वैश्विक पवन रिपोर्ट, 2016

Global Wind Report 2016

विश्व में जलवायु परिवर्तन एवं विकास लक्ष्यों को पूरा करने में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन महत्वपूर्ण है। स्वच्छ ऊर्जा का तात्पर्य ऐसी ऊर्जा उत्पादन इकाईयों से है जिससे जलवायु पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ऐसे में पवन ऊर्जा का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। पवन ऊर्जा की उपयोगिता को ध्यान में रखकर समय-समय पर वैश्विक पवन ऊर्जा परिषद द्वारा वार्षिक रिपोर्ट जारी किया जाता है। इसी क्रम में ‘वैश्विक पवन ऊर्जा परिषद’ (Global Wind Energy Council : GWEC) ने वैश्विक पवन रिपोर्ट, 2016 जारी की है।

  • जी.डब्ल्यू.ई.सी. के महासचिव ‘स्टीव सायर’ के अनुसार, पवन ऊर्जा के उत्पादन द्वारा विश्व, स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015 से 2016 के मध्य विश्व में स्वच्छ नवीकरणीय ऊर्जा में 54 गीगावॉट से अधिक पवन ऊर्जा स्थापित की गई।
  • वर्ष 2016 में 54 गीगावॉट से अधिक पवन ऊर्जा स्थापित करने में 90 देश शामिल रहे।
  • विश्व में 9 ऐसे देश हैं जिन्होंने 10,000 मेगावॉट से अधिक पवन ऊर्जा को स्थापित किया (वर्ष 2015-16)।
  • विश्व में 29 ऐसे देश हैं जिन्होंने 1000 मेगावॉट से अधिक पवन ऊर्जा स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है।
  • विश्व में कुल पवन ऊर्जा क्षमता वर्ष 2016 के अंत तक 486.8 गीगावॉट है।
  • वैश्विक पवन ऊर्जा क्षमता के अनुसार, वर्ष 2016 में 12.6 प्रतिशत पवन ऊर्जा में वृद्धि दर्ज की गई।
  • जी.डब्ल्यू.ई.सी. के लक्ष्य के अनुसार, वर्ष 2021 के अंत तक 800 गीगावॉट पवन ऊर्जा की संचयी क्षमता स्थापित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 75 गीगावॉट पवन ऊर्जा में वृद्धि करने की आवश्यकता है।
  • वैश्विक पवन ऊर्जा परिषद द्वारा वर्ष 2017 में 60 गीगावॉट नई पवन ऊर्जा की स्थापना का अनुमान लगाया गया है।
  • वैश्विक पवन रिपोर्ट, 2016 के आधार पर, क्षेत्रीय पवन ऊर्जा उत्पादन के वितरण में एशिया वर्ष 2016 तक 203643 मेगावॉट पवन ऊर्जा उत्पादन के साथ शीर्ष पर है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 के अंत तक विश्व में पवन ऊर्जा के उत्पादन में 168690 मेगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता के साथ चीन शीर्ष पर है।
  • वर्ष 2015 से 2016 के मध्य विश्व में पवन ऊर्जा क्षमता में सर्वाधिक वृद्धि (23328 MW) चीन में हुई।
  • विभिन्न देशों के बाजारों में पवन ऊर्जा की भागीदारी के अनुसार, डेनमार्क 40 प्रतिशत पवन ऊर्जा में वृद्धि के साथ शीर्ष पर है।
  • आयरलैंड अपनी कुल ऊर्जा उत्पादन का 20 प्रतिशत से अधिक पवन ऊर्जा द्वारा प्राप्त करता है।
  • चीन, अमेरिका और कनाडा अपनी कुल ऊर्जा उत्पादन का क्रमशः 4 प्रतिशत, 5.5 प्रतिशत तथा 6 प्रतिशत ऊर्जा, पवन ऊर्जा द्वारा प्राप्त करते हैं।
  • दिसंबर, 2016 तक पवन ऊर्जा की वैश्विक संचयी क्षमता में प्रतिशतता के अनुसार पांच बड़े देशों में चीन (34.7%), यू.एस.ए. (16.9%), जर्मनी (10.3%), भारत (5.9%) तथा स्पेन (4.7%) हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2016 के मध्य विश्व में नई पवन ऊर्जा स्थापित करने में प्रतिशतता के अनुसार पांच शीर्ष देशों में क्रमशः चीन (42.7%), यू.एस.ए. (15%), जर्मनी (10%), भारत (6.6%) तथा ब्राजील (3.7%) है।
  • वैश्विक पवन रिपोर्ट, 2016 के अनुसार, भारत विश्व में पवन ऊर्जा की संचयी क्षमता एवं वर्ष 2016 के मध्य विश्व में नई पवन ऊर्जा स्थापित करने के मामले में संयुक्त रूप से चतुर्थ स्थान पर है।
  • विश्व में क्षेत्रीय पवन ऊर्जा उत्पादन में सबसे कम योगदान अफ्रीका एवं मध्य पूर्व का है यहां की वर्ष 2016 तक पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता मात्र 3906 मेगावॉट थी।

लेखक-प्रभात सिंह 

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