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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान राष्ट्र को समर्पित

October 27th, 2017
Akhil Bharatiya Ayurvedic Institute dedicated to nation
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  • आयुर्वेद
  • आयुर्वेद शब्द दो संस्कृत शब्दों यथा आयुः अर्थात जीवन (Life) तथा वेद जिसका अर्थ विज्ञान है, से मिलकर बना है। अतः इसका शाब्दिक अर्थ है-‘जीवन का विज्ञान’ (Science of Life)
  • वस्तुतः आयुर्वेद भारतीय उपमहाद्वीप की एक प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है।
  • आयुर्वेद के अनुसार, मानव शरीर सहित ब्रह्मांड में सभी वस्तुएं पांच मूल तत्वों (पंचमहाभूतों) अर्थात पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और निर्वात से निर्मित हैं।
  • आयुर्वेद में रोग के उपचार को मोटे तौर पर निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है –
    (i) शोधन चिकित्सा (शुद्धिकरण उपचार)
    (ii) शमन चिकित्सा (प्रशामक उपचार)
    (iii) पथ्य व्यवस्था (आहार एवं क्रिया-कलापों से संबंधित निर्देश)
    (iv) निदान परिवर्जन (रोग उत्पन्न करने वाले एवं उसे बढ़ावा देने वाले कारकों से बचाव)
    (v) सत्ववजय (मनोचिकित्सा)
    (vi) रसायन चिकित्सा (रोग-प्रतिरोधक शक्ति के उत्प्रेरकों और कायाकल्प दवाओं का उपयोग)
  • भारत में आयुर्वेद के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थान
    (i) राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, नई दिल्ली
    (ii) राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर
    (iii) आयुर्वेद का स्नातकोत्तर शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जामनगर (गुजरात)
  • अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
  • नई दिल्ली में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (AIIA : All India Institute of Ayurveda) की स्थापना का प्रस्ताव भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किया गया था।
  • श्री वाजपेयी ने मई, 2000 में अखिल भारतीय आयुर्वेद कांग्रेस के तत्वावधान में आयोजित एक पुरस्कार वितरण समारोह में एक अत्याधुनिक राष्ट्रीय आयुर्वेद चिकित्सालय की स्थापना की घोषणा की थी।
  • दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने इस प्रस्तावित संस्थान हेतु दिल्ली-मथुरा रोड पर सरिता विहार के निकट लगभग 11 एकड़ भूमि आवंटित की।
  • वर्ष 2003 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त होने के बाद भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत ने फरवरी, 2004 में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ की आधरशिला रखी।
  • राष्ट्र को समर्पित
  • 17 अक्टूबर, 2017 को द्वितीय राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में देश के पहले ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ को राष्ट्र को समर्पित किया।
  • इस संस्थान की स्थापना ‘अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान’ (AIIMS) की तर्ज पर की गई है।
  • केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधीन एक शीर्ष संस्थान के रूप में एआईआईए आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नैदानिक उपकरणों एवं प्रौद्योगिकी के मध्य समन्वय स्थापित करेगा।
  • विशेषताएं
  • अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना 157 करोड़ रुपये के बजट के साथ 10.015 एकड़ के कुल परिसर क्षेत्र में की गई है।
  • यह संस्थान एनएबीएच (NABH : National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers) द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल एवं एक अकादमिक ब्लॉक से युक्त है।
  • एआईआईए आयुष मंत्रालय के अधीन ऐसा पहला चिकित्सा संस्थान है जिसे अपनी नैदानिक सेवाओं के लिए एनएबीएच द्वारा मान्यता प्राप्त हुई है।
  • बाहर से आने वाले रोगियों को एआईआईए के अस्पताल ब्लॉक में चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाती हैं और निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
  • एआईआईए में आयुर्वेद में परास्नातक कार्यक्रम (MD/MS) अकादमिक सत्र 2016-17 से प्रारंभ हो चुका है।
  • जबकि पीएचडी पाठ्यक्रम सत्र 2017-18 से प्रारंभ हुए हैं।
  • एआईआईए ने राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान, नोएडा (NICPR, Noida); एम्स, नई दिल्ली तथा एमडीएनआईवाई (MDNIY) एवं ईएए, जर्मनी के साथ समझौता-ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है।
  • राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस
  • आयुष मंत्रालय ने प्रतिवर्ष धन्वंतरि जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के आयोजन का निर्णय लिया है।
  • प्रथम राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस 28 अक्टूबर, 2016 को आयोजित किया गया था।

लेखक-सौरभ मेहरोत्रा


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