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केरल भारत का प्रथम डिजिटल राज्य

Kerala, India's first digital state

राष्ट्र की उन्नति के लिए यह आवश्यक है कि यहां संचालित योजनाएं पारदर्शी, कुशलतापूर्वक व तत्परता से संपन्न हों। ‘डिजिटल इंडिया’ इन उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक हो सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ेगी। यह नेटवर्क आप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाने वाला विश्व का सबसे विशाल ग्रामीण नेटवर्क होगा और इस विशाल नेटवर्क का अहम हिस्सा बना है केरल राज्य।
हाल ही में केरल को भारत का पहला डिजिटल राज्य घोषित किया गया है। केरल ने प्रथम डेटा सेंटर की स्थापना वर्ष 2005 में की थी। वर्तमान में यहां 600 ‘ई-शासन अनुप्रयोग’ (E-Governance Applications) मौजूद हैं जो राज्य के सभी नागरिकों को ई-सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य के सभी जिले ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। इस घोषणा से जुड़े प्रमुख बिंदु निम्नोक्त हैं-

  • 27 फरवरी, 2016 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने केरल को भारत का प्रथम डिजिटल राज्य घोषित किया।
  • राष्ट्रपति ने उरलुंगल श्रम संविदा सोसायटी के तहत एक यू.एल. साइबर पार्क व एक आईटी पार्क के उद्घाटन के समय यह जानकारी दी।
  • इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल रोजगार अभियान और कनिवू (Kanivu) योजना का शुभारंभ किया तथा सामाजिक न्याय विभाग का जेंडर पार्क समर्पित किया।
  • शिखर सम्मेलन का आयोजन केरल राज्य आईटी मिशन एवं कंप्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा किया गया।
  • 30 जून, 2015 में केरल का दूरसंचार घनत्व 96.86 प्रतिशत था। साथ ही यहां की 60 प्रतिशत जनसंख्या इंटरनेट का प्रयोग करती है।
  • केरल की प्रत्येक ग्राम पंचायत ब्रॉडबैंड से जुड़ी है।
  • 600 से अधिक ई-शासन अनुप्रयोग राज्य के लगभग सभी विभागों को कवर करते हैं।
  • वर्ष 2011 की जनगणनानुसार, केरल की साक्षरता दर 94.0 है जो कि भारत में सर्वाधिक है।
  • 12 जनवरी, 2015 को केरल के इदुक्की जिले को भारत का पहला हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड जिले का दर्जा दिया गया।
  • एम. गवर्नेंस की सहायता सरकारी स्कूलों में वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जाएंगे।
  • कनिवू योजना शैय्याग्रस्त (बिस्तर पर पड़े हुए) रोगियों को भोजन, दवाइयां व देखभाल उपलब्ध कराने से संबद्ध है।
  • मार्च, 2013 में केरल में बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर 0.53 प्रतिशत है जो देश के किसी भी राज्य की तुलना में कम है।
  • केरल में 95 प्रतिशत से अधिक लोगों का आधार कार्ड के लिए नामांकन किया जा चुका है।
  • केरल का डिजिटल राज्य बनना भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की लक्ष्यपूर्ति में सहायक होगा।

लेखक-अरविन्द कुमार