सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े का शुभारंभ

Launch of intense diarrhea control fortnight

भारत में पिछले दो दशकों में बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है। यह कमी इस अवधि के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और प्रतिरक्षण तक बच्चों की पहुंच बढ़ने से आई है। बावजूद इसके, एक आकलन के अनुसार, भारत में प्रति वर्ष 10.1 लाख बच्चों की मृत्यु होती है, जिसमें दस्त (Diarrhea) के कारण लगभग 1.1 लाख बच्चों की मृत्यु शामिल है। वैसे तो इस बीमारी की रोकथाम के लिए पहले से ही सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों में दस्त की रोकथाम के लिए कर्मचारियों के सेवा प्रावधान के साथ ही विटामिन ‘ए’ की आपूर्ति, शीघ्र स्तनपान की शुरुआत, पहले 6 माह तक बच्चों को केवल स्तनपान, समुचित पोषण जैसे उपाय लागू किए गए हैं फिर भी इस भयावह बीमारी से पूरी तरह निज़ात नहीं मिल सकी है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाल ही में भारत सरकार ने ‘सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े’ (IDCF) का शुभारंभ किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम की उम्मीद की जा रही है।

  • 14 जून, 2017 को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दस्त (Diarrhea) के कारण बच्चों की मौत की घटनाएं रोकने के सघन प्रयास के लिए सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े (IDCF-Intensitied Diarrhea Control Fortnight) का शुभारंभ किया।
  • मंत्रालय ने बच्चों के स्वास्थ्य के स्तर को दुनिया के स्वास्थ्य स्तर के समान लाने के लिए इसे राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया है।
  • मंत्रालय अपनी इस पहल के माध्यम से दस्त के नियंत्रण में निवेश को प्राथमिकता देने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों, राज्य सरकारों एवं अन्य हितधारकों को दस्त के नियंत्रण में निवेश को वरीयता देगा।
  • इसका लक्ष्य दस्त के सबसे सस्ते और सबसे प्रभावकारी उपचार ओआरएस घोल (ORS-Oral Rehydration Salf) और जिंक टेबलेट का इस्तेमाल करने की जनजागरूकता पैदा करना है।
  • पखवाड़े के दौरान गांव, जिला और राज्य स्तर पर स्वच्छता के लिए गहन समुदाय जागरूकता अभियान और ओआरएस एवं जिंक थिरेपी का प्रचार किया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 12 करोड़ बच्चों को शामिल किया जाएगा।
  • आशा कार्यकर्त्री गांवों में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों वाले घरों में ओआरएस के पैकेट्स का वितरण करेंगी।
  • स्वास्थ्य देखरेख केंद्रों और गैर-स्वास्थ्य देखरेख केंद्रों जैसे विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे।
  • कार्यकर्ताओं द्वारा ओआरएस घोल तैयार करने की विधि प्रदर्शन के साथ-साथ, खान-पान व स्वच्छता संबंधी परामर्श दिया जाएगा।
  • इस गतिविधि को भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों, विशेषकर शिक्षा, पंचायती राज संस्थान, महिला एवं बाल कल्याण, जल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि दस्त के कारण होने वाली लगभग सभी मौतों को ओआरएस घोल और जिंक गोलियों के इस्तेमाल तथा बच्चों को भोजन में पर्याप्त पोषक तत्व देकर रोका जा सकता है।

लेखक-राकेश कुमार मिश्रा