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‘भ्रष्टाचार बोध सूचकांक, 2015

Corruption Perception Index 2015

विश्व के विभिन्न देशों में भ्रष्टाचार के स्तरों की तुलना हेतु प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन ‘ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल’ (Transparency International) द्वारा वर्ष 1995 से प्रति वर्ष ‘भ्रष्टाचार बोध सूचकांक’ (CPI-Corruption Perception Index) जारी किया जाता है। यह सूचकांक संबंधित देशों के भीतर एवं बाहर उद्यमियों और विश्लेषकों से प्रश्न पूछकर सर्वेक्षण विधि द्वारा तैयार किया जाता है। भ्रष्टाचार बोध सूचकांक के संकलन के लिए वर्ष 2012 में एक नई प्रणाली अपनाई गई ताकि आगामी वर्षों में इस सूचकांक के आधार पर साल-दर-साल तुलना की जा सके। यह सूचकांक वैश्विक स्तर पर विश्व के विभिन्न देशों में सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तर के तुलनात्मक आकलन हेतु एक महत्त्वपूर्ण मानक है। इस सूचकांक के महत्त्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं-

  • ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा 27 जनवरी, 2016 को 21वां वार्षिक भ्रष्टाचार बोध सूचकांक, 2015 (CPI-2015) जारी किया गया।
  • इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के भ्रष्टाचार के परिणाम जानने के लिए रिश्वतखोरी के मामलों, खस्ताहाल स्कूली व्यवस्था, नकली दवाइयों और चुनाव में धन की पहुंच का प्रयोग किया गया है।
  • इस सूचकांक में कुल 168 देशों अथवा टेरिटरीज को रैंकिंग प्रदान की गई है।
  • यह सूचकांक 0 से 100 अंकों तक विस्तारित है जिसमें 0 का अर्थ सर्वाधिक भ्रष्ट (Highly Corrupt) और 100 का अर्थ सर्वाधिक ईमानदार (Very Clean) होने से है।
  • इस सूचकांक में शामिल 168 देशों में दो-तिहाई देशों ने 50 अंक से कम का स्कोर प्राप्त किया है जो इन देशों में सार्वजनिक भ्रष्टाचार की व्यापकता को प्रदर्शित करता है।
  • इसमें किसी भी देश को पूर्णतः भ्रष्टाचार मुक्त होने जैसा स्कोर नहीं मिला है अर्थात कोई भी देश भ्रष्टाचार सूचकांक में 100 अंक का स्कोर नहीं अर्जित कर सका है।
  • इसमें डेनमार्क 91 अंक हासिल कर पिछले वर्ष की भांति वर्ष 2015 में भी पहले स्थान पर है।
  • सूचकांक में फिनलैंड, स्वीडन एवं न्यूजीलैंड क्रमशः 90,89 एवं 88 अंकों के साथ द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान पर हैं।
  • नीदरलैंड एवं नॉर्वे दोनों ने 87 अंक अर्जित किए हैं और सूचकांक में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं।
  • स्विट्जरलैंड, सिंगापुर एवं कनाडा क्रमशः 86, 85 एवं 83 अंकों के साथ सातवें, आठवें एवं नौवें स्थान पर हैं।
  • जबकि जर्मनी, लक्जमबर्ग एवं यूनाइटेड किंगडम संयुक्त रूप से दसवें स्थान पर हैं और इनमें प्रत्येक ने 81 अंक अर्जित किए हैं।
  • इस सूचकांक में सर्वाधिक 5 अंकों की कमी लेसोथो एवं ब्राजील में आई है अर्थात इन देशों में भ्रष्टाचार बढ़ा है।
  • जबकि सूचकांक में सर्वाधिक 5 अंकों की वृद्धि चेक रिपब्लिक, रवांडा एवं कुवैत में हुई है जो इस बात का सूचक है कि इन देशों में भ्रष्टाचार घटा है।
  • इस सूचकांक में केवल 8 अंक प्राप्त कर उत्तर कोरिया और सोमालिया संयुक्त रूप से अंतिम स्थान (167वें) पर हैं जो कि सर्वाधिक भ्रष्ट हैं।
  • इस सूचकांक में भारत को बोस्निया और एर्जेगोविना, बुर्किना फासो, थाईलैंड, ट्यूनीशिया, जाम्बिया एवं ब्राजील के साथ संयुक्त रूप से 76वीं रैंक हासिल हुई है। इन सभी 7 देशों का सूचकांक स्कोर 38 अंक है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में भारत के स्कोर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जबकि भारत की रैंकिंग में 9 स्थान का सुधार हुआ है।
  • पिछले वर्ष के सूचकांक में भारत 38 अंक के स्कोर के साथ बुर्किना फासो, जमैका, पेरू, फिलीपींस, श्रीलंका, थाईलैंड, त्रिनिडाड एवं टोबैगो तथा जाम्बिया के साथ संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर था।
  • भारत के पड़ोसी देश नेपाल और पाकिस्तान क्रमशः 27 व 30 अंकों के साथ 130 व 117 वें स्थान पर हैं।
  • बांग्लादेश 25 अंक के स्कोर के साथ 139वें स्थान (रैंक) पर है।
  • इस सूचकांक में ब्रिक्स देशों की स्थिति इस प्रकार है-
  • ब्राजील-38 अंक (76वीं रैंक), रूस-29 अंक (119वीं रैंक), चीन-37 अंक (83वीं रैंक) तथा दक्षिण अफ्रीका-44 अंक (61वीं रैंक)।
  • वर्ष 2015 के सूचकांक में बहामास, बारबाडोस, डोमिनिका, प्यूर्टो रिको (Puerto Rico), सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, समोआ और स्वाजीलैंड को शामिल नहीं किया गया है जबकि पिछले वर्ष के 175 देशों के सूचकांक में ये देश भी शामिल थे।
  • CPI-2015 में अफगानिस्तान (स्कोर-11), सूडान (स्कोर-12), दक्षिण सूडान (स्कोर-15) एवं अंगोला (स्कोर-15) और लीबिया (स्कोर-16) क्रमशः 166वें, 165वें, 163वें और 161वें स्थान पर हैं।
  •  सीपीआई-2015 में दक्षिण एशिया के देश
रैंक देशस्कोर 2015वर्ष 2014
27भूटान6565
83श्रीलंका3738
76भारत3838
117पाकिस्तान3029
139बांग्लादेश2525
166अफगानिस्तान1112
  • सूचकांक में शामिल सभी 168 देशों का औसत अंक (Average Score) 43 है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 53 प्रतिशत G-20 देशों का स्कोर (अंक) 50 से कम है।
  • CPI-2015 में यूरोपीय संघ व पश्चिमी यूरोप के देशों का औसत स्कोर 67 है।
  • जबकि एशिया पैसिफिक, अमेरिका एवं पूर्वी यूरोप व मध्य एशिया के देशों का औसत स्कोर क्रमशः 43,40 एवं 33 है।
  • उप-सहारा अफ्रीका के देशों का औसत स्कोर भी 33 है।

लेखक-पंकज पाण्डेय