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‘उड़ान’ आर.सी.एस. का शुभारंभ

May 8th, 2017
Launch of UDAN r.c.s.
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भारत विश्व में क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवां बड़ा देश है। इतने वृहद क्षेत्र को आपस में जोड़ने एवं सर्व सामान्य जनता को हवाई यातायात सुलभ कराने हेतु नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अक्टूबर, 2016 में ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) नामक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आर.सी.एस.) का शुभारंभ किया।

  • इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अप्रैल, 2017 को ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) नामक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आर.सी.एस.) की शुरुआत शिमला-दिल्ली मार्ग पर प्रथम उड़ान को हरी झंडी दिखाकर किया। इसके साथ ही इस योजना के तहत प्रधानमंत्री द्वारा कडप्पा-हैदराबाद और नांदेड़-हैदराबाद क्षेत्रों के लिए भी उड़ान का उद्घाटन किया।
  • इस योजना के सफल संचालन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) को क्रियान्वयनकारी एजेंसी बनाया गया है।
  • भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने उड़ान (आर.सी.एस.) के तहत 27 प्रस्तावों के लिए अनुबंध पत्र जारी किया है। यह योजना 10 वर्षों तक प्रवर्तन में रहेगी।
  • भौगोलिक विस्तार के दृष्टिकोण से पश्चिम भारत के 24 हवाई अड्डों, उत्तर भारत के 17 हवाई अड्डों, दक्षिण भारत के 11 हवाई अड्डों एवं पूर्वी भारत के 12 हवाई अड्डों को आपस में जोड़ने की योजना है।
  • बाजार आधारित व्यवस्था के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाली यह योजना विश्व में अपनी तरह की प्रथम योजना है।
  • इस योजना के तहत 500 किलोमीटर की 1 घंटे की यात्रा अथवा हेलिकॉप्टर से 30 मिनट के सफर का किराया अधिकतम 2500 रुपये होगा।
  • साथ ही अलग-अलग दूरी एवं अवधि वाले मार्गों पर हवाई सफर का किराया समानुपातिक आधार पर तय किया जाएगा।
  • उड़ान योजना में परिचालन हेतु हवाई अड्डों का चयन राज्य सरकार के परामर्श से किया जाएगा।
  • उड़ान योजना के तहत व्यवहार्यता अंतराल विधियन की आवश्यकता की पूर्ति हेतु एक क्षेत्रीय कोष (Regional Connectivity Fund : RCF) बनाया जाएगा।
  • भागीदार राज्य सरकारें को 20 प्रतिशत का योगदान देगी जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में उत्तर-पूर्वी राज्यों का योगदान 10 प्रतिशत होगा।
  • यातायात संजाल के तहत 16 सुविचारित प्रस्ताव एकल मार्गों (दो शहरों को जोड़ने वाले) और 11 प्रस्ताव नेटवर्कों (तीन या उससे अधिक शहरों को जोड़ने वाले) से संबंधित है।
  • उड़ान योजना के तहत वर्तमान में 27 सेवारत, 12 कम सेवारत एवं 31 गैर-सेवारत हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जाएगा।
  • उड़ान योजना से नागरिकों को वहनीयता संपर्क एवं अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे साथ ही विमान सेवाओं से वंचित पड़े हवाई अड्डों का पुनरुद्धार हो सकेगा।

लेखक-प्रभात सिंह


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