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आईसीजीएस शौर्य का जलावतरण

ICGS Shaurya launched

वर्ष 2008 के मुंबई हमले के बाद भारत के पश्चिमी समुद्री तट की सुरक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भारत सरकार द्वारा कई सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं। उनमें से एक अपतटीय गश्ती पोतों की समुद्री सीमा में तैनाती भी है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2010 में गोवा शिपयार्ड से 1800 करोड़ रुपये की लागत से छः अपतटीय पोतों की एक शृंखला के निर्माण से संबंधित समझौता किया गया। इस शृंखला में ‘समर्थ’ श्रेणी के छः अपतटीय पोतों का विकास किया जा रहा है। समर्थ श्रेणी के पोत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन पोतों में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, सेंसर, दिशा-सूचक प्रणाली एवं हेलीकॉप्टर तैनाती जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भारत का पश्चिमी समुद्री तट सामरिक दृष्टि से काफी संवेदनशील है। पाकिस्तान से लगे क्षेत्रों में सुरक्षा-व्यवस्था सुदृढ़ होना अति आवश्यक माना जा रहा है। समुद्री तट रक्षक बल को भी अत्याधुनिक हथियारों एवं समुद्री गश्ती पोतों की श्रेष्ठतम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। समर्थ श्रेणी के पांचवें अपतटीय पोत ‘आईसीजीएस शौर्य’ का जलावतरण किया गया है।

  • 5 मई, 2016 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा एक समारोह में गश्ती पोत आईसीजीएस शौर्य का जलावतरण किया गया।
  • आईसीजीएस शौर्य गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारतीय तटरक्षक बल के लिए स्वदेशी तकनीक से डिजाइन एवं निर्मित किए जा रहे छः अपतटीय गश्ती पोतों में से पांचवां है।
  • आईसीजीएस शौर्य का जलावतरण गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा द्वारा किया गया।
  • आईसीजीएस शौर्य 105 मीटर लंबा व 2230 टन विस्थापित क्षमता वाला गश्ती पोत है।
  • यह गश्ती पोत दो डीजल इंजन द्वारा संचालित है और अत्याधुनिक नेवीगेशन एवं संचार उपकरण से युक्त है।
  • आईसीजीएस शौर्य खोज एवं बचाव अभियान, प्रदूषण नियंत्रण और बाह्य अग्निशमन में सक्षम है।
  • आईसीजीएस शौर्य की गति 24 नॉट है एवं लगातार 20 दिनों तक कार्य करने में सक्षम है।
  • इस गश्ती पोत में शामिल हथियारों में 30 एमएम गन व दो 12.7 एमएम गन, अग्निशमन तंत्र से लैस होगा।
  • इस पोत में चार नावें जो बोर्डिंग ऑपरेशन से संबंधित होंगी, वहन की जाएंगी।
  • ज्ञातव्य है कि इस श्रेणी का पहला गश्ती पोत ‘आईसीजीएस समर्थ’ है जिसे 10 नवंबर, 2015 को भारतीय तट रक्षक बल की सेवा में शामिल किया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि 9 से 13 फरवरी, 2016 के मध्य आईसीजीएस समर्थ ने मोरबासा बंदरगाह (केन्या) की यात्रा संपन्न की है।
  • इस श्रेणी के गश्ती पोत स्वदेशी डिजाइन से निर्मित किए जाएंगे एवं ये सभी गश्ती पोत अत्याधुनिक संचार तंत्र से लैस होंगे। इनमें अरपा रडार, चुंबकीय कंपास, स्वचालन की सुविधा, इलेक्ट्रिक चार्ट डिस्प्ले, इको साउंडर आदि शामिल हैं।

लेखक-आश नारायण मिश्र