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भारत हेग आचार संहिता में शामिल

India joined the Hague Code of Conduct

, तो आपको युद्ध के लिए तैयार रहना होगा।’ वैश्विक स्तर पर घातक प्रक्षेपास्त्रों के परीक्षण की होड़ संभवतः इस लैटिन कथन की पुष्टि करती है। विध्वंसकारी प्रक्षेपास्त्रों के बढ़ते परीक्षण को शक्ति संतुलन एवं भयादोहन के रूप में देखा जा सकता है। घातक प्रक्षेपास्त्रों के परीक्षण की बढ़ती प्रवृत्ति विश्व शांति के लिए एक गंभीर संकट पैदा कर सकती है। विश्व को इस गंभीर संकट से बचाने के उद्देश्य से घातक प्रक्षेपास्त्रों के परीक्षण को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत 25 नवंबर, 2002 को नीदरलैंड्स के हेग में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें सामूहिक विनाश के हथियारों को ले जाने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ‘हेग आचार संहिता’ (HCOC) की शुरुआत की गई। शुरुआत के समय इसमें 96 सदस्य देश शामिल हुए थे। वर्ष 2002 में ही हेग आचार संहिता के केंद्रीय संपर्क के रूप में वियना (ऑस्ट्रिया) में इसके कार्यकारी सचिवालय की स्थापना की गई। हेग आचार संहिता की शुरुआत के पश्चात से ही प्रत्येक वर्ष इसके सदस्य देशों की वार्षिक बैठक का आयोजन वियना में किया जाता है। भारत द्वारा हेग आचार संहिता में शामिल होने का निर्णय विश्व शांति के लिए उसकी व्यापक प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है। भारत के शामिल होने के पश्चात हेग आचार संहिता में शामिल देशों की संख्या 138 हो गई है।

  • 2 जून, 2016 को भारत राजनयिक चैनलों के माध्यम से वियना (ऑस्ट्रिया) स्थित हेग आचार संहिता (HCOC) के केंद्रीय संपर्क को अधिसूचित करके बैलिस्टिक मिसाइल प्रसार के खिलाफ हेग आचार संहिता में शामिल हो गया है।
  • भारत की हेग आचार संहिता में शामिल होने की तत्परता भविष्य में वैश्विक अप्रसार उद्देश्यों को मजबूत करने का संकेत है।
  • भारत का हेग आचार संहिता में शामिल होने का निर्णय बहुत महत्त्वपूर्ण प्रभाव रखता है।
  • हेग आचार संहिता में शामिल होने से भारत के ‘मिसाइल प्रौद्योगिकी प्रक्षेपण व्यवस्था’ (MTCR) में शामिल होने के प्रयासों को बल मिलेगा।
  • एमटीसीआर में शामिल होने से भारत का अमेरिका से ड्रोन विमान खरीदने तथा अपने उच्च प्रौद्योगिकी वाले प्रक्षेपास्त्रों का निर्यात करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • हेग आचार संहिता कानूनी रूप से गैर-बाध्यकारी पारदर्शिता एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वास बहाली का एक उपकरण है।
  • हेग आचार संहिता बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण पर प्रतिबंध नहीं लगाता बल्कि यह उनके उत्पादन, प्रक्षेपण एवं निर्यात को नियंत्रित करता है।
  • चीन, पाकिस्तान, इस्राइल और उत्तर कोरिया जैसे देश अभी हेग आचार संहिता में शामिल नहीं हुए हैं।
  • 2-3 जून, 2016 को हेग आचार संहिता की 15वीं वार्षिक बैठक का आयोजन कजाख्स्तान की अध्यक्षता में वियना में किया गया।
  • इसकी 16वीं वार्षिक बैठक का आयोजन 6-7 जून, 2017 को पोलैंड की अध्यक्षता में वियना में किया जाएगा।

लेखक-अतुल मणि त्रिपाठी