विंग्स, 2017-सब उड़ें, सब जुड़ें

Wings, 2017-Fly All, Join All

वायु परिवहन अन्य परिवहन की तुलना में सर्वाधिक आधुनिक एवं तीव्रगामी साधन है। भारत में वायुयानों की प्रायोगिक उड़ान वर्ष 1911 में प्रारंभ हो गई थी, परंतु वायु परिवहन की वास्तविक शुरुआत वर्ष 1927 में नागरिक उड्डयन विभाग की स्थापना के साथ ही हो पाया। भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। जिसके माध्यम से आंतरिक एवं पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय देशों की सेवा आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है। अभी हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए विंग्स, 2017-सब उड़ें, सब जुड़ें के प्रथम संस्करण का आयोजन किया गया है।

  • 7 जुलाई, 2017 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पी. अशोक गजपति राजू की अध्यक्षता में नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा ‘विंग्स, 2017-सब उड़ें, सब जुड़ें बढ़ती क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के प्रथम संस्करण का आयोजन किया।
  • विंग्स, 2017 में लगभग 338 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • विमानन क्षेत्र के प्रमुख भागीदारों जैसे राज्य सरकार, पर्यटन विभाग, भ्रमण संचालक, विमान कंपनियां, हवाई अड्डा संचालन कंपनियां, कार्गो कंपनियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
  • उड्डयन क्षेत्र के अंतर्गत राज्य सरकारें एक प्रमुख भागीदार हैं और वे अपने राज्यों के अंदर सहित राज्य के बाहर भी उड्डयन क्षेत्र का विस्तार करना चाहती हैं।
  • इस दौरान 19 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्र सरकार द्वारा ‘आरसीएस-उड़ान’ के अंतर्गत दी जा रही सुविधाओं के अतिरिक्त प्रोत्साहन के लिए विशेष पैकेज प्रदान करने का आश्वासन दिया।
  • विंग्स, 2017 की उपलब्धियों में प्रमुख हैं-नए मार्गों की पहचान और विक्रय, गंतव्य स्थान और सबसे बढ़कर पूरे देश के नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाना।
  • क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की अगले दो वर्षों में 50 हवाई अड्डों को पुनर्जीवित करने और संचालित करने की योजना है।
  • पिछले 70 वर्षों के दौरान कुल 75 हवाई अड्डे संचालन में रहेंगे जबकि मात्र एक वर्ष में 33 हवाई अड्डों को नियमित उड़ानों के लिए शामिल किया जा रहा है।
  • भारत नागरिक उड्डयन प्रक्षेत्र में विश्व का नौवां सबसे बड़ा बाजार है।
  • वर्ष 2020 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।
  • क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की अगले दो वर्षों में 50 हवाई अड्डों को पुनर्जीवित करने और संचालित करने की योजना है।
  • 7 जुलाई, 2017 को विंग्स, 2017- ‘सब उड़ें, सब जुड़ें’ बढ़ती क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के प्रथम संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।
  • विंग्स, 2017 (Wings, 2017) की प्रमुख उपलब्धियों में नए मार्गों की पहचान और विक्रय, गंतव्य स्थान तथा पूरे देश में नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाना है।
  • भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा अगले दो वर्षों में 50 हवाई अड्डों का पुनरुद्धार कर संचालित करने की योजना है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत, नागरिक उड्डयन क्षेत्र में विश्व का नौवां सबसे बड़ा बाजार है।
  • वर्ष 2020 तक भारत के इस क्षेत्र में विश्व का तीसरा बड़ा बाजार होने की संभावना है।

लेखक-प्रभाकांत शुक्ल