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बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास : फोर्स 18

Multinational military exercise

भारत की रक्षा व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य न केवल देश अपितु पूरे उपमहाद्वीप में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना है। भारतीय सशस्त्र सेनाओं में थल सेना के पास भूमि पर संचालित होने वाले सैन्य कार्यक्रमों का उत्तरदायित्व है। इसका प्राथमिक उद्देश्य भारतीय सीमाओं की बाह्य आक्रमण से रक्षा करना, सीमाओं की निगरानी एवं आतंक विरोधी कार्यक्रमों का संचालन है। इसके अतिरिक्त भारतीय थल सेना अभ्यास ‘फोर्स, 18’ संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही है। भारतीय सेना का कई देशों की सेनाओं के साथ द्विपक्षीय एवं त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास प्रतिवर्ष आयोजित किए जाते हैं। आसियान प्लस देशों का राष्ट्रीय भूमि प्रशिक्षण अभ्यास ‘फोर्स, 18’ की मेजबानी भारत को सौंपी गई। यह भारत की धरती पर जमीनी सेना का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास है। पहली बार इतना बड़ा सैन्य अभ्यास भारतीय थल सेना की मेजबानी, प्रबंधन एवं देख-रेख में संचालित किया गया, यह भारतीय सेना की विशेष उपलब्धि है। अभ्यास फोर्स, 18’ का उद्देश्य आसियान प्लस के 18 देशों के बीच समान समझ कायम करना है। इसलिए इस अभ्यास के लिए ऐसे देश को मेजबानी सौंपा गया, जो इन 18 देशों की विरोधात्मक रवैये वाली सेनाओं में सामंजस्य स्थापित कर सके। भारत का अभ्यास में शामिल इन सभी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए भारतीय सेना को मेजबानी के लिए चुना गया। भारतीय सेना ने इस अभ्यास की सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और अभ्यास को सफल बनाया।

  • आसियान प्लस देशों का राष्ट्रीय प्रशिक्षण अभ्यास ‘फोर्स, 18’ भारतीय सेना की मेजबानी में 2-8 मार्च, 2016 तक पुणे में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  • इस सैन्य अभ्यास की थीम ‘ह्यूमेनिटोरियन माइन एक्शन एंड पीस कीपिंग ऑपरेशंस’ थी।
  • यह भारत की धरती पर जमीनी सेना का सबसे बड़ा अभ्यास था।
  • अभ्यास ‘फोर्स, 18’ में आसियान समूह एवं उसके आठ पर्यवेक्षक राष्ट्र अमेरिका, भारत, जापान, कोरिया, चीन, रूस, ऑस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड की थल सेनाएं शामिल थीं।
  • इस अभ्यास की सफलता के लिए 24 फरवरी से 1 मार्च तक भारतीय सेना द्वारा 28 से अधिक विदेशी प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। इन्हीं प्रशिक्षकों के निर्देशन में ‘फोर्स, 18’ सैन्य अभ्यास संचालित किया गया।
  • इस अभ्यास का शुभारंभ औंध मिलिट्री स्टेशन में हुआ और इसकी अध्यक्षता पुणे स्थित दक्षिणी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल विपिन रावत ने की।
  • 40 सैनिकों की भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी ने किया। लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी कोर ऑफ सिग्नल की अधिकारी हैं।
  • सोफिया कुरैशी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में सेना का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं।
  • शुभारंभ समारोह में आसियान प्लस देशों की विभिन्न सैन्य टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। समारोह में भारतीय राष्ट्रगान बजाया गया और फ्लाइ पास्ट हुआ। इसके बाद आसियान देशों के राष्ट्रगान हुए।
  • एक्सरसाइज ‘फोर्स, 18’ का उद्देश्य आसियान प्लस देशों के बीच समझ एवं सामंजस्य स्थापित करना था।
  • अभ्यास ‘फोर्स, 18’ के समापन समारोह के साक्षी 80 देशों के पर्यवेक्षक थे। इसमें अभ्यास में शामिल देशों एवं अन्य देशों के पर्यवेक्षक शामिल थे।
  • अभ्यास ‘फोर्स, 18’ के समापन समारोह में विदेश सेवा के अधिकारी भी पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित थे।
  • इनमें वियतनाम के वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल, थाइलैंड के लेफ्टिनेंट जनरल और दक्षिण कोरिया के महानिदेशक शामिल थे।
  • इन विदेशी पर्यवेक्षकों ने भारतीय सेना के ड्रिल एवं मार्शल कौशल को देखा।

लेखक-आश नारायण मिश्रा