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आम चुनाव-2014 : चुनाव कार्यक्रम

नियत और नियमित अंतरालों पर होने वाले विश्वसनीय चुनाव किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा के समान होते हैं। भारत के संविधान का अनुच्छेद 324 संसद और राज्य विधायिकाओं हेतु चुनावों के अधीक्षण, नियंत्रण और निर्देशन का दायित्व निर्वाचन आयोग को देता है जबकि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 14 में लोक सभा के वर्तमान कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व नई लोक सभा के गठन हेतु प्रावधान है। 15वीं लोक सभा का कार्यकाल 31 मई, 2014 को समाप्त हो रहा है। अपने संवैधानिक और कानूनी दायित्वों के अनुसरण में निर्वाचन आयोग से 16वीं लोक सभा हेतु स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की अपेक्षा

  • 5 मार्च, 2014 को भारतीय निर्वाचन आयोग ने 16वीं लोक सभा की 543 सीटों हेतु चुनाव कराने के विस्तृत कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की।
  • चुनाव कुल 9 चरणों में संपन्न होंगे। उत्तर प्रदेश और बिहार में सर्वाधिक छः चरणों में मतदान होगा।
  • इन चुनावों में 1 जनवरी, 2014 तक अद्यतन मतदाता सूचियों के अनुसार, लगभग 814.5 मिलियन मतदाता हैं।
  • यह वर्ष 2009 के चुनावों से 100 मिलियन से भी अधिक है। वर्ष 2009 के आम चुनावों में लगभग 713 मिलियन निर्वाचक थे।
  • नामांकन के अंतिम दिन 3 बजे अपराह्न तक निर्वाचक नामावली के अद्यतन की प्रक्रिया जारी रहेगी।
  • 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 23 मिलियन से भी अधिक है जो कुल निर्वाचकों का 2.88% है जबकि वर्ष 2009 में इस आयु वर्ग में 0.75% निर्वाचक थे।
  • निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार लोक सभा चुनाव, 2014 में वीवीपीएटी (Voter Verifiable Paper Audit Trail : VVPAT) प्रणाली का भी प्रयोग होगा। यद्यपि यह VVPAT इकाइयों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
  • 27 सितंबर, 2013 को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में सबसे अंतिम उम्मीदवार के नाम के नीचे ‘नोटा’(None of The Above-NOTA) का विकल्प होगा।
  • किसी भी उपलब्ध उम्मीदवार को वोट न देने के इच्छुक मतदाता NOTA विकल्प का उपयोग कर सकेंगे।
  • 16वीं लोक सभा के गठन हेतु निर्वाचन ‘संसदीय एवं विधान सभा क्षेत्रों के परिसीमन आदेश 2008’ के आधार पर संपन्न होगा।
  • वर्ष 2009 का चुनाव भी वर्ष 2008 के परिसीमन (Delimitation) के ही आधार पर संपन्न हुआ था।
  • भारत सरकार द्वारा 28 Òरवरी, 2014 को जारी की गई अधिसूचना द्वारा चुनाव व्यय की अधिकतम सीमा में संशोधन कर दिया गया है।
  • अब अरुणाचल प्रदेश, गोवा और सिक्किम को छोड़कर सभी राज्यों तथा दिल्ली में प्रत्येक लोक सभा उम्मीदवार के लिए चुनाव व्यय की अधिकतम सीमा 70 लाख रु. है।
  • दिल्ली के अलावा अन्य केंद्रशासित प्रदेशों और अरुणाचल प्रदेश, गोवा तथा सिक्किम में प्रत्येक लोक सभा उम्मीदवार के लिए चुनाव व्यय की अधिकतम सीमा 54 लाख रु. है।
  • अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा राज्यों तथा पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश में विधान सभा चुनाव हेतु प्रति उम्मीदवार अधिकतम व्यय सीमा 20 लाख रु. है।
  • शेष राज्यों तथा दिल्ली में विधान सभा चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार हेतु अधिकतम व्यय सीमा 28 लाख रु. है।
  • तदनुसार आंध्र प्रदेश और ओडिशा हेतु प्रत्येक विधान सभा उम्मीदवार की अधिकतम व्यय सीमा 28 लाख रु. और सिक्किम तथा अरुणाचल प्रदेश हेतु 20 लाख रु. होगी।
  • 16 वीं लोक सभा के निर्वाचन के लिए कुल 9 मतदान दिवस तय किए गए हैं।

लोक सभा चुनाव 2014चुनाव दिवस एवं कार्यक्रम

कुल 9 कार्यक्रम
मतदान दिवस कार्यक्रम
मतदान दिवस
शामिल संसदीय निर्वाचन क्षेत्र
शामिल राज्य/संघ शासित क्षेत्र
अधिसूचना तिथि

1.

07 अप्रैल
6
2
14 मार्च
2.*
09 अप्रैल
7
5
15 मार्च
3.
10 अप्रैल
86
13
15 मार्च
3A.
10 अप्रैल
6
1
13 मार्च
4.
12 अप्रैल
5
3
19 मार्च
5.
17 अप्रैल
122
13
19 मार्च
6.
24 अप्रैल
117
12
29 मार्च
7.
30 अप्रैल
89
9
2 अप्रैल
8.
7 मई
64
7
12 अप्रैल
9.
12 मई
41
3
17 अप्रैल
सभी कार्यक्रमों में नामांकन की अंतिम तिथि, अधिसूचना तिथि के एक सप्ताह बाद की है।
सभी कार्यक्रमों के लिए मतगणना तिथि 16 मई, 2014 है।
* इस कार्यक्रम में शामिल मिजोरम लोकसभा क्षेत्र हेतु मतदान 11 अप्रैल, 2014 को संपन्न हुआ।
  • प्रथम मतदान दिवस 7 अप्रैल, 2014 तथा अंतिम मतदान दिवस 12 मई, 2014 है।
  • मतगणना 16 मई, 2014 को प्रारंभ होगी तथा 28 मई, 2014 तक निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
  • आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा सिक्किम विधान सभाओं के कार्यकाल क्रमशः 2 जून, 7 जून तथा 21 मई, 2014 को समाप्त हो रहे हैं।
  • आंध्र प्रदेश में 3 जून, ओडिशा में 8 जून तथा सिक्किम में 22 मई, 2014 से पूर्व नई विधान सभाओं का गठन अनिवार्य है। इसीलिए लोक सभा चुनावों के साथ ही इन राज्यों में विधान सभा के भी चुनाव संपन्न होंगे।
  • 6 मार्च, 2014 को अरुणाचल प्रदेश की विधान सभा के समयपूर्व भंग हो जाने के कारण अरुणाचल प्रदेश में भी लोक सभा चुनावों के साथ विधान सभा चुनाव 9 अप्रैल को संपन्न हुए।
  • 8 राज्यों में विधान सभा की 23 सीटों के लिए उपचुनाव भी 16वीं लोक सभा हेतु चुनावों के साथ ही संपन्न होंगे।
  • आंध्र प्रदेश में मतदान 30 अप्रैल तथा 7 मई को होगा। ओडिशा में मतदान 10 अप्रैल और 17 अप्रैल को तथा सिक्किम में मतदान 12 अप्रैल को संपन्न हुआ।
  • उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोक सभा सीटों हेतु छः चरणों का मतदान कार्यक्रम है।
  • 10 अप्रैल को 10 सीटों हेतु, 17 अप्रैल को 11 सीटों हेतु, 24 अप्रैल को 12 सीटों हेतु मतदान हुआ तथा 30 अप्रैल को 14 सीटों हेतु, 7 मई को 15 सीटों हेतु तथा 12 मई को शेष 18 सीटों हेतु मतदान होगा।
  • जम्मू और कश्मीर देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां 2014 लोक सभा चुनावों में सभी निर्वाचन बूथों को ‘धूम्रपान निषेध क्षेत्र’(No Smoking Zones) घोषित कर दिया गया है।

मल्टी एजेंसी ग्रिड की स्थापना

  • निर्वाचन आयोग ने लोक सभा और विधान सभा चुनावों में काले धन का प्रयोग रोकने हेतु उपाय के रूप में राजस्व और सुरक्षा संबंधी खुफिया एजेंसियों की एक मल्टी एजेंसी ग्रिड का निर्माण किया है।
  • अपनी तरह के इस प्रथम प्रयास में निर्वाचन आयोग द्वारा दस वित्तीय और सुरक्षा संबंधी खुफिया विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों का एक बोर्ड बनाया गया है। यह बोर्ड हफ्ते में दो बार बैठक कर काले धन पर रोक संबंधी निर्वाचन आयोग के उपायों के अनुरूप संदिग्ध धन के मामलों पर साझी सूचनाएं जुटाते हुए उनकी निशानदेही करेगा।
  • इस कार्य में लगाई गई एजेंसियों में आयकर आसूचना और जांच, वित्तीय आसूचना इकाई (FIU), राजस्व आसूचना निदेशालय, आर्थिक आसूचना ब्यूरो, नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल तथा रेलवे सुरक्षा बल की जासूसी शाखाएं शामिल हैं।
  • सीमा सुरक्षा बल की खुफिया इकाईयां पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर धन, जाली मुद्रा और मादक द्रव्यों के संचरण पर नजर रखेंगी जबकि भूटान और नेपाल सीमा पर यही कार्य सीमा सुरक्षा बल द्वारा किया जाएगा।