संचार क्षेत्र में तीन नई योजना का शुभारंभ

Three new schemes launched in the communications sector
  • पृष्ठभूमि
    कौशल अंतराल अध्ययन (Skill Gap Study) के अनुसार, वर्ष 2016-17 के मध्य भारत में दूरसंचार के क्षेत्र में 15 प्रतिशत की भारी वृद्धि होने का अनुमान है। इस क्षेत्र में वर्ष 2022 तक वर्ष 2013 की 208 लाख की श्रमशक्ति के बढ़कर 416 लाख हो जाने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार उद्योग से मुख्य रूप से प्रबंधकीय एवं पर्यवेक्षीय प्रोफाइल वाले बड़ी संख्या में नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। ये रोजगार खुदरा (Retail) एवं वितरण, सेवा संचालन एवं नेटवर्क और आईटी भूमिकाएं (प्रबंधित सेवाएं) जैसी बड़ी श्रेणियों में सृजित होंगे। दूरसंचार क्षेत्र में विनिर्माण में भी रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। इसी तथ्य के दृष्टिगत 24 मई, 2017 को संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने तीन योजनाओं नामतः पंडित दीन दयाल उपाध्याय कौशल विकास प्रतिष्ठान योजना एवं पंडित दीन दयाल उपाध्याय दूरसंचार कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार योजना का शुभारंभ किया। साथ ही भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की सैटेलाइट फोन सेवा का भी शुभारंभ किया।
  • पंडित दीन दयाल उपाध्याय संचार कौशल विकास प्रतिष्ठान योजना
  • यह प्रायोगिक (Pilot) योजना ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय’ के जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय संचार कौशल विकास प्रतिष्ठान’ की स्थापना के लिए प्रारंभ की गई है।
  • इन प्रतिष्ठानों की स्थापना दूरसंचार क्षेत्र के विकास हेतु प्रशिक्षित श्रमबल तैयार करने और देश के युवाओं के लिए आजीविका सृजन हेतु किया जा रहा है।
  • योजना के तहत विभिन्न ग्रामीण, पिछड़े एवं अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जाएगी जिन्हें ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय संचार कौशल विकास प्रतिष्ठान’ नाम दिया जाएगा।
  • प्रारंभ में योजना के प्रायोगिक चरण में ऐसे 10 केंद्रों की स्थापना की जाएगी और योजना के सफल रहने पर देश भर में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
  • योजना के प्रायोगिक चरण में 10000 अभ्यर्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा और योजना की सफलता के पश्चात देश भर के युवाओं को दूरसंचार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • प्रायोगिक चरण में ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय संचार कौशल विकास प्रतिष्ठान’ (PDDUSKUP) कौशल विकास केंद्र प्रत्यक्ष रूप से दूरसंचार विभाग (DOT) के अंतर्गत होंगे।
  • प्रायोगिक चरण के बाद यह योजना डीओटी एलएसए (DOT LSAs) द्वारा प्रबंधित किए जाएंगे।
  • यह केंद्र ‘राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क’ (NSQF) के अनुसार, कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
  • प्रायोगिक चरण में यह योजना उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा एवं पंजाब में कार्यान्वित की जाएगी।
  • इस योजना का वित्तपोषण दूरसंचार विभाग द्वारा किया जाएगा।
  • पंडित दीन दयाल उपाध्याय दूरसंचार कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार योजना
  • जो व्यक्ति कौशल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे उन्हें ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय दूरसंचार कौशल उत्कृष्टता पुरस्कार’ प्रदान किए जाएंगे।
  • एक स्वतंत्र चयन मंडल गठित किया जाएगा जो इस पुरस्कार के विजेताओं का चयन करेगा।
  • बीएसएनएल की सैटेलाइट फोन सेवा
  • भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने सैटेलाइट फोन सेवा की शुरुआत की है।
  • पहले चरण में यह सेवा आपदा प्रबंधन में संलग्न एजेंसियों, राज्य पुलिस, रेलवे, सीमा सुरक्षा बलों और अन्य सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
  • तत्पश्चात इस सेवा का विस्तार वायुयान एवं समुद्री जहाजों से यात्रा करने वाले व्यक्तियों तक किया जाएगा
    यह सेवा ‘इनमारसैट’ (INMARSAT) के माध्यम से प्रदान की जाएगी जिसमें 14 उपग्रहों का समूह है।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 1979 में संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में स्थापित ‘अंतरराष्ट्रीय मोबाइल सैटेलाइट संगठन’ (International Mobile Satellte Organization : INMARSAT) का भारत संस्थापक सदस्य है।
  • भारत में अब तक सैटेलाइट फोन सेवा टाटा कम्युनिकेशंस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही थी जिसे लाइसेंस विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) वर्तमान में (Tata Communications Limited : TCL) से प्राप्त हुआ था।
  • 30 जून, 2017 से टाटा कम्युनिकेंशस लिमिटेड (TCL) की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
  • अधिकृत सैटेलाइट फोन कनेक्शनों की संख्या 1532 है जो केवल भारत में संचालित हो सकते हैं।
  • टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने भी जहाजों पर उपयोग हेतु सैटेलाइट फोन सेवा के 4143 परमिट समुद्रीय समुदायों (Maritime Community) को जारी किए थे।
  • ये सभी कनेक्शन बीएसएनएल को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।
  • भारत ने विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) के अंतर्गत सैटेलाइट फोन सेवा के लिए ‘गेटवे (Gateway) की स्थापना पुणे में किया था।
  • निष्कर्ष
    भारत का संचार क्षेत्र तेजी से बढ़ता तकनीकी क्षेत्र है जिसमें हाई स्कूल से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट और दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी कौशल के विविध क्षेत्रों के श्रमबल की आवश्यकता है। वित्तीय वर्ष 2013 में अकेले भारतीय दूरसंचार क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 3 प्रतिशत का योगदान था। इस परिप्रेक्ष्य में पंडित दीन दयाल उपाध्याय कौशल विकास प्रतिष्ठान योजना के माध्यम से न केवल भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की प्रशिक्षित श्रमबल की आवश्यकता पूरी होगी बल्कि भारतीय युवाओं को आजीविका के साधन भी प्राप्त होंगे।

लेखक-नीरज ओझा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.