं।
  • गुजरात के सभी 180 शहरों एवं कस्बों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है।
  • महात्मा गांधी की 147वीं जयंती 2 अक्टूबर, 2016 को उनके गृह जिले पोरबंदर को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया।
  • 22 जून, 2017 को उत्तराखंड एवं हरियाणा ग्रामीण क्षेत्रों के संबंध में खुले में शौच से मुक्त होने वाले भारत के चौथे एवं 5वें राज्य बने।
  • 1 नवंबर, 2016 को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत खुले में शौच से मुक्त होने वाला केरल समग्र रूप से तीसरा एवं सबसे बड़ा राज्य है।
  • 28 अक्टूबर, 2016 को ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच से मुक्त होने वाला हिमाचल प्रदेश दूसरा राज्य बना।
  • गौरतलब है कि खुले में शौच से मुक्त होने वाला भारत का पहला राज्य सिक्किम है।
  • जून, 2017 तक भारत के 2 लाख गांव एवं 147 जिले खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
  • स्वच्छ भारत मिशन के उप-मिशन
  • स्वच्छ भारत मिशन के दो उप-मिशन स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) हैं।
  • स्वच्छ भारत मिशन (शहरी)
  • स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का लक्ष्य शहरी भारत को खुले में शौच से मुक्त करना और भारत के 4041 वैधानिक कस्बों में ठोस अपशिष्ट के शत-प्रतिशत वैज्ञानिक प्रबंधन को प्राप्त करना है।
  • इसके तहत 2 अक्टूबर, 2019 तक 66.42 लाख व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण, 2.52 लाख सामुदायिक शौचालय सीट का निर्माण, 2.56 लाख सार्वजनिक शौचालय सीट का निर्माण एवं नगरपालिकीय ठोस अपशिष्ट के शत-प्रतिशत ‘डोर-टू-डोर (Door- To-Door) संग्रहण और वैज्ञानिक प्रबंधन का लक्ष्य प्राप्त किया जाना है।
  • इसके घटकों में शामिल हैं- घरेलू शौचालय, सामुदायिक शौचालय, सार्वजनिक शौचालय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सूचना-शिक्षा-संचार एवं जन जागरूकता, क्षमता निर्माण आदि।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में शामिल लक्ष्यों को निम्नलिखित बिंदुओं में व्यक्त किया जा सकता है-
    (A) खुले में शौच की समाप्ति, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य रक्षा को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की सामान्य गुणवत्ता में सुधार लाना है।
    (B) ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता आच्छादन को तीव्र करके 2 अक्टूबर, 2019 तक ‘स्वच्छ भारत’ का लक्ष्य प्राप्त करना।
    (C) जागरूकता सृजन एवं स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से स्थायी स्वच्छता कार्यों एवं सुविधाओं को अपनाने हेतु समुदायों एवं पंचायती राज संस्थाओं को प्रेरित करना।
  • पारिस्थितिक रूप से सुरक्षित एवं स्थायी स्वच्छता के लिए लागत प्रभावी तथा उपयुक्त तकनीकों को प्रोत्साहन देना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र स्वच्छता के लिए वैज्ञानिक ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित ‘समुदाय प्रबंधित स्वच्छता प्रणाली’ का विकास करना।
  • निष्कर्ष
    वर्ष 2019 तक ‘स्वच्छ भारत’ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने हेतु ‘स्वच्छ भारत मिशन’ प्रारंभ किया गया है। इस मिशन के तहत न केवल शौचालयों के निर्माण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को शामिल किया गया है बल्कि शौचालयों के उपयोग एवं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने हेतु लोगों को प्रेरित भी किया जाना है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रारंभ ‘दरवाजा बंद’ अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को, शौचालयों के उपयोग हेतु प्रेरित करने में मदद मिलेगी।

लेखक -नीरज ओझा


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