‘विसरानाई’ ऑस्कर, 2017 में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि

India's official entry to the Oscars in 2017 Visrjni

ऑस्कर अवॉर्ड विश्व में फिल्म उद्योग जगत का अत्यधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इसकी शुरुआत वर्ष 1929 में हुई। इसे ऑस्कर नाम बाद में दिया गया, पहले यह ‘एकेडमी अवॉर्ड्स ऑफ मेरिट’ के नाम से जाना जाता था। ये अवॉर्ड्स ‘एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंस’ नामक लाभकारी संगठन द्वारा प्रदान किया जाता है। हाल ही में वेत्रीमारन द्वारा निर्देशित और अभिनेता धनुष अभिनीत तमिल थ्रिलर फिल्म ‘विसरानाई’ को 89वें ऑस्कर, 2017 के लिए ‘फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी’ में भारत की ओर से आधिकारिक प्रविष्टि मिली है।

  • ऑस्कर के लिए भारत की तरफ से चुनी जाने वाली यह नौवीं फिल्म है। इससे पहले तमिल फिल्म की श्रेणी में ‘हे राम’ को वर्ष 2000 में नामित किया गया था।
  • यह फिल्म वर्ष 2015 में सर्वश्रेष्ठ तमिल फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ संपादन के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी है।
  • फिल्म के निर्देशक वेत्रीमारन ने फिल्म की पटकथा खुद लिखी है, जो कोयम्बटूर के ऑटो ड्राइवर एम. चंद्रकुमार द्वारा लिखे नॉवेल ‘लॉक-अप’ पर आधारित है।
  • जिस नॉवेल पर फिल्म बनी है वह लेखक एम. रामचंद्रन की आप बीती है। आंध्र प्रदेश में काम करने के दौरान वर्ष 1983 में उन्हें एक झूठे केस में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
  • ‘विसरानाई’ पुलिस की बर्बरता, भ्रष्टाचार और अन्याय को दिखाती है। फिल्म में चार मजदूरों की कहानी को दिखाया गया है जिन्हें पुलिस गिरफ्तार कर लेती है और उसके बाद शुरू होता है लॉक-अप में पुलिस का बेरहम और क्रूर रवैया।
  • वर्ष 2015 में 72वें वेनिस फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म का प्रीमियर किया गया था, जहां पर इसने एमेनेस्टी इंटरनेशनल इटैलिया अवॉर्ड जीता।
  • वर्ष 2009 में स्लमडॉग मिलेनियर को 8 ऑस्कर अवॉर्ड मिले।
  • संगीतकार, ए.आर. रहमान को संगीत (Music)-ओरिजनल स्कोर (Original Score), ओरिजनल सांग (Original Song)- जय हो, के लिए, जय हो गीत के बोल, हेतु गुलजार को तथा साउंड मिक्सिंग के लिए रेसुल पूकुट्टी (Resul Pookutty) को यह अवॉर्ड दिया गया।
  • ध्यातव्य है कि भानू अथइया को वर्ष 1983 में, गांधी फिल्म के लिए बेस्ट कास्ट्यूम डिजाइन (Best Costume Design) श्रेणी का ऑस्कर अवॉर्ड दिया गया था।
  • वर्ष 1992 में सत्यजीत रे को मानद् पुरस्कार (Honorary Award) से सम्मानित किया गया।

लेखक-राकेश कुमार मिश्रा