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भारतीय राष्ट्रपति की वियतनाम यात्रा

भारत के लिए वर्ष 2014 में सितंबर का महीना विदेश नीति के लिहाज से अत्यंत व्यस्त रहा। इस महीने कई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय दौरे संपन्न हुए। इन दौरों में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की वियतनाम यात्रा भी शामिल है। राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की सन्निकट और दूरस्थ पड़ोसियों को जोड़ने की नीति को आगे बढ़ाने के लिए वियतनाम का दौरा किया। राष्ट्रपति की यात्रा की भूमिका तैयार करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अगस्त, 2014 के अंत में वियतनाम की यात्रा पर गई थीं।

उल्लेखनीय है कि भारत और वियतनाम के बीच संबंध असाधारण रूप से मैत्रीपूर्ण और आभासिक रूप से किसी असहमति या टकराव से मुक्त हैं। ये संबंध प्राचीन चाम सभ्यता के समय से चले आ रहे हैं जब उड़ीसा के लोग वियतनाम गए थे और संस्कृतियों, रीति-रिवाजों, भाषा एवं आस्थाओं का आपस में विलय हुआ था। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा वियतनाम के क्रांतिकारी नेता हो ची मिन्ह (Ho Chi Minh) द्वारा रखी गई मजबूत नींव पर आधारित संबंधों में पिछले वर्षों में घातांकी वृद्धि हुई है। फ्रांसीसी ताकतों के विरुद्ध प्रसिद्ध डेन बेन फु संग्राम (Battle of Dien Bien Phu) में वियतनाम की विजय का जश्न मनाने के लिए पंडित नेहरू वर्ष 1954 में वियतनाम गए थे। इसके बाद वर्ष 1958 में हो ची मिन्ह भारत के दौरे पर आए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद वर्ष 1959 में वियतनाम के दौरे पर गए थे। दोनों देशों के मध्य उच्चस्तरीय दौरों में निरंतर वृद्धि हो रही है और वियतनाम के शीर्ष स्तर के लगभग सभी नेताओं ने भारत का दौरा किया है, इस संदर्भ में नवंबर, 2013 में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव न्गुयेन फु त्रोंग (Nguyen Phu Trong) की भारत की राजकीय यात्रा का उल्लेख भी किया जा सकता है। पिछले वर्षों में कई भारतीय नेता एवं मंत्री भी दक्षिण-पूर्व एशिया के इस देश के दौरे पर गए हैं।

 वियतनाम समाजवादी गणराज्य के राष्ट्रपति ‘त्रौंग टैन सैंग’ (Truong Tan Sang) के निमंत्रण पर भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी 14 से 17 सितंबर, 2014 तक वियतनाम के राजकीय दौरे पर रहे।

  •  इस दौरे पर राष्ट्रपति के साथ पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के अलावा संसद सदस्यों का एक बहुदलीय शिष्टमंडल भी गया था जिसमें प्रोफेसर के.वी. थॉमस, श्री पी.सी. मोहन, श्रीमती सुप्रिया सुले, श्री भार्त्रुहरि मेहताब, श्री प्रवेश साहिब सिंह एवं डॉ. पुन्नुस्वामी वेणुगोपाल शामिल थे।
  •  अपने इस दौरे पर राष्ट्रपति मुखर्जी ने वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव न्गुयेन फु त्रोंग, वियतनाम के प्रधानमंत्री न्गुयेन टैन डंग और वियतनाम की नेशनल असेम्बली के अध्यक्ष न्गुयेन सिन्ह हुंग से मुलाकात की।
  •  15 सितंबर, 2014 को भारतीय राष्ट्रपति और वियतनाम के राष्ट्रपति के मध्य द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई।
  •  इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुखर्जी ने ‘हो ची मिन्ह’ शहर स्थित आवासीय परिसर का दौरा किया और वियतनाम के राष्ट्रीय नायकों और शहीदों के स्मारक पर माल्यार्पण किया।
  •  दोनों राष्ट्रपतियों ने संयुक्त रूप से ‘हो ची मिन्ह राष्ट्रीय राजनीति एवं लोक प्रशासन अकादमी’ (Ho Chi Minh National Academy of Politics and Public Administration) में भारतीय अध्ययन केंद्र का उद्घाटन किया।
  •  16-17 सितंबर, 2014 को राष्ट्रपति मुखर्जी ने ‘हो ची मिन्ह’ शहर का दौरा किया तथा हो ची मिन्ह शहर की कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव ली थानहई और हो ची मिन्ह शहर जन समिति के अध्यक्ष ली होआंग क्वान से मुलाकात की।
  •  राष्ट्रपति मुखर्जी ने वियतनाम के राष्ट्रपति को बोधगया के पवित्र बोधि वृक्ष का एक पौधा भेंट किया।
  •  दोनों देशों के मध्य बौद्ध धर्म की साझी विरासत के प्रतीक के रूप में इस पौधे को वियतनाम के राष्ट्रपति महल में दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा संयुक्त रूप से लगाया गया।
  •   दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के मध्य आधिकारिक वार्ता मैत्री और परस्पर विश्वास के माहौल में संपन्न हुई।
  •  दोनों नेता राजनीतिक, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक सहयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति एवं जन-दर-जन संपर्क, तकनीकी सहयोग तथा बहुपक्षीय एवं क्षेत्रीय सहयोग पर विशेष बल के साथ सामरिक साझेदारी के आधार पर द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ एवं गहन करने पर सहमत हुए।
  •  दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार में हुई मजबूत वृद्धि का स्वागत किया तथा वर्ष 2020 तक 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यापार का और विस्तार करने एवं उसमें विविधता लाने के लिए व्यवसाय जगत से आग्रह किया।
  •  दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार में संभावित वृद्धि के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में पर्यटन, वस्त्र एवं कपड़ा, भेषज पदार्थ एवं कृषि की पहचान की।
  •  भारत ने किसी भारतीय विश्वविद्यालय में किसी सेमेस्टर में भाग लेने के लिए वियतनाम के छात्रों को ‘इंडिया कनेक्ट’ (India Connect) नाम की नई स्कीम के तहत 20 स्लॉट (Slot) की पेशकश की।
  •  राष्ट्रपति मुखर्जी ने बौद्ध महोत्सव सहित वियतनाम में भारत महोत्सव के आयोजन में वियतनाम सरकार द्वारा प्रदान की गई सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।
  •  भारत ने संशोधित एवं विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का लगातार समर्थन करने के लिए वियतनाम का आभार प्रकट किया।
  •  दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी (वर्ष 2020-2021 की अवधि के लिए वियतनाम तथा वर्ष 2021-2022 की अवधि हेतु भारत) हेतु अपने समर्थन की पुनः पुष्टि की।
  •   दोनों राष्ट्रपतियों की उपस्थिति में निम्नलिखित करारों/समझौता-ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गएः-
  •  सीमा शुल्क से जुड़े मामलों में सहयोग एवं परस्पर सहायता पर करार
  • इस करार के तहत दोनों देश सीमा शुल्क से संबंधित कानूनों को समुचित रूप से लागू करने तथा वैध व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क से जुड़े अपराधों को रोकने, जांच करने तथा इनका सामना करने में एक-दूसरे की मदद करेंगे।
  •  भारत के एक्जिम बैंक और वियतनाम समाजवादी गणराज्य की सरकार के बीच रक्षा खरीद के लिए 100 मिलियन डॉलर के ऋण पर एमओयू
  • इस समझौता-ज्ञापन में भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए रियायती ऋण का प्रावधान है।
  • पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के कृषि मंत्रालय तथा वियतनाम के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के बीच एमओयू
  •    इस समझौता-ज्ञापन में दोनों देशों द्वारा पशुओं, उनसे संबंधित उत्पादों तथा पशु प्रजनन सामग्रियों के व्यापार के कारण पशुओं की बीमारियों या संक्रमण के प्रसार से एक-दूसरे के भू-भाग की रक्षा करना शामिल है।
  • भारत में पंगासियस ब्रीडिंग एवं फार्मिंग (Pangasius Breeding and Farming) की स्थापना के क्षेत्र में सहयोग पर भारत के कृषि मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद तथा वियतनाम के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन मात्स्यिकी निदेशालय के बीच एमओयू
  • यह समझौता-ज्ञापन भारत में पंगासियस (Catfish) ब्रीडिंग एवं फार्मिंग की स्थापना और दोनों देशों के मध्य संयुक्त गतिविधियों, कार्यक्रमों तथा वैज्ञानिक सामग्री, सूचना एवं कार्मिकों के आदान-प्रदान के माध्यम से उससे संबद्ध गतिविधियों में सहयोग हेतु लक्षित है।
  • युवा मामलों में सहयोग पर भारत सरकार के कौशल विकास, उद्यमशीलता, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा वियतनाम के हो ची मिन्ह साम्यवादी युवा संघ की केंद्रीय समिति के मध्य एमओयू
  • यह एमओयू कार्यक्रमों, अनुभवों, कौशलों, तकनीकों, सूचना एवं ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन एवं बढ़ावा देने के माध्यम से युवा विकास के क्षेत्र में सहयोग हेतु लक्षित है।
  • ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, भारत तथा वियतनाम ऑयल एंड गैस ग्रुप (पेट्रो वियतनाम) के बीच मंशा पत्र
  • इस मंशा पत्र से ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग सुदृढ़ होगा और इस क्षेत्र में भावी सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।
  • जेट एयरवेज़ (भारत) और वियतनाम एयरलाइंस कंपनी लिमिटेड के मध्य समझौता-ज्ञापन
  • इस एमओयू के तहत दोनों देशों के मध्य संपर्क में सुधार हेतु जेट एयरवेज़ 5 नवंबर, 2014 से अपनी मुंबई-बैंकॉक उड़ान का हो ची मिन्ह शहर (वियतनाम) तक विस्तार करेगी। साथ ही वर्ष 2015 के प्रारंभ में वियतनाम एयरलाइंस भारत के लिए सीधी उड़ान सेवा प्रारंभ करेगी।
  • राष्ट्रपति मुखर्जी की यात्रा के अनुवर्तन (Follow-up) के रूप में वियतनाम के प्रधानमंत्री अक्टूबर, 2014 में भारत का दौरा करने के लिए सहमत हो गए हैं तथा उनके साथ एक विशाल व्यापारिक शिष्टमंडल आएगा।