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बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन विधेयक, 2015

The Benami Transactions (Prohibition) (Amendment) Bill, 2015

बेनामी लेन-देन उसे कहते हैं जिसमें ऐसी संपत्ति दांव पर होती है जिसमें वह खरीदी तो किसी और के नाम पर जाती है, लेकिन उसके लिए भुगतान कोई और करता है। विधेयक में इसके लिए दायरे का विस्तार किया गया है, संदिग्ध नामों के तहत खरीदी गई संपत्तियों को भी शामिल किया गया है। भारत में अधिकांश लोग ऐसे हैं जिनके धन का कोई लेखा-जोखा नहीं है और वह आयकर भी अदा नहीं करते हैं, प्रायः बेनामी संपत्तियों में धन लगाते हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन विधेयक को 20 जुलाई, 2016 को मंजूरी प्रदान की थी और लोक सभा द्वारा इस विधेयक को 27 जुलाई, 2016 तथा राज्य सभा द्वारा 2 अगस्त, 2016 को पारित किया गया। इसका उद्देश्य पहले से मौजूद बेनामी लेन-देन (निषेध) विधेयक, 1988 में संशोधन करना है। अपितु वर्ष 1988 में बनाए गए कानून का उद्देश्य भी करवंचना और संपत्तियों के अनियमित एवं बेजा उपयोग को रोकना ही था किंतु इस विधेयक के प्रावधानों में कई तरह की व्यावहारिक कठिनाइयां थीं जो प्रस्तावित संशोधन के अधिनियम के रूप में परिवर्तित होने के बाद खत्म हो जाएंगी। इस विधेयक में नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।

  • इस संशोधन का उद्देश्य कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के संदर्भ में इस विधेयक को मजबूती प्रदान करना है।
  • संशोधित विधेयक के तहत सरकार बेनामी संपत्तियों को जब्त कर सकती है।
  • यदि संपत्ति पत्नी, बच्चे या परिवार के किसी निकट सदस्य के नाम पर है, तो वह बेनामी संपत्ति की श्रेणी में नहीं आएगी।
  • आय घोषणा योजना के तहत अपनी बेनामी संपत्तियों की घोषणा करने वाले लोगों को बेनामी अधिनियम के तहत राहत प्रदान की जाएगी।
  • कानून की धारा 58 के तहत धर्मादा और धार्मिक संगठनों की संपत्तियां इस कानून के दायरे से बाहर होंगी।
  • धार्मिक पंथ के नाम पर जालसाजी करके बेनामी संपत्तियां बनाने वालों के संदर्भ में सजा से छूट का प्रावधान नहीं है।
  • इस विधेयक के तहत बेनामी लेन-देन करने वाले लोगों पर अभियोजन के साथ एक से सात वर्ष की सजा अथवा जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • संशोधित विधेयक में बेनामी लेन-देन से संबंधित मामलों की सुनवाई करने हेतु प्राधिकरण और एक अपीलीय पंचाट के गठन का भी प्रावधान किया गया है।

लेखक-विजय प्रताप सिंह