Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

स्थानीय पवन

13 अंकों में आविष्कार/खोज, 4 अंकों में राष्ट्रगान, 5 अंकों में संसद, 3 अंकों में मुद्राओं तथा 11 अंकों में धरातलीय आकृतियों के पश्चात अब ज्ञानिकी के तहत पृथक-पृथक शीर्षकों में जानकारियां प्रदान की जा रही हैं। गत 8 अंकों में परिवहन के विभिन्न घटकों एवं महासागरीय नितल के उच्चावच्च पर जानकारी प्रस्तुत की गई थी। इस अंक में स्थानीय पवन पर जानकारी प्रस्तुत की जा रही है।

धरातल पर तापमान का असमान वितरण पाया जाता है। वायु गर्म होने पर फैलती है और ठंडी होने पर सिकुड़ती है। इससे वायुमंडलीय दाब में भिन्नता उत्पन्न होती है। इसी के परिणामस्वरूप वायु गतिमान होकर अधिक दाब वाले क्षेत्रों से न्यून दाब वाले क्षेत्रों में प्रवाहित होती है। क्षैतिज रूप से अभिगमन करने वाली वायु को ही ‘पवन’ कहते हैं। सामान्यतया लघु क्षेत्र में सीमित तथा स्थानीय दशाओं से उत्पन्न हवाओं को ‘स्थानीय पवन’ कहते हैं। यद्यपि स्थानीय पवनें लघु क्षेत्रों तक ही सीमित होती हैं परंतु कभी-कभी ये हजारों किमी. की दूरी तय कर लेती हैं। उदाहरण के लिए कनाडा के आर्कटिक क्षेत्र से उत्पन्न होकर ध्रुवीय ठंडी हवाएं संयुक्त राज्य अमेरिका के सुदूर दक्षिणी भाग में मैक्सिको की खाड़ी के तटीय भागों में पहुंच जाती हैं, जिससे इन क्षेत्रों का तापमान हिमांक से भी नीचे चला जाता है।

स्थानीय पवनों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है-(क) दैनिक स्थानीय पवन एवं (ख) क्षेत्रीय अथवा प्रादेशिक स्थानीय पवन। प्रादेशिक स्थानीय पवन को पुनः क्रमशः शीत एवं गर्म स्थानीय पवनों में विभाजित किया जा सकता है।

दैनिक स्थानीय पवन (Periodic Local Winds)

  • दैनिक स्थानीय पवनों के अंतर्गत स्थलीय एवं जलीय समीर तथा पर्वतीय एवं घाटी समीर आते हैं।

समुद्री एवं स्थलीय समीर (Sea and Land Breez)

  • ऊष्मा के अवशोषण तथा स्थानांतरण में स्थल व समुद्र में भिन्नता पाई जाती है।
  • दिन में स्थल भाग समुद्र की अपेक्षा अधिक गर्म हो जाते हैं। अतः स्थल पर हवाएं संवहनीय गति करती हैं तथा निम्न दाब क्षेत्र का निर्माण होता है जबकि समुद्र अपेक्षाकृत ठंडे रहते हैं और वहां उच्च वायुदाब बना रहता है। इससे समुद्र से स्थल की ओर दाब प्रवणता उत्पन्न होती है और पवनें समुद्र से स्थल की ओर समुद्री समीर के रूप में प्रवाहित होती हैं। रात्रि में इसके एकदम विपरीत प्रतिक्रिया होती है। स्थल समुद्र की अपेक्षा शीघ्र ठंडा होता है तथा दाब प्रवणता स्थल से समुद्र की तरफ होने पर स्थल समीर प्रवाहित होता है।

140dec14

पर्वत तथा घाटी समीर (Mountain and Valley Breez)

  • दिन के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में ढाल गर्म हो जाते हैं जिससे वायु ढाल के साथ ऊपर उठती है और इस स्थान को भरने के लिए वायु घाटी से बहने लगती है, इन पवनों कोघाटी समीरकहते हैं। रात्रि में पर्वतीय ढाल ठंडे हो जाते हैं और सघन वायु घाटी में नीचे उतरती है जिसे ‘पर्वतीय समीर’ कहते हैं।

असामयिक स्थानीय पवनें (Non-Periodic Local Winds)

  • प्रतिदिन दैनिक पवन परिसंचरण वाली स्थानीय पवनों को छोड़कर उन सभी पवनों को ‘असामयिक स्थानीय पवन’कहते हैं जिनकी उत्पत्ति विभिन्न भौगोलिक कारकों के कारण होती है। तापीय विशेषताओं के आधार पर कुछ प्रमुख स्थानीय पवनों का विवरण निम्नानुसार है-

140adec14