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आईसीजीएस शूर भारतीय तटरक्षक बल में शामिल

ICGS Shoor in Indian Coast Guard

वर्ष 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत सरकार ने समुद्र के रास्ते होने वाली आतंकी घटनाओं तथा समुद्री डकैती इत्यादि से निपटने के लिए ‘भारतीय तटरक्षक बल’ की परिसंपत्तियों, सैन्य दल एवं अवसंरचना में तिगुने की वृद्धि करने हेतु एक परियोजना को मंजूरी प्रदान की थी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2018 तक भारतीय तटरक्षक बल को लगभग 200 पोतों एवं 100 विमानों से लैस करना है। सरकार की इस पहल के अनुरूप केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल, 2010 में ‘6 उन्नत अपतटीय गश्ती पोतों’ (AOPV : Advanced Offshore Patrol Vessels) की खरीद हेतु प्रक्रिया आरंभ की। तकनीकी मूल्यांकन एवं व्यावसायिक निविदाओं के पश्चात मई, 2012 में केंद्र सरकार ने ऐसे 6 पोतों के निर्माण हेतु ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ के साथ 400 मिलियन डॉलर (लगभग 1800 करोड़ रु.) के समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्र सरकार के साथ हुए इस समझौते के तहत वर्तमान में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारतीय तटरक्षक बल हेतु ‘समर्थ श्रेणी के अपतटीय गश्ती पोतों’ का निर्माण किया जा रहा है। ये पोत अपने पूर्ववर्ती ‘विश्वस्त श्रेणी के अपतटीय गश्ती पोतों’ की तुलना में अधिक उन्नत हैं।

  • समर्थ श्रेणी के पहले अपतटीय गश्ती पोत ‘आईसीजीएस समर्थ’ को 10 नवंबर, 2015 को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया था।
  • जबकि इस श्रेणी के दूसरे पोत ‘आईसीजीएस शूर’ की भारतीय तटरक्षक बल में तैनाती 11 अप्रैल, 2016 को हुई।
  • आईसीजीएस शूर की लंबाई 105 मीटर तथा विस्थापन क्षमता 2350 टन है।
  • 9100 किलोवॉट के दो डीजल इंजनों द्वारा चालित यह पोत 23 नॉट की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम है।
  • स्वदेश में ही डिजाइन एवं निर्मित यह पोत अत्याधुनिक नेविगेशन एवं संचार उपकरणों, सेंसरों एवं मशीनरी से लैस है।
  • यह पोत 30mm की CRN-91 नौसैन्य बंदूक, एकीकृत ब्रिज प्रणाली, एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली, ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली आदि से युक्त है।
  • बचाव एवं राहत तथा समुद्री गश्ती आदि अभियानों को संचालित करने के लिए यह पोत एक द्वि-इंजन हल्के हेलिकॉप्टर तथा पांच द्रुत गति से चलने वाली नौकाओं को वहन करने में सक्षम है।
  • समुद्र में तेल रिसाव के कारण होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए यह पोत प्रदूषण प्रतिक्रिया प्रणाली को वहन करने में भी सक्षम है।
  • तटरक्षक बल में शामिल होने के बाद अब इस पोत को न्यू मैंगलोर में तैनात किया जाएगा और ‘अनन्य आर्थिक क्षेत्र’ (EEZ) की निगरानी हेतु इसका व्यापक प्रयोग किया जाएगा।
  • समर्थ श्रेणी के तीसरे एवं चौथे पोत का जलावतरण क्रमशः अप्रैल, 2015 एवं नवंबर, 2015 में संपन्न हो चुका है।
  • जबकि इस श्रेणी के पांचवें पोत ‘आईसीजीएस शौर्य’ का जलावतरण 5 मई, 2016 को संपन्न हुआ।
  • उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में 120 पोत/नौकाएं शामिल हैं जबकि विभिन्न पोत कारखानों पर 70 और पोत/नौकाएं निर्माण के विभिन्न चरण में हैं।

तटरक्षक पोत अर्नवेश

  • 21 मार्च, 2016 को विशाखापत्तनम में ‘तीव्र गश्ती पोत’ (FPV : Fast Patrol Vessel) ‘आईसीजीएस’ अर्नवेश को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल कर लिया गया।
  • आईसीजीएस अर्नवेश कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारतीय तटरक्षक बल हेतु निर्मित 20 तीव्र गश्ती पोतों की शृंखला का 16वां पोत है।
  • 50 मीटर लंबा तथा 300 टन वजनी यह पोत तीन रॉल्स रॉयस कामेवा वाटर जेट इंजन द्वारा चालित है।
  • यह 33 नॉट की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम है।
  • यह पोत 40/60 बोफोर्स तोपों से लैस है।
  • 20 तीव्र गश्ती पोतों की शृंखला के 17वें पोत ‘आईसीजीएस आरुष’ की आपूर्ति कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा 12 मई, 2016 को भारतीय तटरक्षक बल को कर दी गई।

लेखक -सौरभ मेहरोत्रा