वन बेल्ट वन रोड पहल में लाटविया शामिल

one belt one road initiative

4 नवंबर, 2016 को लाटविया, चीन के चर्चित ‘वन बेल्ट वन रोड पहल’ (One Belt One Road Initiative) में शामिल होने वाला बाल्टिक क्षेत्र का पहला देश बना।

  • इससे संबंधित समझौता-ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर रीगा (लाटविया की राजधानी) में चीनी प्रधानमंत्री ली किक्यांग (Li Keqiang) और उनके लाटवियन समकक्ष मैरिस कुसिंसकिस (Maris Kucinskis) की मुलाकात के बाद किए गए।
  • ‘वन बेल्ट वन रोड पहल’ चीन की अति-महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके माध्यम से वह अफ्रीका, एशिया और यूरोप में अपने रणनीतिक एवं व्यापारिक संपर्क को बढ़ाना चाहता है।
  • इस पहल के दो तत्व हैं-
    (1) सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट और (2) 21वीं सदी की मेरीटाइम सिल्क रोड।
  • ध्यातव्य हो कि इस पहल की रूपरेखा वर्ष 2013 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) द्वारा प्रस्तुत की गई थी।
  • इस पहल के माध्यम से चीन वैश्विक मामलों में एक विश्व शक्ति बनने का प्रयास कर रहा है।
  • उल्लेखनीय है कि तीन देश-एस्टोनिया (Estonia), लाटविया (Latvia) और लिथुआनिया (Lithuania) को संयुक्त रूप से बाल्टिक राज्य (Baltic State) के रूप में जाना जाता है।
  • बाल्टिक सागर से स्वीडन, फिनलैंड, एस्टोनिया, रूस, लिथुआनिया, लाटविया, पोलैंड, जर्मनी और डेनमार्क देश जुड़े हैं, जबकि बाल्टिक सागर राज्य परिषद में इनके अतिरिक्त नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य यूरोपियन यूनियन के राष्ट्र सम्मिलित हैं।

लेखक-श्याम सुन्दर यादव