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भारतीय प्रधानमंत्री की जापान यात्रा

भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण करने के पश्चात नरेंद्र मोदी ने निर्णय लिया था कि दक्षिण एशिया के बाहर उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा जापान की होगी और पदभार ग्रहण करने के 100 दिन के अंदर ही उन्हें अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर प्राप्त हो गया जब जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने उन्हें जापान यात्रा का निमंत्रण दिया। हालांकि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में श्री मोदी को दो बार जापान यात्रा का अवसर प्राप्त हुआ था। गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए पहली बार वे वर्ष 2007 में निवेश एवं व्यापारिक अवसरों की तलाश में जापान गए थे और शिंजो अबे से मुलाकात की थी जो उस दौरान भी जापान के प्रधानमंत्री थे। मोदी पुनः वर्ष 2012 में जापान के दौरे पर गए और अबे से मिले, हालांकि अबे उस समय सत्ता में नहीं थे। उस दौरे पर योशिहिको नोदा के नेतृत्व वाली डेमोक्रैटिक पार्टी की सरकार ने मोदी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था।

मोदी ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए जब कभी भी वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन (Vibrant Gujrat Summit) का आयोजन किया तो जापान एकमात्र ऐसा देश रहा जो इस शिखर सम्मेलन के सभी संस्करणों में भागीदार देश (Partner Country) के रूप में शामिल हुआ।

  •   भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अगस्त से 3 सितंबर, 2014 तक जापान की आधिकारिक यात्रा पर रहे।
  •  यह प्रथम अवसर था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने किसी एशियाई देश की राजकीय यात्रा पर पांच दिन व्यतीत किए।
  •   अपनी यात्रा के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री मोदी क्योटो पहुंचे जहां जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने उनका स्वागत किया तथा उनके सम्मान में रात्रि-भोज का आयोजन किया।
  •  श्री अबे व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी की आगवानी के लिए टोक्यो से क्योटो पहुंचे थे।
  •  30 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री मोदी तथा जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे की मौजूदगी में वाराणसी-क्योटो साझेदार शहर संबद्धता समझौता ज्ञापन (Varanasi-Kyoto Partner City Affiliation MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।
  •  इस समझौता-ज्ञापन पर भारत की ओर से जापान में भारत की राजदूत दीपा गोपालन वाधवा तथा जापान की ओर से क्योटो के मेयर राइसाको कादोकावा ने हस्ताक्षर किए।
  •  यह समझौता-ज्ञापन विरासत संरक्षण तथा कला, संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रित है।
  •   31 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने क्योटो में प्राचीन तोजी मंदिर (Toji Temple) के दर्शन किए।
  •  इस बौद्ध मठ की यात्रा के दौरान उनके साथ जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे भी थे।
  •  प्रधानमंत्री मोदी ने क्योटो में गोल्डन पविलियन-किंकाकू जी मंदिर’ (Golden Pavilion – the Kinkaku ji Temple) के भी दर्शन किए।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने क्योटो विश्वविद्यालय के ‘सेंटर फॉर आईपीएस सेल रिसर्च एंड एप्लीकेशन’ (CiRA : Center for iPS Cell Research & Application) का भी दौरा किया।
  •  31 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने क्योटो के गवर्नर और मेयर से भी मुलाकात की तथा उसके बाद टोक्यो के लिए रवाना हुए।
  •   1 सितंबर, 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में ताइमेई एलिमेंट्री स्कूल (Taimei Elementary School) का दौरा किया।
  • उल्लेखनीय है कि 136 वर्ष पुराना यह स्कूल वर्ष 1923 में 1 सितंबर के दिन ही भूकंप के फलस्वरूप नष्ट हो गया था।
  • 1 सितंबर को ही प्रधानमंत्री मोदी ने निप्पोन किडनरेन-जापानी वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर तथा जापान-भारत व्यवसाय सहयोग समिति (Nippon Kiedanren-the Japanese Chamber of Commerce and Industry and the Japan-India Business Cooperation Committee) द्वारा आयोजित लंच बैठक में कारोबारी समुदाय को संबोधित किया।
  •   1 सितंबर को शिंजो अबे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में टोक्यो स्थित आकासाका पैलेस (Akasaka Palace) में एक आधिकारिक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
  •   1 सितंबर, 2014 को नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के मध्य वार्षिक शिखर बैठक संपन्न। हुई जिसके बाद 56 बिंदुओं वाला एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया।
  • संयुक्त वक्तव्य के प्रमुख बिंदु निम्नवत हैं :-
  •  जापानी पक्ष ने गुजरात में 10 मेगावाट के एक कैनाल-टॉप ग्रिड कनेक्टेड सोलर फोटोवोल्टेइक पावर प्लांट (Canal-Top grid Connected Solar Photovoltaic Power Plant) की स्थापना की परियोजना के लिए जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA : Japan International Cooperation Agency) द्वारा एक संभाव्यता अध्ययन (Feasibility Study) आरंभ करने की घोषणा की।
  • दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 21वें अंतर्राष्ट्रीय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी मेले (IETF 2015) का साझेदार देश बनने पर जापान का स्वागत किया।
  •  दोनों पक्षों ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा ‘जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बैंक’ (JBIC) के बीच समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया।
  •  दोनों पक्षों ने उत्तर प्रदेश के मेजा में ‘सुपर क्रिटिकल कोल-फायर्ड पावर प्रोजेक्ट’ (Super Critical Coal-Fired Power Project) के लिए भारतीय स्टेट बैंक तथा ‘जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बैंक’ के बीच ऋण करार पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया।
  •  दोनों पक्षों ने भारत-जापान सामरिक एवं वैश्विक साझेदारी की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम के रूप में ‘दुर्लभ मृदा’ (Rare Earths) के उत्पादन हेतु इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) तथा टोयोटा त्सुशो कार्पोरेशन (TTC) के बीच वाणिज्यिक संविदा पर ठोस समझौता होने का स्वागत किया।
  • भारतीय पक्ष ने ‘विलेज बुद्धा’ (Village Buddha) नामक एक नई उप-परियोजना प्रारंभ करने की जापान की मंशा का स्वागत किया। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
  • भारतीय पक्ष ने मार्च, 2015 में सेंदई में जापान द्वारा आपदा जोखिम कटौती पर तीसरा यूएन विश्व सम्मेलन (Third UN World Conference on Disaster Risk Reduction) के प्रस्तावित आयोजन का स्वागत किया।
  • दोनों पक्षों ने महासागर और पृथ्वी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नया सहयोग प्रारंभ करने के लिए भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और ‘जापान समुद्री-पृथ्वी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एजेंसी’ (JAMSTEC) के बीच मंशा-पत्र पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया।
  •  दोनों पक्षों ने ‘जापान विज्ञान संवर्धन सोसायटी’ (JSPS) तथा भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (ICHR) के बीच और जेएसपीएस तथा भारतीय समाज विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के मध्य दो ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया।
  •  जापानी पक्ष ने जापान में भारत महोत्सव के आयोजन का स्वागत किया जो 3 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2014 तथा मार्च से मई, 2015 तक दो चरणों में आयोजित होने वाला है।
  •   1 सितंबर, 2014 को वार्षिक शिखर बैठक के पश्चात भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने 39 बिंदुओं वाले टोक्यो घोषणा-पत्र (TOKYO Declaration for India-Japan Special Strategic and Global Partnership) पर हस्ताक्षर किए।
  • टोक्यो घोषणा-पत्र के प्रमुख बिंदु निम्नवत हैं:-
  • दोनों पक्षों ने ‘भारत-अमेरिका मालाबार अभ्यास शृंखला’ में जापान की भागीदारी को नियमित बनाने के महत्त्व पर बल दिया।
  •  प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की फॉरेन एंड यूजर लिस्ट(Foreign End User List) में से अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र की 6 भारतीय संस्थाओं के नाम हटाने के जापान सरकार के निर्णय की प्रशंसा की।
  •  उल्लेखनीय है कि जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली ‘फॉरेन एंड यूजर लिस्ट’ जापान  के निर्यातकों को उन विदेशी कंपनियों या संगठनों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराती है जिन पर ‘सामूहिक विनाश के हथियारों’ को विकसित करने का शक होता है।
  • दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत को चार अंतर्राष्ट्रीय निर्यात नियंत्रण संगठनों यथा ‘परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह’ (Nuclear Suppliers Group), मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण संगठन (Missile Technology Control Regime), वासेनार अरेंजमेंट (Wassenaar Arrangement) और ऑस्ट्रेलिया समूह (Australia Group) का एक पूर्ण सदस्य बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपनी वचनबद्धता की पुष्टि की।
  •  दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘भारत-जापान निवेश संवर्धन भागीदारी’ (India-Japan Invest-ment Promotion Partnership) की घोषणा की जिसके तहत :
  • (क)     दोनों प्रधानमंत्रियों ने पांच वर्ष के भीतर भारत में जापान के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश तथा जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया जिसके लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
  • (ख)प्रधानमंत्री अबे ने आगामी पांच वर्षों में ‘ओवरसीज डेवलपमेंट असिस्टेंस’ (ODA) सहित भारत को जापान से प्राप्त सार्वजनिक एवं निजी निवेश तथा वित्तपोषण को 3.5 ट्रिलियन येन तक पहुंचाने की मंशा जताई। साथ ही, प्रधानमंत्री अबे ने भारत में एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी अवसंरचना परियोजना हेतु भारत अवसंरचना वित्त कंपनी लिमिटेड (IIFCL : India Infrastructure Finance Company Limited) को 50 बिलियन येन का ओडीए ऋण देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  •  प्रधानमंत्री अबे ने अहमदाबाद-मुंबई मार्ग पर जापान की ‘शिनकान्सेन प्रणाली’ (Shinkansen System) को प्रारंभ करने के लिए वित्तीय, तकनीकी और प्रकार्यात्मक सहायता प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की।
  •  ज्ञातव्य है कि शिनकान्सेन उच्च-गति की रेल प्रणाली है जिसे बुलेट ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है।
  •   2 सितंबर, 2014 को अपनी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ द सेक्रेड हार्ट (University of the Sacred Heart) में विशेष व्याख्यान दिया।
  •  2 सितंबर, 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने टीसीएस जापान प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक अकादमी (TCS Japan Technology and Cultural Academy) का उद्घाटन किया।
  •  यह अकादमी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और मित्शुबिशी कार्पोरेशन का संयुक्त उपक्रम है।
  •  2 सितंबर, 2014 को ही प्रधानमंत्री मोदी ने निक्केई इंक तथा ‘जापान विदेशी व्यापार संगठन’ (JETRO) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाषण दिया।
  •  2 सितंबर को ही प्रधानमंत्री मोदी ने जापान-भारत एसोसिएशन तथा ‘जापान-भारत संसदीय मैत्री लीग’ (Japan-India Parliamentary Friendship League) द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में भाषण दिया।
  •  2 सितंबर को ही प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में ‘विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र’ का उद्घाटन किया।
  •  2 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का एक अन्य आकर्षण जापान के सम्राट अकिहितो से उनकी मुलाकात रही।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने 2 सितंबर को टोक्यो में भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में भी भाग लिया।