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चक्रवात हुदहुद

चक्रवात का निर्माण तब होता है जब वायु के गर्म होकर ऊपर उठ जाने के कारण किसी स्थान पर निम्न वायु दाब क्षेत्र का निर्माण हो जाता है और इस क्षेत्र के चारों तरफ के सापेक्षतः उच्च वायुदाब क्षेत्र से एक साथ हवाएं इस केंद्र को भरने के प्रयास में चक्राकार प्रवाहित होने लगती हैं। केंद्र के निम्न वायुदाब क्षेत्र को चक्रवात की आंख कहा जाता है। ऐसे चक्रवात जो न्यूनतम 62 किमी./घंटा की गति हासिल कर पाते हैं, वे ही चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) कहलाते हैं। अन्यथा इन्हें अवदाब (Depression) या गंभीर अवसाद (Deep Depression) की संज्ञा दी जाती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवात को चार वर्गों में विभाजित किया है(1) चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm)– वायुगति 62-87 किमी./घंटा, (2) खतरनाक चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm)- वायुगति 88-117 किमी./घंटा, (3) अत्यधिक खतरनाक चक्रवाती तूफान (Very Severe Cyclonic Storm) वायुगति 118-221 किमी./घंटा, (4) भीषण चक्रवाती तूफान (Super Cyclonic Storm) वायुगति 222 किमी./घंटा से अधिक। हिंद महासागर में उत्पन्न तूफान हुदहुद (Hudhud) हाल ही में भारत के पूर्वी तट पर टकराया।

  • 12 अक्टूबर, 2014 को हिंद महासागर में उत्पन्न तूफान ‘हुदहुद’ भारत के पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट से टकराया।
  • इस चक्रवात का नाम ‘हुदहुद’ओमान देश द्वारा दिया गया नाम है।
  • ‘हुदहुद’एक चिड़िया का नाम है। इसका वर्णन ‘कुरान’में भी है।
  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस तूफान की अधिकतम वायुगति 200 किमी./घंटा मापी गई, अतः इसे ‘अत्यधिक खतरनाक चक्रवाती तूफान’ (Very Severe Cyclonic Storm) माना गया।
  • उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 12 अक्टूबर को ही चक्रवाती तूफान ‘फैलिन’ भी भारत के पूर्वी तट पर टकराया था
  • चक्रवात हुदहुद साफिर-सिम्पसन स्केल (Saffir-Simpson Scale) के अनुसार ‘स्केल 4’ (Category-4) का चक्रवात था।
  • चक्रवात ‘हुदहुद’से सर्वाधिक प्रभावित राज्य आंध्र प्रदेश। अन्य प्रभावित राज्य ओडिशा, छत्तीसगढ़,झारखंड, मध्य प्रदेश और उ. प्र.रहे।
  • चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में सेना द्वारा राहत एवं बचाव कार्य के लिए‘ऑपरेशन लहर’(Operation Lehar) चलाया गया।
  • चक्रवात हुदहुद के भारत में टकराने के 25 दिनों बाद भारत के पश्चिम में ‘अरब सागर’ में 27 अक्टूबर को चक्रवात नीलोफर (Cyclone Nilofar) का पता चला।
  • चक्रवात नीलोफर के 31 अक्टूबर के दिन गुजरात तट से टकराने की संभावना थी। हालांकि यह चक्रवात टकराने से पहले ही कमजोर पड़कर ‘अरब सागर’ में ही समाप्त हो गया।
  • नीलोफर चक्रवात की अधिकतम वायुगति 185 किमी./घंटा रही। इसे भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा ‘अत्यधिक खतरनाक चक्रवाती तूफान’ (Very Severe Cyclonic Storm) की श्रेणी में रखा गया।
  • चक्रवात नीलोफर ‘साफिर-सिम्पसन श्रेणी’(Saffir-Simpson Scale) के अनुसार ‘श्रेणी 4’ का चक्रवात था।

जापान में टाइफून फेनफोन(Phanfone)और वोंगफोंग(Vongfong)

  • 4 अक्टूबर, 2014 को प्रशांत महासागरीय टाइफून ‘फेनफोन’ (Phanfone) जापान के दक्षिण-पूर्वी तट से टकराया।
  • जापान एवं उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में चक्रवात को ‘टाइफून’ (Typhoon) नाम से जाना जाता है।
  • इस तूफान की अधिकतम वायुगति 175 किमी./घंटा थी।
  • ‘साफिर-सिम्पसन स्केल’ पर इसे ‘श्रेणी-4’ (Category-4) का माना गया।
  • टाइफून ‘फेनफोन’ (Phanfone) से भू-स्खलन की घटनाएं भी घटीं जिनसे व्यापक जन-धन की क्षति हुई।
  • 12 अक्टूबर, 2014 को प्रशांत महासागरीय टाइफून ‘वोंगफोंग (Vongfong) दक्षिणी जापान तट से टकराया।
  • टाइफून वोंगफोंग की अधिकतम वायुगति 257 किमी./घंटा थी। जब यह जापान से टकराया तो कमजोर पड़ चुका था। उस समय इसकी अधिकतम गति मात्र 143 किमी./घंटा थी।
  • ‘साफिर-सिम्पसन स्केल’(Saffir-Simpson Scale) पर चक्रवात ‘वोंगफोंग’ को ‘श्रेणी-5’ (Category-5) का माना गया।

साफिर-सिम्पसन स्केल (Saffir-Simpson Scale)

  • यह स्केल वर्ष 1971 में हरबर्ट साफिर और बॉब सिम्पसन द्वारा विकसित किया गया।
  • यह वायुवेग के आधार पर तूफानों को पांच श्रेणियों में बांटती है-

     श्रेणी1          वायुवेग 119-153 किमी./घंटा

    श्रेणी-2          वायुवेग 154-177 किमी./घंटा

   श्रेणी-3          वायुवेग 178-209 किमी./घंटा

   श्रेणी-4          वायुवेग 210-249 किमी./घंटा

   श्रेणी-5         वायुवेग 249 किमी./घंटा से अधिक।