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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महाराष्ट्र राज्य का दौरा

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उस देश के आधारभूत अवसंरचनात्मक ढांचे का मजबूत होना एक आवश्यक शर्त है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर हाल ही में गठित नई सरकार द्वारा औद्योगिक ढांचा, सड़क तंत्र, बिजली व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा तथा गुणात्मक शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी संदर्भ में अगस्त माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र राज्य के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कई आधारभूत अवसंरचनात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास किया। महाराष्ट्र राज्य के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बुनियादी ढांचे के विकास के नए तरीकों के लिए व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख किया जिसके तहत सड़कों, विद्युत ट्रांसमिशन लाइनों, गैस ग्रिडों और जल ग्रिडों का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क बनाया जाएगा।

सोलापुर-रायचूर ट्रांसमिशन लाइन
  • 16 अगस्त,2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 765 केवी (765 KV) की ‘सोलापुर-रायचूर ट्रांसमिशन लाइन’ (Solapur-Raichur Trans-mission Line) राष्ट्र को समर्पित की।
    इस लाइन के पूरा हो जाने से विद्युत की कमी से जूझ रहे कर्नाटक सहित दक्षिणी राज्यों को विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
    उल्लेखनीय है कि यह ट्रांसमिशन लाइन, दो ट्रांसमिशन लाइनों का हिस्सा है। पहली 765 केवी की ‘सोलापुर-रायचूर ट्रांसमिशन लाइन’ दिसंबर, 2013 में ही राष्ट्र को समर्पित की गई थी।
राष्ट्रीय राजमार्ग-9
  • 16 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी एक-दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH 9) के ‘पुणे-सोलापुर’ खंड की चार लेन (4 Lanes) वाली परियोजना राष्ट्र को समर्पित की।
    इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के सोलापुर-महाराष्ट्र/ कर्नाटक सीमा खंड (Solapur-Maharashtra/Karnataka Border Section) को चार लेन में बदलने के कार्य का भी शिलान्यास किया।
    उल्लेखनीय है कि एनएच-9 महाराष्ट्र राज्य को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से जोड़ता है। यह भारत में अत्यधिक घनत्व वाले प्रमुख यातायात गलियारों में से एक है जो उत्तरी और पश्चिमी भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है।
जेएनपीटी एसईजेड
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अगस्त, 2014 को नवी मुंबई (Navi Mumbai) स्थित शेवा (Sheva) में ‘जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट’ (जेएनपीटी) ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र’ (एसईजेड) की आधारशिला रखी।
    इसका विकास भी ईपीसी (Engineering Procurement & Construction : EPC) व्यवस्था के अंतर्गत जेएनपीटी-एसपीवी (JNPT-Special Purpose Vehicle) के जरिए 277 हेक्टेयर भूमि पर किया जाएगा।
    यह विशेष आर्थिक क्षेत्र एक ‘स्वतः-सतत एकीकृत विकास परियोजना’ (Self-Sustainable Integrated Development Project) के रूप में विकसित किया जाएगा।
    इसका निर्माण-कार्य तीन वर्षों में पूरा किया जाना है।
    इसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का सार्वजनिक-निजी निवेश किया जाएगा तथा इससे लगभग 1.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
    यह एसईजेड भारत के उभरते क्षेत्रों (Upcoming Sectors) के साथ सहयोग पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए मुक्त व्यापार क्षेत्र के साथ ही इंजीनियरिंग वस्तु क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स व हार्डवेयर क्षेत्र, गैर-परंपरागत ऊर्जा क्षेत्र, बहु-सेवा (सूचना तकनीक व स्वास्थ्य) क्षेत्र तथा परिधान एवं कपड़ा क्षेत्र को भी विकसित करेगा।
जेएनपीटी से राष्ट्रीय राजमार्ग तक बंदरगाह संपर्क राजमार्ग परियोजना
  1. 16 अगस्त, 2014 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट’ (JNPT) से राष्ट्रीय राजमार्ग तक बंदरगाह संपर्क सड़क को चौड़ा करने की परियोजना की भी आधारशिला रखी।
    यह परियोजना दिसंबर, 2017 तक पूरी की जानी है और इस पर 1926.57 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सागरमाला परियोजना
  • 16 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेएनपीटी में अपने संबोधन के दौरान कहा कि हमारी सरकार द्वारा ‘सागरमाला’ परियोजना की परिकल्पना की गई है।
    यह समुद्रतटीय राज्यों के लिए एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना है। इससे न केवल बंदरगाह का विकास होगा बल्कि बंदरगाह के जरिए भी विकास सुनिश्चित होगा जिसमें बंदरगाह, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और समुद्र तटक्षेत्र से रेल, सड़क, वायुमार्ग और जलमार्ग के जरिए संपर्क शामिल होगा।
    इसमें शीत भंडारण और अन्य भंडारण सुविधाओं के साथ संयोजन भी शामिल होगा।
    प्रधानमंत्री के अनुसार, समस्त विश्व व्यापार का दो-तिहाई और कंटेनर व्यापार का 50 प्रतिशत हिंद महासागर के जरिए होता है।
मौदा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट चरण-1
  • 21 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र राज्य के अपने दूसरे दौरे के दौरान नागपुर जिले के मौदा में ‘मौदा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट चरण-I’ (Mouda Super Thermal Power Project Stage-1) राष्ट्र को समर्पित किया।
    मौदा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट चरण-1 की कुल क्षमता 1000 मेगावाट (2×500 मेगावॉट) है।
    मौदा प्रथम चरण से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, जम्मू-कश्मीर और संघ शासित प्रदेश दमन एवं दीव, दादरा और नागर हवेली को बिजली की आपूर्ति की जाती है।
    यह नेशनल थर्मल पॉवर कॉर्पोरेशन (NTPC) का कोयला आधारित विद्युत संयंत्र है।
    मौदा संयंत्र का दूसरा चरण (1320 मेगावाट) निर्माणाधीन है।
    चरण-1 में 5,459 करोड़ रुपये के निवेश और चरण-2 में 7,921 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ ही मौदा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट महाराष्ट्र राज्य में एनटीपीसी (NTPC) के सबसे बड़े विद्युत केंद्र में तब्दील हो जाएगा।
नागपुर मेट्रो रेल परियोजना
  • 20 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा नागपुर मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दी गई।
    इस परियोजना में 38.21 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर होंगे जिनमें उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर करीब 19.65 किमी. लंबा होगा जो ‘ऑटोमेटिव स्क्वैयर’ (Automative Square) से मिहान (Mihan) तक जाएगा।
    पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर लगभग 18.55 किमी. लंबा होगा जो प्रजापति नगर (Prajapati Nagar) से लोकमान्य नगर (Lokmanya Nagar) तक जाएगा।
    परियोजना की कुल लागत 8,680 करोड़ रुपये है जिसमें भारत सरकार 1,555 करोड़ रुपये इक्विटी और सहायक ऋण के रूप में देगी।
    यह परियोजना ‘नागपुर मेट्रो रेल निगम लिमिटेड’ द्वारा पूरी की जाएगी जो भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार की संयुक्त कंपनी होगी।
    कंपनी के बोर्ड में 10 मनोनीत निदेशक होंगे। इनमें 5 भारत सरकार द्वारा और 5 महाराष्ट्र सरकार द्वारा मनोनीत होंगे।
    उल्लेखनीय है कि 22 फरवरी, 2012 को ‘नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट’ (NIT : Nagpur Improvement Trust) और ‘दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन’ (DMRC) के बीच नागपुर मेट्रो परियोजना के संदर्भ में हस्ताक्षर किए गए थे।