Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

जापानी उपग्रह जेसीसैट-14 का सफल प्रक्षेपण

Japanese satellite Jcsat-14 successfully launched

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में ‘नासा’ (NASA) एवं ‘यूरोपीय स्पेस एजेंसी’ (ESA) का वर्चस्व कायम रहा है। हाल के वर्षों में एशियाई देशों चीन, जापान व भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। विश्व के अधिकांश देश अपने उपग्रह प्रक्षेपण के लिए भारत की तरफ रुख कर रहे हैं। इसका कारण भारत की उपग्रह प्रक्षेपण की शत-प्रतिशत सफलता एवं कम लागत है। भारत ने अपने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) के द्वारा अब तक 57 विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण किया है जिनमें अमेरिका के उपग्रह भी शामिल हैं। चीन ने वर्ष 2007 में एंटी सैटेलाइट वीपंस टेक्नोलॉजी द्वारा अंतरिक्ष में अपने उपग्रह को नष्ट कर अपनी तकनीकी प्रतिभा का परिचय देकर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जगत में हलचल मचा दी। जापान एशिया का वृहद उपग्रह नेटवर्क वाला देश है। जापान ने दूरसंचार उपग्रहों द्वारा सुदूर क्षेत्रों तक सेवाएं प्रदान कर व्यावसायिक सफलता हासिल की है। जापान के उपग्रह आधारित सेवाओं की पहुंच एशिया, ओशिनिया, रूस एवं उत्तरी अमेरिका के देशों तक है। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निरंतर प्रगति जापान के लिए व्यावसायिक हित के साथ-साथ, भौगोलिक स्थिति के दृष्टिगत आवश्यक भी है। जापान विश्व का सर्वाधिक भूंकप जोखिम वाला देश है इसलिए आपदा प्रबंधन के लिए उपग्रह आधारित सेवाओं की सुविधा आवश्यक है। जापान की दूरसंचार उपग्रहों की शृंखला का नवीनतम उपग्रह जेसीसैट-14 का सफल प्रक्षेपण अमेरिका के केप केनेवरल एयरफोर्स स्टेशन से किया गया है।

  • 6 मई, 2016 को जापानी दूरसंचार उपग्रह जेसीसैट-14 (JCSAT-14) अमेरिकी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी स्पेसएक्स (Space X) के फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया।
  • जेसीसैट-14 का सफल प्रक्षेपण अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केप केनेवरल एयरफोर्स स्टेशन से किया गया।
  • जेसीसैट-14 जापानी दूरसंचार कंपनी’ स्काई परफेक्ट जेसैट कॉर्पोरेशन’ (Sky Perfect JSAT Corporation) द्वारा संचालित किया जाएगा।
  • इस दूरसंचार उपग्रह का निर्माण अमेरिका की स्पेस सिस्टम/लोरेल (Space Systems/Loral) द्वारा 1300 सीरीज बस प्लेटफॉर्म पर किया गया है।
  • जेसीसैट-14 उपग्रह को 154o पूर्वी देशांतर पर ‘भूस्थिर अंतरण कक्षा’ (Geostationary Transfer Orbit-GTO) में स्थापित किया गया।
  • जेसीसैट-14 पूर्व स्थापित दूरसंचार उपग्रह जेसीसैट-2A का स्थान ग्रहण करेगा।
  • इस उपग्रह में 26 सी-बैंड एवं 18 केयू बैंड ट्रांसपोंडर लगे हुए हैं।
  • KU-बैंड द्वारा जापान एवं एशिया-प्रशांत क्षेत्र और C-बैंड द्वारा एशिया व ओशिनिया से परे रूस एवं प्रशांत द्वीपीय क्षेत्र कवर किए जाएंगे। ये ट्रांसपोंडर 2853 MHz बैंड विथ प्रदान करेंगे।
  • जेसीसैट-14 उपग्रह की निर्धारित अवधि 15 वर्ष है।
  • जेसीसैट-14 का औपचारिक नाम जेसीसैट-2B है।
  • इस उपग्रह के सफल प्रक्षेपण से दूरसंचार सेवाओं के उभरते वैश्विक व्यवसाय में तीव्रता आ जाएगी।
  • इस उपग्रह से सुदूर क्षेत्रों तक दूरसंचार सेवाएं पहुंचाई जा सकेगी।

लेखक-आश नारायण मिश्रा