विश्व सैन्य व्यय प्रवृत्ति, 2016

World military expenditure trend

भूमिका
वर्तमान विश्व परिदृश्य में सैन्य शक्ति बनने की होड़-सी लगी हुई है। आज सैन्य शक्ति, सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक राजनैतिक हितों को साधने का भी एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गई है। वर्तमान विश्व में क्षेत्रीय तनावों/युद्धों तथा आर्थिक अस्थिरता के आलोक में सैन्य व्यय प्रवृत्ति के विश्लेषण पर आधारित ‘विश्व सैन्य व्यय प्रवृत्ति, 2016’ (Trends in World Military Expenditure, 2016) रिपोर्ट 24 अप्रैल, 2017 को ‘स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान’ (SIPRI) द्वारा जारी की गई।

  • यह रिपोर्ट क्षेत्रीय विश्लेषण के साथ-साथ देश विशेष के सैन्य व्यय की प्रवृत्ति को भी प्रदर्शित करती है।
  • इस रिपोर्ट में विभिन्न देशों के सैन्य व्यय का वर्ष 2007 से 2016 के मध्य का तुलनात्मक विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया है।
  • सकल विश्व प्रवृत्ति
  • वर्ष 2016 में सकल विश्व सैन्य व्यय 1686 बिलियन डॉलर रहा।
  • यह वर्ष 2016 में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 2.2 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2016 में सकल विश्व सैन्य व्यय में वर्ष 2015 की तुलना में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • वर्ष 2016 में सर्वाधिक सैन्य व्यय की दृष्टि से शीर्ष पांच राष्ट्र हैं-1. संयुक्त राज्य अमेरिका, 2. चीन, 3. रूस, 4. सऊदी अरब तथा 5. भारत।
  • वर्ष 2016 में अमेरिका का सैन्य व्यय 611 बिलियन डॉलर रहा और इसमें वर्ष 2015 की तुलना में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
  • पिछले पांच वर्षों से सैन्य व्यय में लगातार गिरावट दर्ज किए जाने के बाद यह पहला अवसर है जब अमेरिका के सैन्य व्यय में वृद्धि हुई।
  • वर्ष 2016 में अमेरिका ने विश्व के कुल सैन्य व्यय का 36 प्रतिशत अकेले व्यय किया।
  • चीन की तुलना में अमेरिका का सैन्य व्यय तीन गुना अधिक है।
  • वर्ष 2016 के उत्तरार्द्ध में रूस के सैन्य व्यय में अप्रत्याशित वृद्धि तथा सऊदी अरब के सैन्य बजट में अत्यधिक कटौती के कारण सर्वाधिक सैन्य व्यय करने वाले देशों की सूची में रूस तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 की सूची में सऊदी अरब तीसरे जबकि रूस चौथे स्थान पर था।
  • एशिया एवं ओशिनिया, यूरोप (मध्य, पूर्वी तथा पश्चिमी) तथा उत्तरी अमेरिकी क्षेत्र में सैन्य व्यय में वृद्धि हुई।
  • जबकि अफ्रीका, मध्य अमेरिका तथा कैरेबियन और दक्षिण अमेरिका के सैन्य व्यय में कमी देखने को मिली।
  • सैन्य व्यय : एशिया एवं ओशिनिया क्षेत्र की प्रवृत्ति
  • वर्ष 2016 में एशिया एवं ओशिनिया का सैन्य व्यय 450 बिलियन डॉलर (वर्ष 2015 की तुलना में 4.6% की वृद्धि) रहा।
  • वर्ष 2016 में विश्व में सर्वाधिक सैन्य व्यय करने वाले शीर्ष 15 देशों में से 5 (चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया एवं ऑस्ट्रेलिया) एशिया एवं ओशिनिया क्षेत्र के हैं।
  • इस क्षेत्र में चीन सर्वाधिक सैन्य व्यय करने वाला देश रहा।
  • वर्ष 2016 में चीन का सैन्य व्यय 215 बिलियन डॉलर रहा, जो इस क्षेत्र के कुल सैन्य व्यय का 48 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2007-2016 के मध्य विश्व में चीन के सैन्य व्यय में सर्वाधिक वृद्धि (118%) देखने को मिली।
  • इस दृष्टि से रूस (87%) दूसरे एवं भारत (54%) तीसरे स्थान पर रहा।
  • भारत का सैन्य व्यय
  • वर्ष 2016 में भारत का सैन्य व्यय 55.9 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 2.5 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2009 के बाद से वर्ष 2016 में भारत के वार्षिक सैन्य व्यय में हुई सबसे बड़ी वृद्धि के कारण भारत, विश्व के सर्वाधिक सैन्य व्यय करने वाले देशों की सूची में 7वें स्थान (वर्ष 2015 की संशोधित सूची के अनुसार) से 5वें स्थान पर पहुंच गया।
शीर्ष 5 देशों के सैन्य व्यय की प्रवृत्ति
रैंकदेश व्ययपरिवर्तनव्यय का GDP में हिस्सा (%)
20162015 (संशोधित)2016 (बिलियन डॉलर)2007-2016 (%)20072016
1.1.सं.रा. अमेरिका611-4.83.83.3
2.2.चीन2151181.91.9
3.4.रूस69.2873.45.3
4.3.सऊदी अरब63.7208.510
5.7.भारत55.9542.32.5

लेखक-सौरभ मेहरोत्रा