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वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट, 2015

सूचना प्रौद्योगिकी वर्तमान में सामाजिक परिवर्तन एवं विकास की संवाहक है। सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव के कारण ही वर्तमान शताब्दी को प्रायः ‘सूचना प्रौद्योगिकी शताब्दी’ की संज्ञा से अभिहित किया जाता है। विश्व के विभिन्न देशों में आर्थिक उत्पादकता और सामाजिक विकास पर ‘सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी’ (ICT : Information & Communication Technology) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु ‘विश्व आर्थिक मंच’ (WEF : World Economic Forum) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस स्कूल ‘इनसीड’ (INSEAD) तथा कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (न्यूयॉर्क) के सहयोग से वर्ष 2001 से ही वार्षिक आधार पर ‘वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट’ (Global Information Technology Report) जारी की जाती है। हाल ही में जारी इस रिपोर्ट के नवीनतम संस्करण में ‘नेटवर्क तत्परता सूचकांक’ (NRI :Networked Readiness Index) के माध्यम से विश्व की 143 अर्थव्यवस्थाओं (जो कुल वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 98.4 प्रतिशत के लिए उत्तरदायी हैं) की नेटवर्क तत्परता की स्थिति का आकलन प्रस्तुत किया गया है।

  • 15 अप्रैल, 2015 को विश्व आर्थिक मंच द्वारा ‘वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट, 2015’ (Global Information Technology Report, 2015) जारी की गई।
  • यह इस रिपोर्ट का 14वां वार्षिक संस्करण है, जिसका शीर्षक है : ‘समावेशी विकास के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी’ (ICTs for Inclusive Growth)।
  • वर्ष 2001 से ही वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट में नेटवर्क तत्परता सूचकांक के माध्यम से सूचना एवं संचार-प्रौद्योगिकी क्रांति को त्वरा प्रदान करने वाले कारकों का मापन किया जाता है जिससे देशों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों का पूर्णतया लाभ उठाने में समर्थ बनाया जा सके ताकि वे साझा विकास एवं समृद्धि को प्राप्त कर सकें।
  • नेटवर्क तत्परता सूचकांक 53 व्यक्तिगत संकेतकों पर आधारित है जिन्हें 4 मुख्य घटकों यथा पर्यावरण (Environment), तत्परता (Read-iness), प्रयोग (Usage) तथा प्रभाव (Impacts) के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है।
  • वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट, 2015 में प्रस्तुत नेटवर्क तत्परता सूचकांक (NRI) के अंतर्गत शामिल 143 देशों में शीर्ष स्थान सिंगापुर को प्राप्त हुआ है।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 से ही फिनलैंड इस सूचकांक की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बना हुआ था, परंतु इस बार वह द्वितीय स्थान पर है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के संदर्भ में विकसित अर्थव्यवस्थाओं का प्रदर्शन विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर रहा है।
  • समग्र NRI रैंकिंग में पहले 31 स्थानों पर उच्च-आय वाली अर्थव्यवस्थाएं ही काबिज हैं।
  • ‘उच्च-मध्यम आय’(Upper-Middle Income) वाले देशों के संदर्भ में सर्वोच्च स्थान मलेशिया को प्राप्त हुआ है और यह NRI रैंकिंग में समग्र रूप से 32वें स्थान पर है।
  • NRI रैंकिंग में शीर्ष 10 स्थान पर काबिज देशों में से 7 यूरोपीय देश हैं।
  • जबकि सिंगापुर (पहला स्थान), संयुक्त राज्य अमेरिका (7वां स्थान) तथा जापान (10वां स्थान) NRI रैंकिंग में शीर्ष-10 में शामिल गैर-यूरोपीय देश हैं।
  • NRI रैंकिंग-2015 में ब्रिक्स देशों में सर्वोच्च स्थान रूस (समग्र रूप से 41वां स्थान) को प्राप्त हुआ है।
  • अन्य ब्रिक्स देशों में चीन 62वें, दक्षिण अफ्रीका 75वें, ब्राजील 84वें तथा भारत 89वें स्थान पर है।
  • NRI रैंकिंग-2015 में भारत को ब्रिक्स देशों में सबसे निचली रैंक प्राप्त हुई है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत वर्ष 2014 में 148 देशों में 83वें स्थान पर था।
  • सूचकांक में भारत को निम्न-मध्यम आय (Lower Middle Income) वाली अर्थ-व्यवस्थाओं में शामिल किया गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत की लगभग एक-तिहाई जनसंख्या के पास मोबाइल फोन है जबकि देश की केवल 15 प्रतिशत जनसंख्या ही इंटरनेट का प्रयोग करती है।
  • NRI में शामिल 143 देशों में से रैंकिंग में शीर्ष 5 देश इस प्रकार हैं :-
    1. सिंगापुर 2. फिनलैंड 3. स्वीडन 4. नीदरलैंड्स 5. नॉर्वे।
  • जबकि रैंकिंग में निचले क्रम के 5 देश इस प्रकार हैं :
    143. चाड 142. गिनी 141 बुरुंडी 140. अंगोला 139. म्यांमार।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 की वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी रिपोर्ट के तहत जारी नेटवर्क तत्परता सूचकांक में विश्व की 148 अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया था, परंतु इस बार 143 अर्थव्यवस्थाएं ही शामिल की गईं हैं।
  • वर्ष 2014 की NRI रैंकिंग में शामिल देशों यथा बेनिन, बोस्निया और हर्जेगोविना, ब्रुनेई, इक्वाडोर तथा लाइबेरिया को इस बार के सूचकांक में जगह नहीं दी गई है, क्योंकि इन देशों के सर्वेक्षण आंकड़े उपलब्ध नहीं थे।